सीजफायर के दौरान इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर किये ताबड़तोड़ हमले
नई दिल्ली. अप्रैल 2026 में इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर हुआ था। जिसे 3 हफ्ते के लिये बढ़ा दिया गया था। लेकिन सीजफायर इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर फिर से हमले शुरू कर दिये। इजरायल का कहना है कि हिज्बुल्लाह सीजफायर का उल्लंघन कर रॉकेट और ड्रोन हमले कर रहा है। इसलिये इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर सैन्य कार्यवाही की। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को हिज्बुल्लाह पर जोरदार हमला करने का आदेश दिया। इस स्थिति से सवाल उठ रहा है कि सीजफायर टूटने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रही है। बातचीत पर क्या असर पड़ेगा।
इजराइल ने क्यों किया हमला
इजरायल का मुख्य तर्क है कि हिज्बुल्लाह सीजफायर का पालन नहीं कर रहा है। इजराइल चाहता है कि हिज्बुल्लाह अपनी सैन्य क्षमता कम करें। इजरायल की सीमा से दूर रहे और लेबनान में इजरायली सैनिकों की मौजूदगी को स्वीकार करें। नेतन्याहू सरकार का कहना है कि बड़ा खतरा मानता है। इसलिये सीजफायर के बावजूद भी इजरायल आत्मरक्षा के नाम पर हमले जारी रख रहा है। हिज्बुल्लाह कहता है कि इजरायल सीजफायर का लाभ उठाकर लेबनान की जमीन पर कब्जा बनाये रखना चाहता है। हिज्बुल्लाह के अनुसार इजरायल के हमले एक तरफा है। सीजफायर को बेमतलब बना रहे हैं। हिज्बुल्लाह ने चेतावनी दी हैकि इजरायल के हर हमले का जवाब दिया जायेगा। हिज्बुल्लाह ईरान का समर्थन प्राप्त संठगन है। इसलिये यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय तनाव से जुड़ा हुआ है।

