मुरैना में टैंकर ने मवेशियों को कुचला और सड़क किनारे पलटा, निकले तेल को भरने की ग्रामीणों में मची होड़

मुरैना. पोरसा के छतरपुरा गांव के पास रविवार की रात 12 बजे के करीब एक तेज रफ्तार तेल से भरे टैंकर ने सड़क पर बैठी गायों को कुचल दिया। इसके बाद टैंकर सड़क किनारे पलट गया। जिससे तेल रिस कर खंती और खेतों में जा भरा। जब ग्रामीणों को तेल फैलने की सूचना मिली तो यहां सोमवार की सुबह सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और घरों से बर्तन और बड़ी-बड़ी कैन लेकर आ गए। जिस पर इस बहते हुए तेल को भरने की ग्रामीणों के बीच होड़ सी मच गई। इस बीच जो भी इस रास्ते से होकर गुजर रहा था उसने भी इस तेल को भरने में देरी नहीं की। यहां बता दें कि यह तेल खाद्य है या खाद्य अभी इस बात का पता नहीं चल सका है, जिससे अब यह परेशानी खड़ी हो गई है कहीं ग्रामीण तेल का उपयोग खुद के या पशुओं को खिलाने में इस्तेमाल न कर दें। जिससे बड़ी घटना घटित हो सकती है। उधर दोपहर के समय पुलिस पहुंची तो एक ड्रम को पुलिस ने जब्त कर थाने ले आई। इसके अलावा कहीं भी ग्रामीणों को इस तेल को ले जाने से रोकने का प्रयास नहीं किया गया।

जानकारी के मुताबिक रविवार की रात 12 से 1 के बीच एक टैंकर क्रमांक यूपी 13 टी 8951 आयल से भरकर भिंड की ओर से पोरसा की ओर आ रहा था। जब यह छतरपुरा गांव के पास से गुजर रहा था, उसी समय सड़क पर बैठी गायों से टकरा गया। इसके बाद सड़क किनारे ही पलट गया। बताया जाता है कि टैंकर की टक्कर से 4 से 5 गायों की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीणों ने टैंकर से रिसता हुआ तेल देखा, तो इसे भरकर घर ले जाने की होड़ मच गई। उधर बताया जाता है कि इस ट्रक के चालक और परिचालक रात में ही कहीं चले गए और इसके बाद कोई लौटकर नहीं आया। वही जिन गायों को ट्रक ने कुचला था उन्हें रात में ही पास में ही दफना दिया गया। अब इस टैंकर में यह तेल खाद्य है या खाद्य इस बात को जाने बगैर ही ग्रामीण इसे बड़े-बड़े बर्तनों में भरकर घर ले जाने पर तुले हुए हैं। उधर सूचना मिलने पर काफी देर बाद सुबह 10 बजे के करीब पुलिस पहुंची। लेकिन यहां किसी ग्रामीण को रोका नहीं गया। महज एक राहगीर से एक ड्रम तेल का जब्त कर पुलिस थाने ले आई। पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।  यह ट्रक किसका है और इस तेल को कहां ले जाया जा रहा था। इस मामले की पड़ताल कर रही है। लेकिन अब मुसीबत यह है कि कि ग्रामीण इस तेल को भरकर ले गए हैं। जिसका कहीं उपयोग कर लिया तो इसका उनके स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। तेल की जांच करने के लिए खाद्य विभाग की टीम भी यहां नहीं पहुंची थी। उधर टैंकर से रिसते हुए तेल को ग्रामीण लगातार भरने में जुटे हुए थे। जिन्हें रोकने के लिए ना तो टैंकर का कोई कर्मचारी आया और ना ही पुलिस ने कोई प्रयास किया।

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