GWALIOR में गाड़ी हटाने को लेकर मेडिकल संचालक और SI के बीच जमकर मारपीट
ग्वालियर. मुरार इलाके में ओम हरि हास्पिटल के बाहर गाड़ी हटाने को लेकर मुरार थाने के सब इंस्पेक्टर और मेडिकल स्टोर संचालक के बीच जमकर मारपीट हो गई। मेडिकल स्टोर संचालक ने पहले हाथापाई शुरू की। इसी बीच डाक्टर बीचबचाव करने आया तो मेडिकल स्टोर संचालक भाग गया। इस पर सब इंस्पेक्टर ने डाक्टर पर उसे भगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। सब इंस्पेक्टर ने जबरन डाक्टर को अपने साथ ले जाने की कोशिश की तो डाक्टर की पत्नी भी आ गई। जब यहां आम लोग इकठ्ठे हो गए तो सब इंस्पेक्टर ने कार की चाबी निकाल ली, जिसके अंदर डाक्टर का छोटा बेटा बंद हो गया। इस मामले में फिलहाल मुरार थाना पुलिस ने सब इंस्पेक्टर की शिकायत पर मारपीट करने वाले मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने, मारपीट करने की धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। उधर अस्पताल संचालक का कहना है कि इसकी शिकायत वह पुलिस अफसरों से करेंगे।
सीएसपी मुरार ऋषिकेष मीणा ने बताया कि जिस सब इंस्पेक्टर के साथ मारपीट हुई, उसका नाम अतर सिंह कुशवाह है। मारपीट करने वाले का नाम खुशमीत गिल है। जो ओम हरि हास्पिटल का मेडिकल स्टोर संचालक है।
पूरी कहानी सब इंस्पेक्टर और डाक्टर की जुबानी
SI- मैं मुरार थाने में पदस्थ हूं। मैं गुरुवार शाम को धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपित की तलाश में जा रहा था। जब माल रोड से गुजरा तो ओम हरि हास्पिटल के सामने पोलो कार एमपी07 सीजी 5675 खड़ी हुई थी। कार सड़क पर ऐसे खड़ी थी, जिससे जाम लग रहा था। एक दूसरी कार यहां फंस गई, जिसे महिला चला रही थी। कार के शीशे पर ब्लैक फिल्म चढ़ी थी। जैसे-तैसे महिला ने गाड़ी निकाली तो मैंने अपनी गाड़ी आगे बढ़ाई, तभी उस कार के चालक ने अचानक कार मोड़ी जिससे मेरी गाड़ी में टक्कर लग गई। तभी मैं अपनी गाड़ी से नीचे उतरा और उससे कहा कि लापरवाही से गाड़ी क्यों चला रहा है। इस पर वह नाराज होने लगा। वह बाहर निकला और अभद्रता करने लगा। मुझसे कहा कि वर्दी उतरवा दूंगा, पहुंच बहुत ऊपर तक है। मेरे साथ उसने मारपीट की। तभी एक अन्य व्यक्ति आया और खुद को हास्पिटल का डाक्टर बता रहा था। उसने मुझे पकड़ लिया और एक राहगीर ने भी बीच बचाव किया लेकिन वह मारपीट करता रहा। उसने मुझे लात मारी फिर वायरलेस सेट से फोन कर फोर्स को बुलाया। जब तक फोर्स आया तब तक मारपीट करने वाला हास्पिटल के अंदर घुस गया और यहां से भाग गया। मुझे धमकाकर गया कि वह मुझे छोड़ेगा नहीं।
हास्पिटल संचालक का कहना मैं शहर से बाहर था। बेटा डा.प्रद्युम्न हास्पिटल के अंदर था। फार्मेसी संभालने वाला खुशमित कार से बहू और नाती को लेकर जा रहा था। वह कार हास्पिटल के बाहर खड़े किए हुए था। तभी अचानक मारपीट होने लगी। शोर सुनकर बेटा बाहर गया, उसने मारपीट होते देख बीच बचाव किया। तभी खुशमित वहां से भाग गया। सब इंस्पेक्टर बेटे पर भगाने का आरोप लगाने लगे। वह उसे ही अपनी कार में जबरन डालकर ले जाने लगे, जब उसने शोर मचाया तो बहू अंदर से आई। बहू के साथ भी झूमाझटकी कर दी। फिर गुस्से में कार की चाबी निकालकर ले गए। जिसके अंदर मेरा नाती बंद हो गया। जैसे-तैसे कार का ताला तोड़ा और बच्चे को बाहर निकाला। हम इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अफसरों से करेंगे।

