जूडो की हड़ताल के 6वें दिन मरीज कटवा रहे डिस्चार्ज टिकट
ग्वालियर । भले ही विकल्प के तौर पर स्वास्थ्य विभाग के लगभग डेढ़ दर्जन डॉक्टरों ने जेएएच की चिकित्सा व्यवस्था में हाथ बंटाना शुरू कर दिया हो , लेकिन तीन सैकड़ा से भी अधिक जूडा और रेजीडेंट डॉक्टरों के काम से अलग हो जाने के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा के हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं । कई गंभीर मरीज यहां से डिस्चार्ज लेकर प्रायवेट अस्पतालों का रुख कर रहे हैं , वहीं जिनके ऑपरेशन होना है , वह भी परेशान हैं और यहां से निकलने को तैयार बैठे हैं । भले ही अस्पताल प्रबंधन सारी व्यवस्थाएं चाक चौबंद होने की बात ठोक बजाकर कर रहा , लेकिन हालात इसके ठीक विपरीत हैं , यही नहीं डॉक्टरों की संख्या को देखकर खुद इस सच का अंदाजा लगाया जा सकता है । शासन और जूडा के बीच जो दीवार बनी है , वह फिलहाल तो टूटती दिखाई नहीं दे रही , यानि लोगों को बड़ी दिक्कत का सामना लंबे समय तक करना पड़ सकता है । रेजीडेंट डॉक्टरों को बर्खास्त करने के बाद शासन और डॉक्टरों के बीच खींचतान और लंबी हो गई है । उल्लेखनीय है कि जेएएच अस्पताल की ख्याति अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में होती है , ऐसे में केवल स्थानीय ही नहीं , बल्कि बाहर दूरदराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं । ऐसे में हालात और ज्यादा बिगड़ रहे । यह किसी से छिपा नहीं है कि जेएएच की चिकित्सा व्यवस्था का आधार ही जूनियर डॉक्टर हैं , ऐसे में यहां सतत उपचार कैसे संभव है । हालात यह हैं कि मरीजों को ओपीडी सुविधा नहीं मिल पा रही , वहीं आज फिर भर्ती मरीज इंजेक्शन और दवा को तरसते दिखे , वहीं जिनके ऑपरेशन की तारीख निकलती जा रही है , वह भी नर्स व अन्य स्टाफ से जानकारी मांगते दिखाई दिए । उधर जांच भी पूरी तरह बंद हैं । यह भी उपचार न मिल पाने में 7 बड़ी रुकावट है । यह बताई जा रही भर्ती मरीजों की संख्या मल्टी सुपर स्पेशलिटी में 46 कोरोना न संक्रमित , ब्लैक फंगस वार्ड में 56 , मेडिसन आईसीयू में 70 , कार्डियक यूनिट में 60 के साथ ही न्यूरो ने न्यूरोसर्जरी , ट्रॉमा सेंटर , पीडियाट्रिक , गायनिक सहित नॉन कोविड वाडों में लगभग पांच सैकड़ा मरीज उपचार के व लिए बीते कई दिनों से भर्ती है ।
शाम को नुक्कड़ नाटक
प्रदर्शन के बाद शाम को नुक्कड़ नाटक जूनियर डॉक्टरों ने आज भी अस्पताल कैंपस में प्रदर्शन कर विरोध जताया । वहीं आज शाम जेएएच कैंपस में स्थित वार्डो के बाहर नुक्कड़ नाटक कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे ।
हर संभव प्रयास
आपने कहा मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो इसका हर संभव प्रयास किया जा रहा है । सारी व्यवस्थाएं चाकचौबंद हैं । इन्हें और सुधारा जाएगा , उधर स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की भी सेवाएं ली जा रही हैं ।
डॉ . समीर गुप्ता, डीन

