30 जून से मप्र में नर्सेस की हड़ताल
ग्वालियर. मप्र की नर्सेस ने 30 जून से बेमियादी हड़ताल पर जाने का एलान किया है। इससे पहले 28 जून को नर्सेस सामूहिक अवकाश पर रहकर हड़ताल का ट्रेलर देंगी। दरअसल नर्सेस एसोसिएशन द्वारा 10 से एक सप्ताह तक नर्सेस ने चरणबद्ध आंदोलन किया गया था। आरोप है कि इस दौरान प्रदेश सरकार की तरफ से उनके अंदोलन को पूरी तरह से इग्नोर किया गया और मांगे नहीं मानी गई। लिहाजा अब नर्सेस एसोसिएशन ने अपना अगला कदम उठाते हुए हड़ताल पर जाने की तैयारी कर ली है। प्रदेश व्यापी ये हडताल नर्सेस एसोसिएशन के बैनर तले 30 से की जाएगी।
पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग
पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
कोरोना काल में शहीद हुए नर्सिंग स्टाफ के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति देने के साथ 15 अगस्त को राष्ट्रीय कोरोना योद्ध अवार्ड से सम्मानित किया जाए।
कोविंड-19 में नर्सेंस को सम्मानित करते हुए अग्रिम दो वेतन वृद्धि का लाभ उनकी सैलरी में लगाया जाए।
2018 के आदर्श नियमों में संशोधन कर 70 प्रतिशत, 80 प्रतिश और 90 प्रतिशत का नियम हटाया जाए व प्रतिनियुक्ति समाप्त कर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कि जाए।
सरकारी कॉलेजों में सेवारत रहते हुए नर्सेस को उच्च शिक्षा हेतु आयु बंधन हटाकर मेल नर्स को समान अवसर दिया जाए।
कोरोना काल में अस्थाई रूप से भर्ती कि गई नर्सेस को नियमित किया जाए। प्राइवेट कम्पनी से लगाई गई नर्सो को भी उनकी योग्यता के अनुसार नियमित किया जाए।
रेखा परमार, प्रदेशाध्यक्ष नर्सेस एसोसिएशन मप्र
हमने अपनी मांगों को लेकर चरण्बद्ध आंदोलन किया था लेकिन शासन द्वारा कोई समाधान नहीं किया गया इसलिए मजबूरन हमे 30 जून से हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। इसकी जानकारी हमने आज शासन को भेज दी है।

