जब चीन हमारे सामने खड़ा था तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ था, राहुल गांधी ने ससंद के बाहर पूछा सवाल
नई दिल्ली. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जब डोकलाम का मुद्दा उठाया तो जमकर हंगामा मच गया। पहले शाम 4 बजे तक सदन को स्थगित किया गया था। अब मंगलवार की दोपहर 12 बजे कर स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राहुल को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहस की मांग कर रही है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मैंने यह लिखा है। पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने यह किताब लिखी है। वह लोग डरे हुए हैं। अगर यह किताब सामने आ गयी तो पीएम नरेन्द्र मोदी और राजनाथ सिंह की असली सच्चाई लोगों को पता चल जायेगी। लोगों को यह भी पता चल जायेगा कि जब चीन हमार सामने खड़ा था और आगे बढ़ रहा था तब 56 इंच की छाती का क्या हुआ था।
जिसके बाद सदन के बाहर राहुल गांधी ने पत्रकारों से चर्चा की। इस बीच राहुल गांधी ने कहा था कि यह सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की बात है। यह वहीं है तो आर्मी चीफ ने अपनी किताब में लिखा है। उस किताब को प्रकाशित होने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वह लम्बित पड़ी है। यह आर्मी चीफ का दष्टिकोण है। उनका नजरिया है। सवाल यह है िकवह आर्मी चीफ से इतने डरे हुए क्यों हैं। वह इस बात से क्यों डर रहे हैं। आर्मी चीफ ने क्या लिखा है कि लोग इससे सीखेंगे। निश्चित रूप से वह पीएम के बारे में भी कुछ सीखेंगे। वह राजनाथ सिंह के बारे में भी कुछ जानेंगे। लेकिन वह सेना के बारे मेंभी सच्चाई जानेंगे। यह भी जानेंगे कि सेना को किस तरह निराश किया गया। यह देश के राजनीतिक नेतृत्व द्वारा किया गया। उन्होंने कहा है कि मैं यही कहने की कोशिश कर रहा हूं। पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने अपनी किताब में पीएम और राजनाथ सिंह के बारे में साफ-साफ लिखा है कि यह बात एक आर्टिकल में आयी है। मैं उसी आर्टिकल को कोट कर रहा हूं। लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है।
आर्मी चीफ नरवणे का पुराना वीडियो
भाजपा ने एक्स पर पूर्व आर्मी चीफ नरवणे का एक पुराना वीडियो शेयर किया है इस वीडियो में नरवणे बता रहे हैं कि डोकलाम विवाद के दौरान भारत की एक इंच जमीन भी नहीं खोई है। नरवणे उस वीडियो में बता रहे हैं कि हालात वैसे ही है जो इस टकराव के पहले था।

