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मुरार नदी- ठेकेदार ने -जनभागीदारी के कार्यों को बताया अपना, निगम ने भुगतान से किया मना

ग्वालियर। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत मुरार नदी के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। मुरार नदी में साफ पानी बहाने के लिए पूर्व में जनभागीदारी से कई कार्य किए गए थे। इन कार्यों को ठेकेदार ने अपना बताकर इसके भुगतान के लिए बिल लगा दिए। नगर निगम ने इस कार्य के भुगतान के लिए मना कर दिया है। जिसके कारण ठेकेदार ने पूर्व में काम भी बंद कर दिया था, लेकिन बाद में नगर निगम द्वारा इस भुगतान को करने से मना कर दिया, जिसके बाद फिर से ठेकेदार ने काम शुरू किया है।
सफाई के कार्य पर टकराव
स्वच्छ भारत अभियान के तहत नदियों को साफ करने के भी अंक रखे गए हैं, इसके चलते नगर निगम ने पिछले दो सालों में मुरार पुल के आसपास नदी को साफ करने का कार्य किया था, इसके लिए जनभागीदारी से वॉलंटियर जुटाए गए थे, जिसके बाद नगर निगम आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों एवं आमजनों ने मिलकर मुरार नदी को साफ किया जा रहा है, रमौना बांध से लेकर हाईवे पुल तक कंपनी के द्वारा तटबंध बनाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर हुरावली से लेकर सनवेली तक आमजनों ने नदी को स्वच्छ करने का कार्य किया है। यहां पर लोगों ने 25 बीघा शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर 2000 पौधे लगाए हैं, जो कि अब वृक्ष का रूप ले चुके हैं। इसके साथ ही नदी में कोई कचरा नहीं डाल सके इसके लिए तार फेंसिंग कराई गई है। इसके साथ ही यहां पर युवा पार्क भी बनाए गए हैं, जिसमें बच्चे नदी किनारे आकर खेल सकते हैं। साथ ही दो घाट कृष्णा एवं राम घाट भी बनाए गए हैं। इन सारे कार्यों को ठेकेदार ने अपना बताकर इसके भुगतान के लिए बिल लगा दिए थे। भुगतान नहीं होने पर ठेकेदार ने कुछ समय के लिए कार्य भी बंद कर दिया था। बाद में विरोध होने पर ठेकेदार को नगर निगम ने भुगतान देने से मना कर दिया।
आपने कहा
मुरार नदी को साफ करने के लिए जनभागीदारी से अभियान चलाया जा रहा है, इसमें हुरावली से लेकर सनवेली तक नदी को साफ किया गया है। इसे ठेकेदार ने अपना बताकर भुगतान लेने का प्रयास किया था।
मुन्नालाल गोयल पूर्व विधायक

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