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फसलें बर्बाद-भितरवार के चीनौर के भोरी सहित 6 गांवों में ओलावृष्टि से खेतों में बिछी 6 इंच की मोटी चादर से फसलें हुई बर्बाद

ग्वालियर. भितरवार विधानसभा इलाके एक दर्जन गांवों में बुधवार की सुबह भारी ओलावृष्टि हुई है। सुबह लगभग 5 बजे शुरू हुए इस ओलावृष्टि से खेतों में 6 इंच तक बर्फ की चादर बिछ गयी। जिससे गेहूं और सरसोंकी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गयी। कृषि विभाग ने नुकसान का सर्वे करने कीबात कहीं है। तेज गरज-चमक के साथ हुई इस ओलावृष्टि ने कछौआ, ररूआ, भोरी, करहिया, सिकरौदा और आंतरी इलाके के कई गांवों को प्रीाावित कियाहै। ओलो की इतनी मोटी परत जमी है कि सड़कें और खेत पूरी तरह से सफेद दिखाई देने लगे। बड़े चने के आकार के ओले करीब डेढ़ घंटे तक बरसे।
बेमौसम वर्षा और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों ओलावृष्टि से जमीन पर बिछ गयी। जिससे किसानों की वर्षभर की मेहनत बर्बाद हो गयी। सुबह से जारी मूसलाधार वर्षा ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
इस संबंध में कृषि विभाग के एसडीओ गौरव दीक्षित का कहना है कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है।टीम बेचकर नुकसान का सर्वे किया जा रहा है उसकी जानकारी शासन को भेजी जाएगी।शासन के नियम के अनुसार ही मुआवजा दिया जाएगा।
कछौआ गांव के किसान बिंदु खान और मुकेश पटेल ने बताया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार, खेतों में चार से छह इंच तक बर्फ की चादर जम गई है और गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया है। ग्राम भोरी के किसान सिरदार सिंह जाट, लाखन सिंह जाट का कहना है कि ओलावृष्टि ने सबसे ज्यादा नुकसान चीनौर क्षेत्र में किया है इसी पट्टी पर बसे गांव में ओले गिरे हैं।जिससे गेहूं की फसल तो नष्ट हुई है कई किसानों की चने और सरसों की फसल भी पूरी तरह से खराब हो गई है।

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