हाईकोर्ट की अवमानना के मामले में कोष एवं लेखा संयुक्त संचालक और पेंशन अधिकारी को गिरफ्तारी वारंट से तलब
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक पेंशन प्रकरण के मामले में सख्ती दिखाई हुए 2 ट्रेजरी अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिये है। दरअसल, यह मामला पेंशन के साथ मिलने वाली ब्याज राशि के भुगतान में देरी और हाईकोर्ट के पुराने आदेश का पालन नहीं करने से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान भिंड के एसपी डॉ. आसित यादव हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद रहें। उन्होंने बताया कि पीपीओ पेंशन आदेश जारी कर दिया गया है। लेकिन प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिलने से बयाज का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उसके आदेश का पालन नहीं करना बेहद गंभीर बात है। जिन ट्रेजरी अधिकारियों को हाईकोर्ट में आना था, लेकिन वह भी उपस्थित नहीं हुए है।
ट्रेजरी अधिकारियों को गिरफ्तारी वारंट से तलब
इसी वजह से हाईकोर्ट ने ग्वालियर-चम्बल संभाग के कोष एवं लेखा के संयुक्त संचालक प्रमोद सक्सेना और भिंड के ट्रेजरी अधिकारी व जिला पेंशन अधिकारी अर्चना त्रिपाठी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिये है। कोर्ट ने भिंड एसपी को आदेश दिये है कि दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर अगली सुनवाई में हाईकोर्ट के सामने पेश किया जाये। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।

