70 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट एसटीएफ की कर रही है जांच, 2 गिरफ्तार, 10 टीमें अमस बंगाल तक नेटवर्क तलाशने में जुटी

ग्वालियर देश की सुरक्षा में एक बड़ी चूक सामने आयी है। डबरा में 70 बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनाने का प्रकरण सामने आया है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऐसे गैंग का खुलासा किया है जिसने डबरा में एक ही पते का उपयोग कर इन पासपोर्ट को बनवाया है। एसटीएफ ने मामले में 2 आरोपी रियाल चौधरी, विप्लब अधिकारी को गिरफ्तार किया है। हैरत की बात यह है कि सभी बांग्लादेशी नागरिक को डबरा के बौद्ध बिहार में रहने वाला बौद्ध धर्म का अनुयायी दर्शाया गया है। सभी पासपोर्ट में एक ही गवाह के हस्ताक्षर है।
जांच में सामने आया है कि गैंग ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिये स्थानीय स्तर पर फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी, निवास प्रमाण पत्र और 10वीं की अंकसूची सहित अन्य दस्तावेज तैयार किये है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट के लिये आवेदन कराया गया है। सभी पासपोर्ट में गवाह के तौर पर रियाल चौधरी का नाम अंकित है।
एक ही एड्रेस से बनवाये 70 पासपोर्ट
पासपोर्ट जारी होने से पहले स्थानीय पुलिस द्वारा आवेदक के पते, पहचान और चरित्र का भौतिक सत्यापन किया जाता है। ऐसे में डबरा स्थित बौद्ध विहार के एक ही पते से 70 बांग्लादेशी नागरिकों के भारतीय पासपोर्ट बन जाना पुलिस वेरिफिकेशन प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। एसटीएफ अब यह जांच कर रही है। सत्यापन में जानबूझ कर लापरवाही बरती गयी या पुलिस कर्मियों की मिलीभगत थी। मामले में संलिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी कार्यवाही हो सकती है।
44 संदिग्ध पासपोर्ट भी जांच में
रियाल चौधरी की गिरफ्तारी के बाद 44 अन्य पासपोर्ट भी जांच के दायरे में आये है। एसटीएफ इनकी जांच-पड़ताल कर रही है कि कहीं इन्हें भी इसी गैंग ने तो नहीं बनवाया है। इनमें से भी अधिकतर पासपोर्ट में एक जैसे पते और गवाह होने की जानकारी सामने आयी है। मामले में एसटीएफ ने एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इन पासपोर्ट के भी फर्जी होने की संभावना है। असम-बंगाल तक फैले नेटवर्क की जांच, 10 टीमें जुटीं
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसटीएफ ने देशभर में करीब 10 टीमें जांच में लगाई हैं। मध्यप्रदेश की चार टीमें ग्वालियर समेत अलग-अलग जिलों में स्थानीय नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं। वहीं, असम, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में छह टीमें नेटवर्क से जुड़े बिचौलियों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही हैं।
जल्द होगा खुलासा-एसटीएफ एसपी
एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले की जांच एसटीएफ की ग्वालियर यूनिट कर रही है। जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
