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आवारा श्वानों की देखभाल के लिये निगम बनायेगा आश्रय स्थल 

ग्वालियर – आवारा श्वानों के लिये नगर निगम के माध्यम से आश्रय स्थल बनाया जायेगा। आवारा श्वानों को पकड़ने के पश्चात नसबंदी कर आश्रय स्थल में रखा जायेगा। इसके साथ ही आवारा श्वानों के लिये भोजन स्थल (फीडिंग सेंटर) स्थापित किए जायेंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित आवारा श्वानों के प्रबंधन के लिये आयोजित बैठक में उक्त आशय के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने आवारा श्वानों के प्रबंधन के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि नगर निगम के माध्यम से आवारा श्वानों के लिये आश्रय स्थलों का निर्माण किया जाए। आवारा श्वानों को पकड़ने के पश्चात उनकी नसबंदी कर आश्रय स्थलों में रखने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही शहर में जितने भी संस्थान जिनमें चार दीवारी बनी हुईं हैं उनमें काऊ कैचर लगाने के साथ-साथ आवारा श्वान संस्थान में प्रवेश न करें, इस संबंध में पुख्ता प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर में आवारा श्वानों को जगह-जगह नागरिकों द्वारा भोजन न दिया जाए। इसके स्थान पर नगर निगम के माध्यम से चयनित स्थलों पर श्वानों के लिये भोजन स्थल (फीडिंग सेंटर) बनाए जाएं। शहर की विभिन्न कॉलोनियों, टाउनशिपों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर भी फीडिंग सेंटर बनें। इस कार्य को निगम के माध्यम से शीघ्र किया जाए। इसके साथ ही नागरिकों को श्वानों को भोजन उपलब्ध कराने के संबंध में जन जागरूकता का विशेष अभियान भी चलाया जाए।
लोक निर्माण विभाग एवं एनएचएआई के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्ग पर भी आवारा पशुओं एवं श्वानों के प्रबंधन की नियमित मॉनीटरिंग करें।  की गई कार्रवाई से प्रत्येक माह समिति को भी अवगत कराएं। उन्होंने बैठक में यह भी कहा है कि जिले में डॉग लवर्स का पंजीयन भी कराया जाए। इससे जिले भर में जो लोग डॉग के रख-रखाव के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं उनका चिन्हांकन किया जा सके। डॉग लवर्स के माध्यम से भी जिले में पुख्ता प्रबंधन के प्रयास किए जायेंगे।

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