पिकनिक मनाने गये जीआरएमसी के 2 छात्र तिघरा डैम में डूबे, किनारे पर मिले जूते और कपड़े, रेस्क्यू जारी

तिघरा डैम में रात तक रेस्क्यू चल रहा है।
ग्वालियर. तिघरा डैम के प्रतिबंधित जगली इलाके में शनिवार की शाम एक हादसा घटित हुआ है। यहां दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आये गजराराजा मेडीकल कॉलेज (जीआरएमसी)के 2 एमबीबीएस छात्र नहाने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में समा गये। घटना ‘‘वोट क्लब’’से लगभग 3 किमी दूर कच्ची पार इलाके की है। शनिवार की रात स्थानीय गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। लेकिन अभी तक दोनों छात्रों का कोई सुराग नहीं पाया है।
तिघरा डैम में डूबे 2 छात्रों में से एक बिहार के मुजफ्फजर व दूसरा मध्यप्रदेश के बीना का बताया जा रहा है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी तिघरा पहुंच गये।

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और मेडिकल कॉलेज के कई छात्र पहुंचे।
पिकनिक मनाने 8 दोस्तों का ग्रुप था
मेडीकल कॉलेज के 8 छात्र-छात्राओं का एक दल शहर से 35 किमी दूर तिघरा डैम पर पिकनिक मनाने गया था। इस ग्रुप में 4 छात्राये और 4 छात्र शामिल थे। यह सभी छात्र तिघरा के बोट क्लब से लगभग 3 किमी दूर कच्ची पार नामक एक सुनसान और जंगली इलाके में पहुंच गये। जहां पानी काफी गहरा है। आमतौर पर पर्यटकों का जाना प्रतिबंधित है। यहां पहुंचने के बाद 6 छात्र-छात्रायें ऊपर की ओर पिकनिक स्पॉट पर रूककर आपस में बातचीत और खाने-पीने में व्यस्त थे। वहीं दो मेडीकल छात्र आयुष श्रीवास्तव और निवास मुजफ्फपुर बिहार और गोपाल अग्रवाल पुत्र विष्णु अग्रवाल निवासी बीना सागर मध्य्रप्रदेश नीचे पानी की ओर चले गये और नहाने के लिये डैम में उतर गये।
डैम के किनारे मिले जूते और कपड़े
पिकनिक मना रहे बाकी साथियों को काफी देर तक जब आयुष और गोपाल दिखाई नहीं दिये तो उन्हें चिंता हुई। साथियों ने उन्हें आवाज दी और आसपास ढूंढना शुरू किया। काफी तलाश करने के बाद कच्ची पार के पथरीले किनारे पर आयुष और गोपाल के जूते सलीके से रखे हुए मिले। किनारे पर जूते और कपड़े देखकर साथियों के होश उड़ गये। वह तत्काल समझ गये कि दोनों पानी में नहाने उतरे थे और अचानक गहरे पानी की ओर चले जाने की वजह से डूब गये ।छात्रों ने बिना समय गंवाये तत्काल तिघरा थाना पुलिस को घटना के संबंध में सूचना दी।
अंधेरे के बीच टॉर्च की रोशनी में शुरू हुआ रेस्क्यू
मामले की गंभीरता और हाईप्रोफाइल मेडिकल छात्रों से जुड़ा होने के कारण ग्वालियर सीएसपी कृष्ण पाल सिंह और तिघरा थाना प्रभारी शिवराम सिंह कंषाना भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फौरन आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीम और तिघरा के स्थानीय कुशल गोताखोरों को आपातकालीन कॉल कर मौके पर तैनात किया।

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