ग्वालियर में सफाई व्यवस्था पर सवाल, 51 वार्डों में ठेका सिस्टम के बीच हालात बिगड़े; उफने सीवर चेंबर
ग्वालियर. शहर की सीवर सफाई व्यवस्था को ठेका प्रथा से मुक्त कर नगर निगम ने भले ही 9 वार्डों में खुद जिम्मेदारी संभाल ली हो लेकिन 48 घंटे बाद भी राहत पूरी तरह नजर नहीं आरही है। कहीं कर्मचारियों को सीवर लाइन की जानकारी नहीं है तो कहीं स्टाफ ही नहीं पहुंचा। कई इलाकों में लाइने चोक होने से बारिश के दौरान सीवर का गंदा पानी घरों तक पहुंच गया। दूसरी ओर, जिन 51 वार्डों में अभी भी ठेका सिस्टम से काम चल रहा है वहां हालात और ज्यादा खराब दिखाई दे रहे है। तेज बारिश के बाद कई जगह सीवर चेंबर प्रेशर से खुल गए और गंदा पानी सडकों पर बहने लगा। निगम ने 25 अगस्त से ग्वालियर पूर्व विधानसभा के वार्ड 20 और 21 तथा ग्वालियर विधानसभा के वार्ड 2, 3, 17, 31, 32, 33 और 36 में सीवर की व्यवस्था अपने हाथ में ली है। इन वार्डों में आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारी लगाए है। हालांकि ग्राउंड पर व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है। कुछ वार्डों में गुरूवार तक कर्मचारी पहुंचे जबकि कुछ जगह पार्षदों को व्यवस्था संभालनीं पडीं।
फूलबाग चौपाटी के 3 सीवर चेंबर उफान पर
फूलबाग चौपाटी पर सडक किनारे बने 3 सीवर चेंबर बारिश के बाद उफान पर आ गए। लाइनें चोक होने से प्रेशर इतना बढा कि चेंबर के ढक्कन ऊपर उठ गए। गंदगी सडक पर फैलने लगी। इसी तरह नगर निगम मुख्यालय के दूसरे गेट के सामने बना सीवर चेंबर भी जरा सी बारिश में चोक हो जाता है। वहीं 36 की पार्षद भावना कन्नोजिया ने कहा कि फिलहाल ठेकेदार से जुडे कर्मचारी ही काम कर रहे है।
निगम को कर्मचारियों की स्पष्ट तैनाती करनी होगी, जिससे क्षेत्र में सीवर संबंधी समस्या का तेजी से समाधान हो सके। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर विधानसभा में सीवर संबंधी समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रीय विधायक और मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को किराए पर वाहन लेकर खुद ही लोगों की समस्या का समाधान कराया था।
