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एडवोकेट प्रोटेक्शन की मांग को लेकर वकीलों की एक दिवसीय हड़ताल, सुनवाई 3 हजार मामले हुए प्रभावित

ग्वालियर हाईकोर्ट और जिला न्यायालय के अधिवक्ता शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल पर है। वह एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने और एनसीईआरटी की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े अध्याय के विरोध में कार्य नहीं करेंगे। इस हड़ताल की वजह से जिला न्यायलय समेत अन्य अदालतों में 3 हजार से ज्यादा मामलों की सुनवाई प्रभावित होने की आशंका हैं
ग्वालियर के उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ ने गुरूवार की देर शाम को हड़ताल की जानकारी दी। इससे पहले 26 फरवरी को आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से शुक्रवार को कार्य नहीं करने का फैसला लिया गया है। बैठक में नवीन अधिवक्ता संशोधन अधिनियम 2025 और एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तक के एक अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टासचार पढ़ाये जाने का विरोध भी दर्ज कराया है।
संजय सक्सेना हत्याकांड का भी उठाया मुद्दा
बैठक में शिवपुरी जिले के करैरा में अधिवक्ता संजय सक्सैना की हत्या के मामले में भी चर्चा की गयी। इस घटना के विरोध में 16 फरवरी को प्रदेश भर में के न्यायालयों में वकीलों ने पैरबी नहीं की थी। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया है तो भविष्य में आन्दोलन का और व्यापक किया जा सकता है।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग प्रमुख
अधिवक्ताओं की प्रमुख मांग एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने की है। वकीलों का कहना है कि लंबे समय से उनकी सुरक्षा के लिए अलग कानून की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
ग्वालियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक ने बताया कि जिला न्यायालय के नवीन भवन के लोकार्पण के समय मोहन यादव ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक यह अधिनियम लागू नहीं किया गया है।

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