ईरान जो माइंस होर्मुज में बिछा रहा है वह कितनी खतरनाक, जहाज के टकराने पर कितना नुकसान हो सकता है
नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ऐलान किया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंटी माइन ऑपरेशन्स शुरू करेंगे। यह हिस्सा समुद्री यातायात के बहुत जरूरी है। अमेरिका और इजराइल के बीच फरवरी के आखिर में शुरू हुए युद्ध के बाद ईरान ने इस खाड़ी को जहाजों के लिये बन्द कर दिया गया है। ईरान ने छोटी नावों से माइंस बिछाई हैं क्योंकि उसके बड़े जहाज अमेरिकी और इजरायली हमलों में नष्ट हो चुके हैं। अभी यह नहीं पता है कि कितनी माइंस बिछाई गयी है। लेकिन ईरान ने एक रास्ता खुला रखा है जिससे वह जहाज गुजर सकें जो टोल दे दें।
न्यूयॉक टाइम्स के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान स्वयं अपनी बिछायी मांस का पूरा नक्शा नहीं ढूंढ पा रहा है। उन्हें हटाने की क्षमता भी नहीं है। यह माइंस ईरान के पास मौजूद कई हथियारों में सिर्फ एक है। इसके अलावा सस्ते ड्रोन, एंटी-शिप मिसाइलें और तेज हमलेवाली छोटी नावें भी है।
यह माइंस कितने बड़े जहाज को उड़ा सकती है
म्हाम 3 माइन का रेंज लगभग 3 मीटर है। यह सेंसर्स से जहाज को 3 मीटर की दूरी महसूस कर लेती है। फिर कुछ मीटर दूर से फट जाती है। 120 किमी विस्फोटक के साथ यह बड़े जहाजों जैसे सुपरटैंकर, कार्गो शिप या डेस्ट्रॉयर को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
क्या ईरान को माइंस का नक्शा देना आवश्यक
अंर्तराष्ट्रीय कानून कहता है कि माइंस का उपयोग अंर्तराष्ट्रीय खाड़ी को बेकार करने के लिये नहीं किया जा सकता है। लेकिन ईरान दावा करता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का कुछ भाग उसके क्षेत्रीय पानी में आता है। अमेरिका और ईरान दोनों 1994 के यूएन लॉ ऑफ द सी में शामिल नहीं है। अभी युद्ध विराम है। लेकिन दोनों के बीच सशस्त्र संघर्ष चल रहा है। इसलिये यह साु नहीं है कि ईरान अमेरिका का माइंस का पूरा नक्शा देगा या नहीं। खासकर जब अमेरिका भी अपना सैन्य ब्लॉकेड लगा रहा है। कुल मिलाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइंस की समस्या दुनिया के लिये बड़ी चुनौती है। अमेरिका की अनक्रूड तकनीक मदद कर सकती है। लेकिन खतरे अभी भी बने हुए हैं।

