11 हॉकर्स जोन खाली और सड़कों पर 25 हजार ठेले सड़कों पर , हाईकोर्ट में लगी जनहित याचिका 23 मीटर बची सड़कें

ग्वालियर. प्रमुख बाजारों में अवैध अतिक्रमण से विगड़ती यातायात व्यवस्था का मामला अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में पहुंच गयाहै। शहर में कोरोनाकाल के बाद से मुख्य और अंदरूनी सड़कों पर ठेके -गुमयिों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
ऐसा दावा किया गया है कि25 हजार से अधिक ठेलों की वजह 7मीटर चौड़ी सड़कें सिमटकर महज 2-3 मीटर रह गयी है। मंगलवार को इस संबंधमें जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल की गयी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से हॉकर्स की सूची और रसीदों का रिकॉर्ड मांगा है। दीपावली से पहले अंतिम मंगलवार को महाराज बाड़े पर भी भारी भीड़ देखने को मिली। बाड़ा और सराफा इलाके में हर 20 मिनट में जाम क हालात बन रहे थे। इस लेकर ट्रैफिक पुलिस और व्यापारियों के बीच बैठक भी हुई है। व्यापारियों ने हाथ ठेलों को जाम की वजह बताते हुए नगरनिगम कर्मचारियों के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायत की।

नगरनिगम ने 11 हॉकर्स जोन बनाये
नगरनिगम ने करोड़ों रूपये खर्च करके नेहरू पार्क, पिंटो पार्क, लक्ष्मण तलैया, इंटक मैदान, हजीरा और विनय नगर समेत 11 हॉकर्स जोन तैयार किये है। इनमें 1470 वेंडर्स को व्यस्थित प्रकार से बैठाने की व्यवस्था की है। इसके बावजूद यह जोन खोली पड़े है। वेंडर्स मुख्य सड़कों पर ठेले लगाकर व्यापार कर रहे है। दौलतगंज निवासी पुरूषोतम जैन ने एडवोकेट अवधेशसिंह तोमर के जरिये से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें नगरनिगम, पुलिस और जिला प्रशासन पर अतिक्रमण के मामले में मूक दर्शक बने रहने और संरक्षण देने के आरोप लगाये हैं।

आपको बता दें महाराज बाड़े और शहर की सड़कों तादाद से अधिक टमटम और हाथ ठेलों की वजह आम आदमी का सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर है। ऐसे मुद्दे को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट में सराफा बाजार व्यापारी पुरूषोतम जैन ने एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर के माध्यम याचिका दायर की है। इसकी अगली सुनवाई 21 दिसम्बर को होगी।
