किलर वाइफ सिंड्रोम -सांप से डसवाने से लेकर नीले ड्रम में डालने तक देश में बढ़ रहा है चलन?

नई दिल्ली. मेरठ के हस्तिनापुर इलाके में रहने वाले अतुल सिंह पंवार एक प्रायवेट स्कूल चलाते थे। 16 जुलाई की रात अतुलअपने घर के बिस्तर पर ऐसे सोये कि फिर कभी उठे ही नहीं। पहले तो अतुल की बीवी दामिनी का भी पता नहीं चला कि आखिर उसके पति की मौत कैसे हुई। लेकिन जब उसने अपने प्रति के बिस्तर पर एक छोटा मगर खतरनाक सांप देखा तो उसे यह समस्झते देर नहीं लगी कि अतुल की मौत का जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि वह सांप ही है। जो उसके बिस्तर में छिपा था। वह एक बेहद जहरीला करैत सांप था। जिसे सायलेंट किलर के नाम से जाना जाता है।
सिया, रूबी, प्रियंका, निकिता, सोनम, मुस्कान और दामिनी
बेशक यह नाम अलग-अलग हैं, लेकिन ऐसे ही अलग-अलग नामों के साथ हर दूसरे दिन देश में कहीं ना कहीं किसी ना किसी पति के मौत की खबर सामने आती है। कहीं नीले ड्रम में, कहीं घर के अन्द फर्श के नीचे, कहीं नहर के पानी में ततो कहीं बिस्तर पर । क्या आप यकीन करेंगे कि इसी किलर सिंड्रोम ने साल 2026 के इन शुरूआती 6 माह में तकरीबन 550से भी अधिक पतियों की जिन्दगी लील ली है। मर्दो और खासकर पतियों की लड़ाई में उनका साथ देने वाली गुरूग्राम की एक एनजीओ एकम न्याय फाउंडेशन ने महिलाओं के बीच फैले इसी किलर सिंड्रोम को लेकर अपनी जो लेटेस्ट रिपोर्ट तैयार की है उसका साथ कुछ ऐसा ही है।
इस रिपोर्ट केअनुसार इस वर्ष अभी तक वीडियों के हाथों पतियों के मारे जाने या फिर बीवियों से तंग आकर पतियों के खुदकुशी कर लेने के कुल 554 से भी अधिक मामले सामने आ चुके है इनमे 322 मामले तो ऐसे हैं। जिनमें पत्नियों ने या तो अकेले या फिर अपने किसी आशिक के साथ मिल कर स्वयं अपने हाथों से अपने-अपने पतियों को मौत के हवाले कर दिया। जबकि कुल 232 पत्नियां अपने-अपने पतियों की जिन्दगी में ऐसा अज़ाब लेकर आयी कि बेचारे पतियों ने स्वयं अपने हाथों से अपनी जीवन लीला खत्म कर ली है।

 

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