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मर्सी होम में एक घंटे रूककर 1 हजार रूपये के फल वितरित करों, इसकी रिपोर्ट जमा करो-हाईकोर्ट

ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक याचिका को विशेष शर्तो के साथ फिर से सुनवाई के लिये मंजूर कर लिया है। पहले याचिकाकर्ता कपिल अग्रवाल ने न्यायालय के आदेश को पूरा करने में 19 दिन की देरी कर दी थी। लेकिन अब अदालत ने तय किया है कि कपिल अग्रवाल ने 15 दिनों के भीतर ग्वालियर स्थित मर्सी होस जाना होगा। वहां उन्हें कम से कम एक घंटा बिताना होगा। मर्सी होम में 1 हजार रूपये के फल या मिठाई वितरित करने होंगे।
इसके अलावा उन्हें वहां का अनुभव लिखकर एक रिपोर्ट न्यायालय में जमा करनी होगी। जिसमें बताया जाये कि कैसे व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सकता है। यह मामला पहले के आदेश से जुड़ा है। जिसमें अदालत ने कपिल अग्रवाल को स्वर्ग सदन में सेवा करने और 2 हजार रूपये की खाद्य सामग्री ले जाने का निर्देश दिया था। कपिल अग्रवाल ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में सुधार का वादा किया है। न्यायालय ने उनकी तत्परता को देखते हुएदेरी को माफ कर दिया और याचिका फिर से सुनवाई के लिये बहाल कर दी है।
4 दिन बाद ही ग्रामीण पर किया था हमला
गौरतलब है कि इस बाघिन को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाकर माधव नेशनल पार्क में छोड़ा गया था। पार्क में रिलीज किए जाने के महज चार दिन बाद ही इसने डोंगर गांव में एक ग्रामीण पर हमला कर दिया था। इसके बाद वह सरदारपुरा और खुटेला गांव की ओर बढ़ गई थी, जहां उसने खेतों में घूमते हुए कई मवेशियों का शिकार किया।

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