मप्र में खुलेंगे सर्वसंसाधन युक्त विद्यालय, बस भी होगी उपलब्ध, 1 जुलाई से होंगे ट्रांसफर
भोपाल. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि मप्र में वैक्सीनेशन महा अभियान के सफल क्रियान्वयन पर आप सबको प्रदेश की जनता, कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं, सामाजिक संस्थाओं को मैं र्हदय से धन्यवाद देता हूं।
वहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि 1 जुलाई से स्थानांतरणों पर से प्रतिबंध हटाया जाएगा। प्रशासनिक आधार पर, मानवीय आधार पर सावधानी के साथ यह प्रतिबंध हटेगा। अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक के 6 पदों को 2 वर्ष के लिए करने का निर्णय लिया गया है। कोविड महामारी के कारण से रेत समूह के ठेकेदारों को आ रही वैधानिक कठिनाइयों को दूर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर सर्व संसाधन युक्त विद्यालयों की स्थापना करने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी है। प्रत्येक बसाहट के 15 किमी के दायरे में यह विद्यालय उपलब्ध होगा।
नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि प्रदेश शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए 9200 विद्यालयों को आगामी 3 साल में खोलने का निर्णय लिया गया है इनमें प्रथम चरण में 350 विद्यालय होंगे। यह विद्यालय जिला मुख्यालय और विकास खंड में एक स्थापित होंगे। इसमें कला, संगीत, खेल, बस की व्यवस्था, स्मार्ट क्लास, इसके लिए 6952 करोड़ रुपये की कैबिनेट के द्वारा सहमति दी गई है। इसमें आस-पास के विद्यालयों को बंद नहीं किया जाएगा।
नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी को 300 करोड़ हस्तांतरण करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में प्रस्तावित किया है। सीएम ने कहा कि एमपी वैक्सीनेशन महाअभियान का काम अभी खत्म नहीं हुआ है काम तो अभी शुरू हुआ है। हमारा लक्ष्य यह है कि कोविड-19 की तीसी लहर आने के पहले ही हम अपनी अधिकांश पात्र जनता को वैक्सीन लगा दें। यह जिंदगी को सुरक्षित रखने का अभियान है। वैक्सीनेशन का अभियान पूरी ताकत से चलाया जाएगा।

