Newsमप्र छत्तीसगढ़

नवग्रह शक्तिपीठ पर रामकथा शुरू, रामनाम पर संशय न करें, प्रभु शरण में ही सुरक्षा

डबरा. नवग्रह शक्तिपीठ में प्रसिद्ध कवि कुमार विशवास की 3 दिवसीय रामकथा ‘‘अपने-अपने राम’’ का आगाज हुआ है। नवग्रह पीठ की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान आयोजित इस कथा में कुमार विश्वास ने ग्रहों की महिमा से लेकर भगवान राम की शक्ति तक कई प्रसंग सुनाये। कथा की शुरूआत में कुमार विश्वासने सभी 9 ग्रहों (सूर्य, चंद्रमका, मंगल आदि) की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि डबरा की नवग्रह पीठ पर आकर लोग अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। शनि की महादशा पर चर्चा करते हुए। उन्होंने ऋषि पीपलाद की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि ब्रह्मा जी के वरदान के अनुसार 5 वर्ष तक के बच्चों पर शनि की महादशा नहीं होगी। जिस पर शनि की महादशा हो, वह सूर्योदय से पहले पीपल के पेड पर जल चढाये तो प्रभाव कम हो जायेगा।
कुमार विश्वास ने जोर देकर कहा कि राम नाम पर कभी संशय (शक) नहीं करना चाहिए। उन्होंने इंद्रपुत्र जयंत का उदाहरण दिया, जिसने माता सीता को क्षति पहुंचाने की कोशिश की थी। राम के एक तिनके रूपी बाण से बचने के लिए जयंत तीनों लोकों में भटका, लेकिन अंत में उसे प्रभु राम की शरण में ही सुरक्षा मिली।
सांस्कृतिक बदलाव और मंदिर निर्माण पर बेबाक राय
कुमार विश्वास ने कहा कि देश बदल रहा है; अब युवा पर्यटन के लिए मकबरे नहीं, बल्कि बनारस और अयोध्या जा रहे हैं। उन्होंने अयोध्या मंदिर का श्रेय किसी सरकार को न देते हुए इसे 200 करोड़ लोगों की मेहनत का फल बताया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के पास इतना सामर्थ्य है कि वे मथुरा और बनारस में भी मंदिर बना लेंगे। उन्होंने सवाल भी उठाया कि क्या मंदिर तोड़कर ही मस्जिद बनाना जरूरी था?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *