मिडटर्म चुनाव ट्रम्प हारे तो रूकेगी मनमानी
नई दिल्ली. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिये बड़ी परीक्षा है। इन चुनावों में उनकी रिपब्लिकन पार्टी हारती है तो ट्रम्प की कुर्सी नहीं जायेगी। लेकिन अगले 2 वर्ष उनके लिये मुश्किल हो सकते है। संसद में डेमोक्रेट्स का दबादबा बढ़ सकता है। इससे डोनाल्ड ट्रम्प के फैसलों पर रोक लगाने की कोशिश होगी। उनके प्रशासन-व्यापार हितों की जांच भी शुरू हो सकती है। यहां तक कि महाभियोग की प्रक्रिया का खतरा भी बढ़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रम्प की संसद में बढ़ेगी मुश्किलें
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के 2 साल बाद होते हैं। इनमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक तिहाई सीटों पर चुनाव होता है। इन नतीजों से तय होता है कि संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी का बहुमत रहेगा। अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में बबहुमत हासिल कर लेते हैं तो वह कई संसदीय समितियों का नियंत्रण संभाल लेंगे। इन समितियों के जरिये डोनाल्ड ट्रम्प सरकार के फैसलों पर सवाल उठाये जा सकेंगे। अधिकारी पूछताछ के लिये बुलाये जा सकेंगे। दस्तावेज मांगे जा सकेंगे, जरूरत पड़ने पर समन भी जारी किये जा सकेंगे।
