वेश्यावृति के प्रकरण में आईजी अपनी सोच बदलें-हाईकोर्ट
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच की युगल पीठ ने लड़कियों की वेश्यावृति से जुड़े एक मामले में ग्वालियर संभाग के आईजी ग्वालियर अरविंद सक्सेना को तलब किया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब पर नाराजगी जताई है। जिसमें याचिका को पारिवारिक विवाद बताया गया था। यह मामला पायल नामक याचिकाकर्ता द्वारा दायर की गयी जनहित याचिका से जुड़ा है। वर्ष 2025 में याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता ऋषिकेश बोहरे तर्क दिया है कि शिवपुरी में मीना और अन्य लोगों ने युवतियों को बंधक बनाया है। उनसे वेश्वावृति कराई जा रही है। प्रशासन और पुलिस ने इससंबंध में कोई कार्यवाही नहीं की है।
आईजी सोच बदले-हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने आईजी से कहा है कि इस मामले को लेकर अपनी सोच बदलें। एकल बेंच ने पिछले 11 वर्षो में कितनी युवतियां गायब है। कितनी बरामद की गयी है।इसका रिकॉड पेश करने के लिये समय दिया है। राज्य शासन ने अपने जवाब में कहा था कि यह याचिकाकर्ता और प्रतिवादियों के बीच का पारिवारिक झगड़ा है। इस जवाब पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और आईजही के साथ-साथ शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक को भी तलब किया था।

