वेंदाता हॉस्पीटल के कर्मचारी महेश व त्यागी ने 18000 रु. प्लाज्मा दिलवाया, जयारोग्य की फर्जी पर्ची भी दी, मरीत की मौत, 5 संदेहियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
ग्वालियर. जयारोग्य चिकित्सालय की फर्जी पर्ची लेकर कथित जयारोग्य चिकित्सालय के कर्मचारी एवं एक प्राइवेट हॉस्पीटल के कर्मचारी ने कोरोना पीडि़त मरीज के परिजनों को 18000 रुपये. में नकली प्लाज्मा बेच दिया। अपोलो हॉस्पीटल में भर्ती मरीज को स्टॉफ ने बिना जांचे प्लाज्मा चढ़ा दिया। प्लाज्मा चढ़ते ही मरीज की तबियत खराब होने लगी इसके बाद उसे वेटिलेंटर पर ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले की शिकायत मृतक के परिजनों ने पड़ाव थाने में की है। थाने से तत्काल सादा वर्दी में पुलिस के जवान इन दलालों के पास प्लाज्मा की डिमांड लेकर पहुंचे, इन दलालों के हां करते ही पुलिस ने पहले दो फिर रात में 3 अन्य संदेहियों को हिरासत में पूछताछ के लिए लिया है।
क्या है पूरा मामला
मनोज कुमार गुप्ता निवासी खंचाजी मोहल्ला दतिया 3 दिसम्बर को कोरोना पॉजीटिव हुए थे और इन्हें इलाज के लिए अपोलो हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया था। 8 दिसम्बर को हॉस्पीटल के स्टॉफ ने कहा कि मरीज को प्लाज्मा की जरूरत है इसलिए आप प्लाज्मा का इंतजाम करो। प्लाज्मा कहां मिलेगा यह पूछने पर स्टॉफ ने कहा कि वह हॉस्पीटल के कर्मचारी जगदीश भदकारिया से बात कर लें। जगदीश ने मरीज के परिजनों को वेंदाता हॉस्पीटल के कर्मचारी महेश मौर्य से मिलवाया इसके बाद महेश मौर्य ने मरीज के परिजनों को हॉस्पीटल रोड पर बुलवा कर उन्हें त्यागी से मिलवाया। त्यागी के बारे में बताया कि वह जयरोग्य चिकित्सालय का कर्मचारी है और वह प्लाज्मा की व्यवस्था करा देगा। त्यागी ने 18000 रु. में प्लाज्मा देने का सौदा किया साथ ही 2 घंटे बाद आने के लिए कहा। 2 घंटे बाद त्यागी ने 18000 रु. लेकर प्लाज्मा दे दिया साथ ही जयारोग्य चिकित्सालय का एक पीले रंग का कार्ड भी दिया। अपोलो हॉस्पीटल के स्टॉफ ने इस प्लाज्मा की जांच नहीं की और सीधे उसे मरीज पर चढ़ा दिया। प्लाज्मा लगते ही मरीज की तबियत खराब होने लगी और वह बेहोश हो गया इसके बाद मरीज मनोज को वेंटिलेटर पर रखा गया। इसी बीच मरीज मनोज के परिजन 9 दिसम्बर को पीली पर्ची लेकर जयारोग्य चिकित्सालय पहुंचे और प्लाज्मा की पड़ताल की तो पता चला कि यह प्लाज्मा जयारोग्य चिकित्सालय से नहीं दिया गया साथ ही पीले रंग का कार्ड की जांच की तो पता चला कि वह भी जयारोग्य चिकित्सालय का नहीं है।
देर शाम पुलिस ने 5 संदेहियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
इस बीच अपोलो हॉस्पीटल के डॉ. राजौरिया और डॉ. उज्जवल शर्मा ने बताया कि मनोज की मृत्यु हो गई है। मनोज के परिजनों ने मृतक का पोस्टमार्टम कराकर मृत्यु के कारण जानने की आवेदन पुलिस में दिया है। पुलिस ने देर शाम से मामले की पड़ताल करते हुए छापामारी करना प्रारंभ कर दिया। रात को करीब 8 बजे तक पुलिस ने 5 संदेहियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
अरूण जैन, सह प्राध्यापक ब्लड बैंक जयारोग्य चिकित्सालय
प्लाज्मा वाले मामले में जो पर्ची हमें दिखाई गई है वह ब्लड बैंक से जारी नहीं हुई है और यह फर्जी पर्ची है। संभवतः किसी ने हमारी पर्ची की फोटो कॉपी करके नकली पर्ची निकलवाई है। हमारे यहां पर प्लाज्मा की कोई एंट्री नहीं है साथ ही त्यागी नाम का कोई भी व्यक्ति हमारे यहां पर काम नहीं करता है।

