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आगरा धर्मान्तरण के प्रकरण में भोपाल में दाऊद अहमद की प्रॉपर्टी कुर्क, कनाडा से भारत की तैयारी शुरू

आगरा-भोपाल। यूपी के आगरा से शुरू हुए धर्मान्तरण सिंडिकेट मामले में पुलिस ने अभी तक की सबसे बड़ी कार्यवाही की है। सिंडिकेट के मुख्य आरोपी और फडिंग के स्त्रोत दाऊद अहमद पर शिकंजा कसते हुए आगरा पुलिस ने भोपाल स्थित उसकी संपतित को कुर्क कर लिया हे। अभी पुलिस उसे विदेश से भारत लाने की तैयारी में जुट गयी है। इस पूरे मामले में अब इंटरनेशनल कनेक्शन ओर फंडिंग नेटवक्र की जांच भी तेज कर दी गयी है।
आगरा पुलिस ने भोपाल के गांधीनगर थाना इलाके स्थित रिलायबल हाईटेक सिटी में दाऊद अहमद के घर पर पहुंचकर कुर्की की कार्यवाही पूरी की है। इससे पहले सीआरपीसी की धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा किया गया था। लेकिन अदालत में पेश नहीं होने पर अभी तक धारा 83 के तहत संपत्ति कुर्क कर दी गयी है।
दाऊद कनाड़ा में छिपा
आगरा पुतिलस का मकसद साफ है कि आरोपी या उसका परिवार अभी संपत्ति बेचकर फरार न हो सके। पुलिसिया सूत्रों के अनुसार पिछले 3 वर्षो से दाऊद अहमद में कनाड़ा में मौजूद है। उसे भारत लाने के लिये आगरा पुलिस यूपी सरकार के गृह विभाग से पत्राचार कर रही हे। ताकि सीबीआई के माध्यम इंटरपोल से रेडकॉर्नर नोटिस जारी कराया जा सके।
इसके साथ ही एमएलएटी यानी म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी के तहत भी कार्यवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा इंटरनेशनल कनेक्शन भी सामने आ रहा है। दाऊद अहमद का संबंध कनाड़ा के ब्राम्पटन इस्लामिक सेंटर बताया जा रहा हे।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा जुलाई 2025 में हुआ था. जब आगरा के सदर क्षेत्र से दो सगी बहनें लापता हो गई थीं. । जांच में सामने आया कि दोनों एक संगठित गिरोह के संपर्क में आ गई थीं. पुलिस ने उन्हें कोलकाता से बरामद किया, जिसके बाद इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ.इस मामले में अब तक 14 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली में सक्रिय था, जबकि उसकी सहयोगी आयशा गोवा से नेटवर्क चला रही थी.पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस सिंडिकेट को विदेशों खासतौर पर कनाडा और यूएई से फंडिंग मिल रही थी. जांच में दाऊद अहमद को इस फंडिंग का अहम स्रोत बताया गया. पुलिस ने दाऊद अहमद की गिरफ्तारी के लिए भोपाल में दबिश भी दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया. अदालत के आदेश के बावजूद पेश न होने पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है. थाना सदर बाजार में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत एक और मुकदमा भी दर्ज किया गया है.इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई लड़कियों को इस गिरोह के चंगुल से मुक्त भी कराया है. यानी साफ है कि पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में आगरा से हुए खुलासे के बाद अब यह मामला इंटरनेशनल नेटवर्क और फंडिंग तक जा पहुंचा है. फिलहाल, आगरा पुलिस इस सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में हे।

 

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