अंतरराष्ट्रीय

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

होर्मुज फिर से शुरू हुई लड़ाई, अमेरिकी वॉरशिप पर ईरानी मिसाइलों की बारिश

ईरानी नौसेना अज्ञात जगह से अमेरिकी वॉरशिप पर मिसाइलों से हमला करती हुई. (Photo: Reuters)

नई दिल्ली. होर्मुज की खाडी में पिछले 48-50 घंटों के अन्दर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अचानक बढ़ गया है। अमेरिकी युद्धपोतों परद ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले, ईरानी टैंकर पर अमेरिकी गोलीबारी और फिर ईरान के बन्दरगाह व द्वीपों पर अमेरिकी हमले- यह घटनायें अब एक खतरनाक सिलसिले में बदल गयी है। नाम का सीजफायर है। असल में दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर 48 घंटे पहले ईरान ने यूएई के फुजैरा पोर्ट पर एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागी। ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी से मना किया। इसके बाद सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिका को अपने एयरबेस उपयोग करने की इजाजत अचानक रोक दी है।
अमेरिका ने ईरान पर किए हमले
कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाह बंदर अब्बास, क़ेश्म द्वीप और मिनाब पर हमले किए है। ये हमले ईरान के फुजैरा हमले और अमेरिकी जहाजों पर हमले का जवाब थे । ईरान ने भी UAE के पास अमेरिकी जहाजों पर जवाबी हमले किए है।  दोनों तरफ से हमले हो रहे हैं, लेकिन दोनों देश सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि सीजफायर अभी भी कायम है। असलियत यह है कि सीजफायर अब सिर्फ कागजी है। दोनों देश नियंत्रित तरीके से एक-दूसरे से लड़ रहे है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा संभालता है। फिलहाल यहां यातायात लगभग बंद है।  मिसाइल, ड्रोन, समुद्री माइन्स और बहुत ज्यादा बीमा खर्च के कारण कोई जहाज आसानी से गुजर नहीं पा रहा है।

 

 

 

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

ईरान ने यूएई पर किये ताबड़तोड़ DRONE से किये हमले, मिसाइल अटैक और एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर फिर से हमले किये जा रहे है। यूएई का कहना है कि ईरान ने उस पर हमला किया है। उसने अपना एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिया है। यूएई का मिसाइल डिफेंस सिस्टम मिसाइलों और ड्रोन हमले का जवाब दे रहे है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार की रात एक्स पर हमले की जानकारी दी है। रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि जा आवाजें आ रही है। वह वे बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने से जुड़ी है।
यूएई ने इससे पहले कहा था कि सोमवार को उस पर ईरान की तरफ से हमला किया गया था। यह हमला तब हुआ जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की दिशा में कदम बड़ा रहा था। मंगलवार को हमला ईरान की तरफ से यूएई पर लगातार दूसर दिन भी किया गया अटैक हैं सोमवार को ईरान ने र्यूएइ पर ताबड़तोड़ हमले किये थे। यूएई ने कहा है कि उसने सोमवार को ईरान से दागी गयी 15 मिसाइलों और 4 ड्रोनों का रोक दिया गया है। 8 अप्रैल को यूएस ईरान के बीच हुए सीजफायर के बाद यह पहलीबार था। जब उसे निशाना बनाया गया।

