होर्मुज फिर से शुरू हुई लड़ाई, अमेरिकी वॉरशिप पर ईरानी मिसाइलों की बारिश

नई दिल्ली. होर्मुज की खाडी में पिछले 48-50 घंटों के अन्दर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अचानक बढ़ गया है। अमेरिकी युद्धपोतों परद ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले, ईरानी टैंकर पर अमेरिकी गोलीबारी और फिर ईरान के बन्दरगाह व द्वीपों पर अमेरिकी हमले- यह घटनायें अब एक खतरनाक सिलसिले में बदल गयी है। नाम का सीजफायर है। असल में दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर 48 घंटे पहले ईरान ने यूएई के फुजैरा पोर्ट पर एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागी। ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी से मना किया। इसके बाद सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिका को अपने एयरबेस उपयोग करने की इजाजत अचानक रोक दी है।
अमेरिका ने ईरान पर किए हमले
कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाह बंदर अब्बास, क़ेश्म द्वीप और मिनाब पर हमले किए है। ये हमले ईरान के फुजैरा हमले और अमेरिकी जहाजों पर हमले का जवाब थे । ईरान ने भी UAE के पास अमेरिकी जहाजों पर जवाबी हमले किए है। दोनों तरफ से हमले हो रहे हैं, लेकिन दोनों देश सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि सीजफायर अभी भी कायम है। असलियत यह है कि सीजफायर अब सिर्फ कागजी है। दोनों देश नियंत्रित तरीके से एक-दूसरे से लड़ रहे है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा संभालता है। फिलहाल यहां यातायात लगभग बंद है। मिसाइल, ड्रोन, समुद्री माइन्स और बहुत ज्यादा बीमा खर्च के कारण कोई जहाज आसानी से गुजर नहीं पा रहा है।

