बेकाबू कार ने श्रमिक महिला को कुचला, मौके पर ही मौत
ग्वालियर. मांडरे की माता की ओर आ रही बेकाबू हुंडई कार ने गजराराजा मेडीकल कॉलेज के सामने श्रमिक को कुचलते हुए निर्माणाधीन नाले में जा गिरी जिसमें श्रमिक महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने महिला को जेएएच पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों महिला श्रमिक को मृतक घोषित कर दिया।
निर्माणाधीन नाले में गिरी कार को यातायात पुलिस ने क्रेन से कार को वापिस निकाला जिसे कम्पू पुलिस ने जब्त कर लिया प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही कर रही है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक लीलावती बाई नाम की महिला खाना बनाने का काम करती है। वह अपने काम पर से पैदल लौटकर कर अपने घर गिरवाई जा रही थी। दोपहर के समय कंपू की ओर से आई तेज रफ्तार कार ने महिला को अपनी चपेट में ले लिया। कार की टक्कर से लीलावती के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद कार सड़क किनारे विकास कार्यों के लिए खोदे गए गड्ढे में जा फंसी और मौके से चालक फरार हो गया। यह घटना की सूचना पर कंपू थाना पुलिस काफी देरी से मौके पर आई। पुलिस की लापरवाही को देखते हुए स्थानीय लोगों में आक्रोश पनप उठा। लोगों ने चक्काजाम कर दिया। पुलिस के आते ही मृतक के परिजन व प्रत्यक्ष दर्शियों से पुलिस की बहस हो गई। मृतिका के परिजनों का आरोप है कि घटनास्थल पर पुलिस देर से पहुंची। महिला का शव को उठाकर सीधे पोस्टमार्टम हाउस ले जाने लगी। जब पुलिस का विरोध किया गया। इस पर पुलिस के जवानों ने मारपीट शुरू कर दी। मृतिका के बेटे को बंदूक की बट से पीटा। हालांकि पुलिस इस तरह की किसी भी घटना से इंकार कर रही है। पुलिस का यह रवैया देखकर लाेगों ने पथराव शुरू कर दिया।
वाहन चालक काे पकड़े ने बरती लापरवाही
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि गाड़ी पूरी तरह गड्ढे में फंस चुकी थी। कार में सवार दो युवक मौके से भाग निकले। पुलिस कारके नंबर के आधार पर कार मालिक को आरोपी नहीं बना रही थी। बताया जाता है कि यह कार का नंबर आदित्य नारायण सक्सेना निवासी आनंद नगर पंजीकृत है।
पीएम हाउस बना पुलिस छावनी
इसके बाद एक बार फिर से पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतिका के पुत्र बृजेश बघेल और अन्य परिवार के साथ पुलिस जवानाें का विवाद हो गया। पुलिस व मृतिका के बेटे से विवाद होने पर शहर के कई थानों का पुलिस बल बुलाया गया और स्थिति को काबू में किया। मृतका के बेटे का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ ज्यादती की है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस बोली- छिपकर बचाई जान
इस पूरे मामले की विवेचना अधिकारी हेमंत पाटिल का कहना है कि बेकाबू कार ने राह चलती महिला को टक्कर मार दी और कार, सड़क किनारे खोदे गए बड़े से जाकर फंस गई। घटना के बाद मृतिका के परिजन और आसपास के लोगों ने जाम लगाया। पुलिस पर पथराव किया। जब पुलिस, महिला का शव को पीएम पर लेकर पहुंची तो वहां भी मारपीट कर बंदूक से हमला करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने किसी तरह छुपकर अपनी जान बचाई।