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

चीन का नया फायटर जेट J-35AE, पाकिस्तान को बेचने की तैयारी, भारत को खतरा

नई दिल्ली. चीन ने अपने नये स्टेल्थ फायटर जेट J-35AE का वीडियो जारी किया गया है। यह 2 मई को स्टेट ब्रॉडकास्टर CCTV  पर दिखाया गया है। जे-35एई चीन के एडवांस्ड ट्विन इंजन स्टेल्थ फायटर का एक्सपोर्ट वर्जन है। इसमें ब्लेंडेड -विग डिजायन है। जो इसे दुश्मन के रडार से छिपाने में मदद करता है। यह मल्टीरोल फायटर है। यानी हवा में लड़ाई जमीन पर हमला और अन्य कई काम कर सकता है। चीने इसे 2026 की बड़ी उपलब्धि बता रहा है।
J-35AE  2 इंजन वाला स्टेल्थ फायटर है। इसका डिजाइन बहुत आधुनिक है। ब्लेंडेड-विंग बॉडी की वजह से यह रडार पर कम दिखता है। यह हवाई जहाज दुश्मन इलाके में घुसकर हमला कर सकता है। वापिस सुरक्षित लौट सकता है। चीन का दावा है कि यह अपनी क्लास में बेहतरीन परफॉर्मेस देगा। यह जेट न सिर्फ हवा में दूसरे विमानों से लड़ सकता है। बल्कि जमीन के टारगेट को भी सटीक हमले से नष्ट कर सकता है।

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

सीजफायर के दौरान इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर किये ताबड़तोड़ हमले

नई दिल्ली. अप्रैल 2026 में इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर हुआ था। जिसे 3 हफ्ते के लिये बढ़ा दिया गया था। लेकिन सीजफायर इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर फिर से हमले शुरू कर दिये। इजरायल का कहना है कि हिज्बुल्लाह सीजफायर का उल्लंघन कर रॉकेट और ड्रोन हमले कर रहा है। इसलिये इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर सैन्य कार्यवाही की। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को हिज्बुल्लाह पर जोरदार हमला करने का आदेश दिया। इस स्थिति से सवाल उठ रहा है कि सीजफायर टूटने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रही है। बातचीत पर क्या असर पड़ेगा।
इजराइल ने क्यों किया हमला
इजरायल का मुख्य तर्क है कि हिज्बुल्लाह सीजफायर का पालन नहीं कर रहा है। इजराइल चाहता है कि हिज्बुल्लाह अपनी सैन्य क्षमता कम करें। इजरायल की सीमा से दूर रहे और लेबनान में इजरायली सैनिकों की मौजूदगी को स्वीकार करें। नेतन्याहू सरकार का कहना है कि बड़ा खतरा मानता है। इसलिये सीजफायर के बावजूद भी इजरायल आत्मरक्षा के नाम पर हमले जारी रख रहा है। हिज्बुल्लाह कहता है कि इजरायल सीजफायर का लाभ उठाकर लेबनान की जमीन पर कब्जा बनाये रखना चाहता है। हिज्बुल्लाह के अनुसार इजरायल के हमले एक तरफा है। सीजफायर को बेमतलब बना रहे हैं। हिज्बुल्लाह ने चेतावनी दी हैकि इजरायल के हर हमले का जवाब दिया जायेगा। हिज्बुल्लाह ईरान का समर्थन प्राप्त संठगन है। इसलिये यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय तनाव से जुड़ा हुआ है।

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

वॉशिंगटन में डिनर के बीच हुई फायरिंग, मौके से डोनाल्ड ट्रम्प को सुरक्षित निकाला, चश्मदीद ने बताया कि 7 राउंड फायर किये, गेस्ट टेबिल के नीचे छिपे, हमलावर को भी दबोचा

वॉशिंगटन. अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में सालाना व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर के बीच फायरिंग हो गयी। शनिवार की शाम के इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पत्नी मेलानियां और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित बड़े अधिकारी मौजूद थे। न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार हमलावर ने होटल के बॉलरूम के बाहर फायरिंग की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और गेस्ट बॉलरूम के अन्दर थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया है कि हमलावर को पकड़ लिया गया है। पहले खबर आयी थी। हमलावर का मार गिराया गया है। हमले के लगभग 1.30 घंटे के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पत्रकारों को संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के संविधान पर ह मला हुआ है। सीक्रेट सर्विस ने मेरी जान बचाई। सुरक्षाकर्मियों ने बहादुरी से काम किया है। जिस अधिकारी को गोली लगी वह सुरक्षित है। उसने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी। हमलावर के पास पॉवरफुल गन थी।


