ग्वालियर में मजिस्ट्रेट ने काटा चालान, बिना नंबर की फॉर्च्यूनर लेकर भागा युवक, CMHO की गाड़ी से हूटर हटाया
ग्वालियर. गोविंदपुरी चौराहे पर बुधवार शाम मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान पुलिस ने नियम तोडने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की। इस दौरान ग्वालियर के सीएमएचओ की ड्यूटी में लगी गाडी से अवैध हूटर हटाकर चालान काटा गया। वहीं बिना नंबर की फॉर्च्यूनर को रोकने क प्रयास करने पर चालक वाहन लेकर भागने लगा। इस दौरान एक एक्टिवा सवार उसकी चपेट में आते-आते बच गया और उसे मामूली चोट आई। पुलिस ने तत्काल वाहन जब्त कर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सैकडों वाहनों की जांच की गई। काली फिल्म, अवैध हूटर और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की गई।

बडी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया
शाम के समय गोविंदपुरी चौराहे पर बडी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चौराहे से गुजरने वाले वाहनों को रोककर उनकी जांच की गई। अचानक शुरू हुई कार्रवाई से राहगीर और आसपस मौजूद लोग भी हैरान रह गए। पुसि ने वाहन चालकों के दस्तावेजों की जांच की और संदिग्ध वाहनों की तलाशी भी ली।

बिना नंबर की फॉर्च्यूनर ने एक्टिवा को टक्कर मारी
चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना नंबर की फॉर्च्यूनर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन लेकर भागने लगा। इसी दौरान सामने आए एक एक्टिवा चालक को टक्कर लगते-लगते बची और उसे मामूली चोट आई। पुलिस ने तत्काल फॉर्च्यूनर चालक को पकड़कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। वाहन की तलाशी में उस पर ‘विधायक’ लिखी नेम प्लेट भी मिली। फिलहाल वाहन जब्त कर चालक से पूछताछ की जा रही है।

सीएमएचओ की गाड़ी से हटाया हूटर, काटा चालान
चेकिंग के दौरान ग्वालियर के सीएमएचओ की सेवा में लगी गाड़ी पर हूटर लगा मिला। पुलिस ने वाहन रोककर हूटर लगाने की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति नहीं दिखाए जाने पर हूटर मौके पर ही हटाकर चालान किया गया। ट्रैफिक थाना प्रभारी धनंजय शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के नियमों के अनुसार केवल अधिकृत अधिकारी और कर्मचारी ही हूटर का उपयोग कर सकते हैं। संबंधित वाहन इस श्रेणी में नहीं था, इसलिए कार्रवाई की गई।

वाहनों पर लगी काली फिल्म हटवाया
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों की जांच की गई। जिन वाहनों पर काली फिल्म लगी थी, उसे मौके पर हटवाया गया। इसके अलावा हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने, मॉडिफाइड साइलेंसर और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी चालानी कार्रवाई की गई।
न्यायाधीश ने अभिभावकों से की अपील
मजिस्ट्रेट भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनने से पहले बच्चों को वाहन न चलाने दें। उन्होंने कहा कि तेज और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण बड़ी जनहानि हो सकती है, जिसकी भरपाई किसी भी रूप में संभव नहीं है।

