मरीजों को बड़ी राहत: कैंसर इंजेक्शन समेत 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से नई कीमतें
नई दिल्ली. देश में कैंसर की 543 दवा ब्रांडों और पैक की कीमतों में बदलाव किया गया है। राष्ट्रीय नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी के फैसले के बाद 397 यानी 73 प्रतिशत दवाओं के दाम घटाए गए है। इनमें 217 दवाओं की कीमत आधे से भी कम हो गई है। 97 ब्रांड की दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत से ज्यादा और 50 में 80 प्रतिशत से ज्यादा कटौती हुई है। पांच दवाओं की कीमतों में 90 प्रतिशत से ज्यादा कटौती हुई है।
सैमटेपा इंजेक्शन की कीमत 80071 से घटाकर 7150 हुई
सबसे बडी कटौती सैमटेपा इंजेक्शन में हुई है। इसकी कीमत 80071 से घटाकर 7150 कर दी गई है। पैलबोप्रो दवा के 21 कैप्सूल वाले पैक की कीमत 40421 से घटकर 2720 हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एलपीपीए से सवाल किया था कि दवाओं की कीमतों पर लगाम क्यों नहीं लगाई जा रही है। इसके बाद कंपनियों ने नई कीमतें जारी की है जो 9 नवंबर से लागू होंगी। हालांकि 146ब्रांड-पैक की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने 137 एंटी-कैंसर दवाओं के ट्रेड मार्जिन को एमआरपी के 30 प्रतिशत तक सीमित किया है।
कुछ महंगी दवाओं के दाम कम नहीं हुए
कैंसर की कई दवाओं के दाम घटाए गए है लेकिन कुछ महंगी दवाओं की कीमतें पहले जैसी ही है। इनमें इम्यूनोथेरेपी की दवा कीट्रूडा भी शामिल है जिसका इस्तेमाल 21 से ज्यादा तरह के कैंसर के इलाज में होता है। इसकी कीमत अभी भी 216500 है।
ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रिबोसाइक्लिब की कीमत भी 24435 पर बनी हुई है। इसके अलावा टैग्रिसो, टेसेंट्रिक, डार्जालेक्स और इम्फिंजी जैसी दवाओं के दामों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेटेंट वाली दवाओं के दाम घटाना मुश्किल है क्योंकि ये नई तकनीक और पेटेंट अधिकारों से जुडी होती है। कीमतें कम होने पर कंपनियां भारत में इनकी सप्लाई घटा या बंद कर सकती है।
