ज्वार और बाजारा खरीदी में प्रशासन अंडगेंबाजी कर रहा – अखिलेश यादव

ग्वालियर/ किसानों की ज्वार और बाजारा खरीदी में प्रशासन तमाम तरह की अंडगेंबाजी कर रहा है। सहकारी सोसायटीयों पर दो दो महिने से किसान की ज्वार और बाजारा की तुलाई कर ली गई है। अब प्रशासन द्वारा इसे अमानक बताकर वापिस ले जाने के लिए किसानों पर दबाब बनाया जा रहा है।
हालत यह बन गई है कि अब बाजार में व्यापारियों को यह पता चल जाने के बाद से बाजार में बाजरे की किमत एक हजार से बारह सौ रूपये ही रह गई है। जबकि बाजरे की सरकारी खरीदी रेट 2250 रूपये प्रति क्विटंल निर्धारित है। इस प्रकार किसानों को बेहद नुकसान होने की आंशका हो गई है। अभी हाल में ही हुई ओला वष्टि से किसान की खडी फसलों को काफी नुकसान पहुचां है। अब बाजरे में प्रशासन उन्हे नुकसान पहुचां रहा है।
आज 15 जनवरी को मध्यप्रदेश किसान सभा के कार्यालय में किसानों की बैठक हुई जिसमें यह प्रशासन के इस निर्णय को तुगलकी फरमान घोषित करते हुए इसके खिलाफ आन्दोलन की घोषणा की गई है। किसानों ने सर्वसम्मति ये यह घोषणा की है कि अगर एक सप्ताह में किसानों सभी किसानों के बाजरे की तुलाई कर उनका भुगतान सुनिश्चित नही किया गया तो आगामी 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद बोस की जंयती से किसान कलेक्ट्रट पर अनिश्चितकालीन आन्दोलन शुरू करेगें।
बैठक में अखिलेश यादव, पीपी शर्मा, रामबाबू जाटव, तलविंदर सिंह, पुरूशोत्तम शर्मा, श्रीकृष्ण शर्मा, नरेन्द्र शर्मा, चन्द्रभान सिंह गुर्जर, गोपाल सिंह गुर्जर, सीपी शर्मा, कोमल सिह, लाखन सिंह रावत, राकेश शर्मा, सहित सैकडों की संख्या में किसान नेता एवं किसान उपस्थित थे।

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