9 वर्षीय गायब नाबालिग, जांच अधिकारी हाईकोर्ट में तलब, 13 माह CBI ने की जांच
ग्वालियर. गुना जिले से 9 वर्षीय पूर्व लापता हुई नाबालिग को पुलिस के बाद अब सीबीआई भी तलाश नहीं पायी है। लगभग साढ़े आठ तक पुलिस ने मामले की मांच की। लेकिन नाबालिग का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने प्रकरण केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था। 13 माह की जांच के बाद भी सीबीआई खाली हाथ है। इससे आहत नाबालिग के पिता ने एक बार फिर से हाईकोर्ट में आवेदन दिया है।
हाईकोर्ट ने इस मामले को दोबारा हैबियस कॉर्पस रिट के तहत सुनवाई के लिये लिया है। हाईकोर्ट ने सीबीआई के जांच अधिकारी को केस डायरी के साथ तलब किया है। पूछा है कि नाबालिग की तालश के लिये अभी तक क्या-क्या प्रयास किये गये है। नाबालिग के पिता ने जितेन्द्र प्रजापति नामक युवक की भूमिका पर संदेह जताया था। लेकिन पुलिस और सीबीआई ने उससे प्रभावी पूछताछ नहीं की है। केस की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
आरोप-सीबीआई ने ठीक से जांच नहीं की
याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट अनिल श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में दलील दी है कि सीबीआई ने मामले की गंभीरता के अनुरूप जांच नहीं की है। जिसकी वजह से अभी तक नाबालिग का पता नहीं चल पाया है। वहीं, सीबीआई की तरफ से अदालत को बताया गया है कि स्टेटस रिपोर्ट पहले ही पेश की जा चुकी है। जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट सक्षम न्यायालय में पेश की जानी प्रस्तावित है। इस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई में केस डायरी प्रस्तुत करने के लिये निर्देश दिये गये है।
क्या है मामला
गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र से 11 दिसंबर 2017 को 17 वर्षीय नाबालिग लापता हो गई थी। जब काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला, तो पिता ने 2017 में हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। मामला लंबे समय तक लंबित रहा। बाद में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई और ग्वालियर आईजी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया।
आईजी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की, लेकिन एसआईटी भी नाबालिग को तलाशने में असफल रही। इसके बाद 17 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट ने मामला सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई ने जांच के दौरान स्टेटस रिपोर्ट पेश की, लेकिन नाबालिग का कोई सुराग नहीं मिल पाया। जांच पूरी करने के लिए सीबीआई ने छह महीने का अतिरिक्त समय भी लिया था, इसके बावजूद नाबालिग का पता नहीं चल सका। सीबीआई ने नाबालिग की सूचना देने वाले के लिए इनाम भी घोषित किया था।

