Newsमप्र छत्तीसगढ़

वर्षा मिश्रा का रिश्वत लेने का मामला-ट्रैप अधिकारी की गवाही ने पलटा मामला, EOW ने दी क्लीन चिट

ग्वालियर. ईओडब्ल्यू की जांच में नगरनिगम की सबइंजीनियर वर्षा मिश्रा पर रिश्वत लेने का आरोप था। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ट (ईओडब्ल्यू) ने की थी। जांच पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में यह कहते हुए खात्मा रिपोर्ट पेश की कि आरोप साबित नहीं होते है। यानी उन्हें क्लीन चिट दी गयी ।लेकिन इस केस में महत्पपूर्ण बात सामने आयी है। शनिवार को कोर्ट में उसी ईओडब्ल्यू की इंस्पेक्टर नीतू सिंह ने गवाही दी। जिन्होंने वर्षा मिश्रा को रंगे हाथों लेते हुए गिरफ्तार किया था।
इंस्पेक्टर नीतू सिंह ने न्यायालय को बताया कि ट्रैप के वक्त कार की आगे वाली सीट पर शिकायककर्ता बैठा था। कार के पीछे वाली सीट परद सब इंजीनियर वर्षा मिश्रा बैठी थी। कार की सीट पर 15 हजार रूपये रिश्वत के रखे हुए थे। जब वर्षा मिश्रा के हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाये गये तो घोल का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत छूने का संकेत होता है। इस घोल को सबूत के तौर पर कांच की बोतल में सुरक्षित रखा गयां इंस्पेक्टर ने साफ कहा है कि रिश्वत लेने की कार्यवाही सही तरीके से की गयी थी और आरोप सही है।
क्या है मामला
अनूप सिंह यादव ने 9 फरवरी 2023 को नगर निगम की उपयंत्री वर्षा मिश्रा के खिलाफ ईओडब्ल्यू में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसके पास पांच पार्कों के संधारण का ठेका था। कार्य पूरा होने के बाद नगर निगम से भुगतान होना था।शिकायत के अनुसार, 6 लाख 70 हजार रुपए के बिल पास करने के बदले उपयंत्री वर्षा मिश्रा ने 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस शिकायत के बाद EOW ने वर्षा मिश्रा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।नगर निगम मुख्यालय के बाहर 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उपयंत्री को रंगे हाथ पकड़ा गया। रिश्वत कार के अंदर दी गई थी। फरियादी आगे की सीट पर बैठा था, जबकि उपयंत्री पीछे की सीट पर मौजूद थीं। पैसे कार की सीट पर रखे गए थे, जिन्हें उंगलियों से दूसरी जगह खिसकाया गया, जिससे पीछे की ओर रेड हैंड की स्थिति बनी। निरीक्षक नीतू सिंह ने रिश्वत लेते हुए उन्हें पकड़ा था।इस मामले की जांच शैलेंद्र कुशवाह ने की और बाद में खात्मा रिपोर्ट न्यायालय में पेश की।
रिश्वत लेने का घटनाक्रम
वर्षा मिश्रा और अनूप यादव के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड की गयी थी।
बातचीत में बिल पास करने के बदले कमीशन की चर्चा हुई थी। जिसमें 10, 8 और 5 कमीशन की बातें सामने आयी।
इसी ट्रांसक्रिप्ट के आधार पर टैªप की कार्यवाही की गयी।
रिश्वत की राशि कार से बरामद हुई थी और उस वक्त गाड़ी मिश्रा भी मौजूद थी।
रिश्वत लेने के प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद हे।
फरियादी ने वॉट्सएप चैट भी साक्ष्य के रूप में पेश किये।
फरियादी पहले ही क्लीन चिट दिये जाने का विरोध दर्ज करा चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *