ग्वालियर में प्रॉपर्टी बाजार में 22% बढ़ोतरी की आहट, 1000 फुट का प्लॉट 50 लाख पार
ग्वालियर. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई कलेक्टर गाइडलाइन ने शहर के प्रॉपर्टी बाजार में हलचल मचा दी है। औसतन 22 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है, जिसका सीधा असर खरीदार और विक्रेता दोनों पर पड़ेगा। अनुमान है कि 1000 वर्गफुट का सामान्य प्लॉट अब 50 लाख रुपए तक पहुंच सकता है, जबकि सिटी सेंटर जैसे प्रीमियम इलाके में कीमतें 1 करोड़ रुपए के करीब जा सकती हैं। सबसे बड़ी चिंता एक नंबर में पूरी राशि दिखाने को लेकर है। रजिस्ट्री में 50 लाख से 1 करोड़ रुपये दर्शाना कई खरीदारों के लिए मुश्किल साबित हो सकता है। यदि बैंक फाइनेंस के जरिए संपत्ति खरीदी जाती है तो बढ़ी हुई कीमत के साथ EMI भी भारी पड़ेगी, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट डगमगा सकता है। इस संभावित बढ़ोतरी को लेकर बिल्डर्स और आम नागरिकों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उनका तर्क है कि इतनी तेज बढ़ोतरी से प्रॉपर्टी की डिमांड पर असर पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर सेवा प्रदाता गाइडलाइन बढ़ाने के पक्ष में हैं, क्योंकि इससे स्टांप शुल्क की राशि बढ़ेगी और उनके कमीशन में भी इजाफा होगा।
नवंबर 2025 तक लगातार गिरावट दर्ज की गई
दरअसर पंजीयन विभाग ने जनवरी से गाइडलाइन पर होमवर्क शुरू कर दिया था। आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस की मदद भी लगी। 2225 दस्तावेजों से बढ़ोतरी का आंकलन लगाया गया। 2025-26 में जो गाइडलाइन बढ़ा गई थी। उसकी वजह से 17 फीसदी तक गिरावट आई थी, क्योंकि गाइडलाइन रेट अधिक होने पर लोग रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। नवंबर 2025 तक लगातार गिरावट दर्ज की गई। दुबारा गाइडलाइन बढ़ रही है तो बढ़ोतरी के बोझ से बचने के लिए रजिस्ट्री करा रहे हैं।

