पूर्व ओलम्पियन मोहम्मद शाहिद के घर बुलड़ोजर से हटाया, सड़क चौड़ीकरण के लिये प्रशासन ने की है कार्यवाही
वाराणसी. उत्तरप्रदेश के वाराणसी में कचहरी से संदहा सड़क चौड़ीकरण के बीच पुलिस लाइन से कचहरी तक कुछ 12 मकानों को बुलडोजर लगातार तोड़ा गया है। इन मकानों में पूर्व ओलम्पियन और पद्श्री हाकी प्लेयर स्वर्गीय मोहम्मद शाहिद का घर भी शामिल था। सड़क चौडीकरण के लिये यह कार्यवाही की गयी है। शाहिद के परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से काफी बहसबाजी की और कार्यवाही रोकने की मांग की। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गयी और बुलडोंजर चला दिया गया।
ओलम्पियन और पुलिस के बीच हुई बहस
प्रशासन का कहना है कि मकान में रहने वाले 9 सदस्यों में से 6 लोगों ने मुआवजा ले लिया था। जबकि बाकी समय मांग रहे थे। बुलडोजर कार्यवाही की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक बुजुर्ग मुस्लिम पुलिसवाले से कह रहे हैं। मिश्रा जी, मैं आपके पैर पकड़ रहा हूं। बस आज की मोहलत दे दीजिये ।कल हटा लेंगे। अखिलेश यादव ने भी इस वीडियो को पोस्ट किया है। आपको बता दें कि मोहम्मद शाहिद के परिवार ने प्रशासन की इस कार्यवाही का कड़ा विरोध किया। उनकी भाभी नाज़नीन नेबताया है कि उन्होंने कोई मुआवजा नहीं लिया है और उनके पास दूसरा मकान भी नहीं है। ऐसे में वह बेघर हो जायेंगे। शाहिद के मामा के लड़के मुश्ताक ने आरोप लगाया है कि उनके घर में शादी है। उनके पास कहीं और जमीन नहीं है। उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ प्रशासनिक गुंडई है। पुर्नवास की व्यवस्था नहीं की जा रही है। मुश्ताक ने यह भी आरोप लगायाहै कि मुस्लिम बाहुल इलाके में जानबूझ कर सड़क को 21 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इसके लिये उन्होंने मंत्री रविन्द्र जयसवाल को जिम्मेदार बताया है।
मुआवजा और कार्यवाही पर प्रशासन का तर्क
इस मामले में वाराणसी के एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सड़क चौडीकरण में जिन लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। उन्हें हटाने की कार्यवाही की जा रही है। एडीएम सिटी ने कहा है कि बुलडोजर से तोड़ने पर थोड़ी बहुत टूट-फूट हो सकती है। लेकिन किसी भी हिस्से को अनावश्यक रूप से नहीं तोड़ा जा रहा है। वही मोहम्मद शाहिद के मकान के बारे में उन्होंने बताया कि उनके घर में 9 सदस्य है। जिनमें से 6 को मुआवजा दे दिया गया था। बाकी 3 लोगों के पास स्टे ऑर्डर था। इसलिये उनके हिस्से को छोड़ दिया गया है। एडीएम ने यह भी बताया है कि शादी का हवाला देकर परिवार ने समय मांगा था। लेकिन उन्होंने मुआवजा लेने के लिये मांगे गये दस्तावेज नहीं दिये।
पहले भी हो चुकी थी कार्यवाही
ज्ञात हो कि लोक निर्माण विभाग ने संदहा से पुलिस लाइन तक सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया है। इस चरण में पुलिस लाइन चौराहे से कचहरी के बीच 59 मकानों को तोड़ने की कार्यवाही 3 चरणों में की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्यवाही के कानून के अनुसार की जा रही है।