डिनर के बीच गोली चलाने वाला शख्स कौन
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसारन हमलावर की पहचान 31 साल के कोल टोंमस एलन के रूप में हुई है। वह अमेरिका के कैलीफोर्निया का है। पब्लिक रिकॉर्ड्स के अनुसार एलन पार्ट-टाइम टीचर और वी्िरडयो गेम डवलपर था। उसकी प्रोफाइल के अनुसार वह दिसम्बर 2024 में टीचर ऑफ द मंथ चुना गया था। उसरे कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलॉजी से 2017 में मैकेनिकल इंजीनियर में ग्रेजुएशन किया। पिछले साल कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी डोमिंगुएज हिल्स में कम्प्यूटर साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल की थी।

 

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

आगरा धर्मान्तरण के प्रकरण में भोपाल में दाऊद अहमद की प्रॉपर्टी कुर्क, कनाडा से भारत की तैयारी शुरू

आगरा-भोपाल। यूपी के आगरा से शुरू हुए धर्मान्तरण सिंडिकेट मामले में पुलिस ने अभी तक की सबसे बड़ी कार्यवाही की है। सिंडिकेट के मुख्य आरोपी और फडिंग के स्त्रोत दाऊद अहमद पर शिकंजा कसते हुए आगरा पुलिस ने भोपाल स्थित उसकी संपतित को कुर्क कर लिया हे। अभी पुलिस उसे विदेश से भारत लाने की तैयारी में जुट गयी है। इस पूरे मामले में अब इंटरनेशनल कनेक्शन ओर फंडिंग नेटवक्र की जांच भी तेज कर दी गयी है।
आगरा पुलिस ने भोपाल के गांधीनगर थाना इलाके स्थित रिलायबल हाईटेक सिटी में दाऊद अहमद के घर पर पहुंचकर कुर्की की कार्यवाही पूरी की है। इससे पहले सीआरपीसी की धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा किया गया था। लेकिन अदालत में पेश नहीं होने पर अभी तक धारा 83 के तहत संपत्ति कुर्क कर दी गयी है।
दाऊद कनाड़ा में छिपा
आगरा पुतिलस का मकसद साफ है कि आरोपी या उसका परिवार अभी संपत्ति बेचकर फरार न हो सके। पुलिसिया सूत्रों के अनुसार पिछले 3 वर्षो से दाऊद अहमद में कनाड़ा में मौजूद है। उसे भारत लाने के लिये आगरा पुलिस यूपी सरकार के गृह विभाग से पत्राचार कर रही हे। ताकि सीबीआई के माध्यम इंटरपोल से रेडकॉर्नर नोटिस जारी कराया जा सके।
इसके साथ ही एमएलएटी यानी म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी के तहत भी कार्यवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा इंटरनेशनल कनेक्शन भी सामने आ रहा है। दाऊद अहमद का संबंध कनाड़ा के ब्राम्पटन इस्लामिक सेंटर बताया जा रहा हे।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा जुलाई 2025 में हुआ था. जब आगरा के सदर क्षेत्र से दो सगी बहनें लापता हो गई थीं. । जांच में सामने आया कि दोनों एक संगठित गिरोह के संपर्क में आ गई थीं. पुलिस ने उन्हें कोलकाता से बरामद किया, जिसके बाद इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ.इस मामले में अब तक 14 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली में सक्रिय था, जबकि उसकी सहयोगी आयशा गोवा से नेटवर्क चला रही थी.पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस सिंडिकेट को विदेशों खासतौर पर कनाडा और यूएई से फंडिंग मिल रही थी. जांच में दाऊद अहमद को इस फंडिंग का अहम स्रोत बताया गया. पुलिस ने दाऊद अहमद की गिरफ्तारी के लिए भोपाल में दबिश भी दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया. अदालत के आदेश के बावजूद पेश न होने पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है. थाना सदर बाजार में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत एक और मुकदमा भी दर्ज किया गया है.इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई लड़कियों को इस गिरोह के चंगुल से मुक्त भी कराया है. यानी साफ है कि पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में आगरा से हुए खुलासे के बाद अब यह मामला इंटरनेशनल नेटवर्क और फंडिंग तक जा पहुंचा है. फिलहाल, आगरा पुलिस इस सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में हे।

