अभियाचिक बैठक में जेडओ के व्यवहार से होकर परेशान परिषद में धरना पर बैठे पार्षद
ग्वालियर. जेडेओ-16 प्रगति गोस्वामी, जेडओ जोन-2 तनुजा वर्मा के व्यवहार और जनता के काम नहीं करने का मामला परिषद में उठाया। वे गोस्वामी को मैदानी कार्य से हटाने और वर्मा को उनके मूल विभाग भिंड पहुंचाने की मांग को लेकर कांग्रेस -भाजपा के पार्षद धरना पर बैठ गये। सभापति मनोज तोमर ने आयुक्त संघप्रिय को निर्देश दिये है कि क्षेत्राधिकारी प्रगति गोस्वामी एवं तनुजा वर्मा कहां -कहां पदस्थ रही है। वहां कितने बिल बनाये है। उनकी पुस्तिका की जांच निगमायुक्त स्वयं करें या संबंधित अधिकारी से जांच करायें। तब तक दोनों का वेतन रोका जाये। वहीं पानी-सीवर के मुद्दे को लेकर पार्षद देवेन्द्र राठौर ने धरना दिया। स्ट्रीट लाईट की समस्या भी उठाई।
प्देन व्यवस्था को लेकर पार्षद देवेन्द्र राठौर, बृजेश श्रीवास ने कहा है कि पूर्व में आसंदी से ठहराव ह ुआ था कि प्रभारी कार्यपालन यंत्री रजनीश देवेश और अभिषेक भदौरिया को उनके मूल विभाग में पहुंचा दिया जाये। काफी लम्बा समय व्यतीत हो गया। अभी तक आयुक्त संघ प्रिय ने रिलीव नहीं किया है। यह आसंदी के आदेश की अवहेलना है। परिषद को 20 फरवरी तक के लिये स्थगित कर दियागया है। पदेन व्यवस्था को लेकर आयुक्त ने कहा है कि तबादला करना आयुक्त का अधिकार है। मैं अपना काम ईमानदारी से कर रहा हूं। मेरा किसी से कोई लगाव नहीं है।
6 पार्षदों ने कहा- दोनों जेडओ का व्यवहार ठीक नहीं
परिषद के अंदर भाजपा पार्षद मोहित जाट, कांग्रेस पार्षद चांदनी और अनीता धाकड़ ने जोन-16 में हाल में पदस्थ की गई जेडओ प्रगति गोस्वामी के व्यवहार का मुद्दा उठाया। दोनों महिला पार्षदों ने सभापति को लिखित में शिकायत भी की। पार्षद जाट का कहना था कि उनका व्यवहार ठीक नहीं है। न पार्षदों की सुन रही हैं न ही जनता थी। क्षेत्र में तमाम तरह की समस्याएं है। वहीं मेयर इन काउंसिल के सदस्य शकील मंसूरी , पार्षद मनोज राजपूत, पार्षद दीपक मांझी ने जेडओ जोन-2 तनुजा वर्मा का मामला उठाया। शकील मंसूरी का कहना है कि उनका व्यवहार ठीक नहीं है। वे पार्षदों की समस्याएं नहीं सुन रही है। इस संबंध में आयुक्त संघ प्रिय ने कहा कि दोनों जेडओ शासकीय सेवक है। सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी है। यदि कोई इससे विमुख होता है तो जांच कर कार्रवाई करेंगे।