 

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

ईरान जो माइंस होर्मुज में बिछा रहा है वह कितनी खतरनाक, जहाज के टकराने पर कितना नुकसान हो सकता है

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ऐलान किया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंटी माइन ऑपरेशन्स शुरू करेंगे। यह हिस्सा समुद्री यातायात के बहुत जरूरी है। अमेरिका और इजराइल के बीच फरवरी के आखिर में शुरू हुए युद्ध के बाद ईरान ने इस खाड़ी को जहाजों के लिये बन्द कर दिया गया है। ईरान ने छोटी नावों से माइंस बिछाई हैं क्योंकि उसके बड़े जहाज अमेरिकी और इजरायली हमलों में नष्ट हो चुके हैं। अभी यह नहीं पता है कि कितनी माइंस बिछाई गयी है। लेकिन ईरान ने एक रास्ता खुला रखा है जिससे वह जहाज गुजर सकें जो टोल दे दें।
न्यूयॉक टाइम्स के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान स्वयं अपनी बिछायी मांस का पूरा नक्शा नहीं ढूंढ पा रहा है। उन्हें हटाने की क्षमता भी नहीं है। यह माइंस ईरान के पास मौजूद कई हथियारों में सिर्फ एक है। इसके अलावा सस्ते ड्रोन, एंटी-शिप मिसाइलें और तेज हमलेवाली छोटी नावें भी है।
यह माइंस कितने बड़े जहाज को उड़ा सकती है
म्हाम 3 माइन का रेंज लगभग 3 मीटर है। यह सेंसर्स से जहाज को 3 मीटर की दूरी महसूस कर लेती है। फिर कुछ मीटर दूर से फट जाती है। 120 किमी विस्फोटक के साथ यह बड़े जहाजों जैसे सुपरटैंकर, कार्गो शिप या डेस्ट्रॉयर को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
क्या ईरान को माइंस का नक्शा देना आवश्यक
अंर्तराष्ट्रीय कानून कहता है कि माइंस का उपयोग अंर्तराष्ट्रीय खाड़ी को बेकार करने के लिये नहीं किया जा सकता है। लेकिन ईरान दावा करता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का कुछ भाग उसके क्षेत्रीय पानी में आता है। अमेरिका और ईरान दोनों 1994 के यूएन लॉ ऑफ द सी में शामिल नहीं है। अभी युद्ध विराम है। लेकिन दोनों के बीच सशस्त्र संघर्ष चल रहा है। इसलिये यह साु नहीं है कि ईरान अमेरिका का माइंस का पूरा नक्शा देगा या नहीं। खासकर जब अमेरिका भी अपना सैन्य ब्लॉकेड लगा रहा है। कुल मिलाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइंस की समस्या दुनिया के लिये बड़ी चुनौती है। अमेरिका की अनक्रूड तकनीक मदद कर सकती है। लेकिन खतरे अभी भी बने हुए हैं।

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

रिफाइनरी में आग लगना साजिश या हादसा, अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच भारत सहित 5 देशों की रिफाइनरी में कैसे लगी आग

नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी मंगलवार को राजस्थान के पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। लगभग 13 वर्ष पहले देखे गये इस प्रोजेक्ट का सपना अब पूरा होने जा रहा था। लेकिन उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले भीषण आग ने रिफाइनरी के मेने प्रोसिसिंग यूनिट्स को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे इसका उद्घाटन टल गया है।
हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की इस रिफाइनरी में लगी भीषण आग की वजहों का पता लगाने के लिये जांच जानरी है। हैरानी की बात यह है कि दुनियाभर में ऑयल एसेट्स खासकर रिफाइनरी में आग लगने की घटनाओं का एक पैटर्न दिखाई दियाहै। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच तेल और गैस जैसे प्राकृतिक संसाधनों को एक हथियार की तरह उपयोग किया जा रहा है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 से ईरान पर हवाई हमले शुरू किये और पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की शुरूआत हुई। उसके बाद से भारत समेत 6 देशों की तेल रिफाइनरियों में आग लगने की घटनायें सामने आयी है। यह सभी रिफाइनरियां युद्ध इलाके से बाहर है। इन घटनाओं को लेकर अब यह चर्चा तेज हो गयी है। कि क्या रिफाइनरियों में लग रही आग महज संयोग है या इसके पीछे कोई पैटर्न है।
दुनिया भर में तेल रिफाइनरियों में आग क्यों लग रही है?
एक नॉर्थ अमेरिकन एक्स (X) अकाउंट ने दावा किया कि दुनियाभर के ऑयल एसेट्स में आग लगने की ये घटनाएं सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि तेल आपूर्ति को बाधित करने का पैटर्न हो सकता है। HPCL राजस्थान रिफाइनरी की घटना के बाद एक्स पर लिखते हुए अरविंद ने भी कहा कि अलग-अलग देशों में रिफाइनरियों में लग रही आग की घटनाएं वैश्विक स्तर पर रिफाइंड ऑयल सप्लाई को प्रभावित करने का संकेत हो सकती है। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का हवाला देते हुए कहा, ‘एक पक्ष तेल की कमी पैदा करना चाहता है और इसके लिए पहले से तैयारी कर चुका है, जबकि दूसरा पक्ष तेल की भरपूर आपूर्ति बनाए रखकर दूसरे पर दबाव बनाना चाहता है।’
अमेरिका-ईरान युद्ध में तेल सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा है।  सैन्य ताकत के लिहाज से अमेरिका और ईरान की तुलना नहीं की जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी शुरुआत में लगा था कि यह युद्ध कुछ हफ्तों में खत्म हो जाएगा । लेकिन जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बाधित किया- जो फारस की खाड़ी से तेल-गैस एक्सपोर्ट का मुख्य समुद्री मार्ग है, और खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर हमले किए, तो हालात बदल गए है। इससे वैश्विक आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा और तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे दुनिया भर के उद्योग प्रभावित हुए ।.
अगर विभिन्न देशों की रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होती है, तो इसका फायदा युद्ध में शामिल या बड़े भंडार रखने वाले देशों को मिल सकता है।  वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार (303.2 अरब बैरल) है, जबकि ईरान तीसरे स्थान पर है। (208.6 अरब बैरल). ऐसे में यदि वैश्विक सप्लाई बाधित होती है और रिफाइनरियां ठप पड़ती हैं, तो बड़े तेल भंडार वाले देशों को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है. दिलचस्प बात यह है कि दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक चीन अब तक आग की ऐसी घटनाओं से अछूता रहा है।  कुल मिलाकर, आधिकारिक तौर पर इन घटनाओं को तकनीकी कारणों या दुर्घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने ‘ग्लोबल पैटर्न’ की आशंका को भी जन्म दे दिया है।

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

जापान में आया रिक्टर स्केल 7.4 तीव्रता का भूकंप, रेल सेवा रोकी, प्रान्तों में 3 मीटर ऊंची सुनामी लहरें, जहाजों को सुरक्षित जगह समुद्र में भेजा

नई दिल्ली. जापान के उत्तरी भाग में सोमवार को जोदार भूकम्प के झटके महसूस किये गये है। जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 रही है। भूकम्प के बाद जापान के मौसम विभाग ने सुनामी की आशंका जताते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से तत्काल इलाका खाली करने की अपील की है। जापान की पीएम ने आपात स्थिति से निपटने के लिये एक आपातकालीन टास्क फोर्स का गठन किया गया है। लोगों से तटीय इलाकों का छोड़कर सुरक्षित ऊंचाईयों पर जाने की अपील की है। भूकंप की वजह से टोक्यों और औमोरी के बीच बुलेट ट्रेन की सेवाये रोक दी गयी है। बिजली कम्पनियां परमाणु संयंत्रों सहित अपनी सुविधाओं की जांच कर रही है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, भूकंप प्रशांत महासागर में 10 किमी की गहराई पर आया था। भूकंप के तत्काल बाद अधिकारियों ने तटीय इलाकों विशेष रूप से इवाते, ओमोरी और होक्काइडों प्रान्तों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें आने की आशंका जताई है। लोगों से तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की गयी है। भूकंप के तत्काल बाद जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके के तटीय इलाकों में आपातकालीन अलर्ट जारी किया है। हचिनोहे बन्दरगाह से जहाजों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित समुद्र में भेज दिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सुनामी की लहरें जल्द ही तट से टकरा सकती है। इसलिये लोग समुद्र के पास बिलकुल नहीं जाये। इवाते और आसपास के इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने काकाम युद्धस्तर पर चल रहा है।
ट्रेन सर्विस प्रभावित
क्योडो न्यूज एजेंसी अनुसार टोक्यों से ओमोरी तक चलने वाली बुलेट ट्रेनें तत्काल रोक दी गयी है। कई जगहों पर इमारतों और सड़कों को नुकसान पहुंचने की भी खबरें है। रेलवे स्टाफ ने पटरियों और स्टेशनों की जांच में जुटा है। ताकि सेवाओं को सुरक्षित तरीके से बहाल किया जा सके। भले ही होक्काइडो और तोहोकू इलाके में कोई परमाणु संयंत्र वर्तमान में संचालित नहीं है। लेकिन सावधानी के तौर पर इनकी जांच शुरू कर दी गयी है। तोहोकू इलेक्ट्रिक पॉवर वर्तमान में बन्द पड़े है। ओनागवा परमाणु संयंत्र का निरीक्षण कर रही है। ताकि भूकमप या सुनामी से हुए किसी भी संभावित नुकसान का पता लगाया जा सके। टोक्यों इलेक्ट्रिक पॉवर कम्पनी भी अपनी बिजली लाइनों और अन्य सुविधाओं का आकलन कर रही है।

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

US नेवी और ईरान के बीच जंग फिर से शुरू, नेवी ने पकड़ा तेहरान का कार्गो जहाज

नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता शुरू होने के पहले विफल होती दिखाई दे रही है। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्रूथ पर बताया है कि यूएस नेवी ने ओमना की खाड़ी में अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने का प्रयास किया तो एक ईरान झंडे वाली कार्गो जहाज का कब्जे में ले लिया है। उधर, ईरान ने वोट ड्रोन से अमेरिकी नेवी पर पलटवार का दावा किया है।
जब तक नाकेबंदी रहेगी, मतभेद रहेगा
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज को कब्जे में लिए जाने की घटना पर पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है । उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक नौसैनिक नाकाबंदी रहेगी, तब तक मतभेद बने रहेंगे।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा, ‘आप अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते नहीं रह सकते, नाकाबंदी को और सख्त नहीं कर सकते, ईरान को और युद्ध अपराधों की धमकी नहीं दे सकते, अनुचित मांगों पर अड़े नहीं रह सकते, बयानबाजी से काम नहीं चला सकते और ‘कूटनीति’ का दिखावा नहीं कर सकते। जब तक नौसैनिक नाकाबंदी रहेगी, तब तक मतभेद बने रहेंगे।’

hacklink satın al grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet güncel grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet matbet giriş jojobet güncel holiganbet giriş holiganbet giriş sahabet onwin bets10 bets10 giriş bets10 güncel giriş betcio atlasbet bets10 bets10 giriş casibom kalitebet kalitebet giris betsmove Betsmove giris Royalbet Royalbet giriş Royalbet güncel Royalbet meritking meritking giriş perabet perabet giriş casibom casibom giriş grandpashabet grandpashabet giriş galabet vaycasino vaycasino giriş grandpashabet grandpashabet holiganbet grandpashabet grandpashabet grandpashabet perabet perabet giriş padişahbet padişahbet giriş grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet giriş meritking meritking giriş casibom