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पुरी जगन्नाथ यात्रा की भारी भीड़ में फंसने से 600 श्रद्धालु घायल, मोड़ पर अटका भगवान बलभद्र का रथ

पुरी. ओडिशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथयात्रा उत्सव के दौरान भारी भीड़ उमड़ने की वजह 600 से ज्यादा श्रद्धालुओं को चोटों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

बेकाबू हाथी 17 हाथियों के ग्रुप में सबसे आगे चल रहा था। शोर सुनकर वह बेकाबू हो गया। - Dainik Bhaskar

इस वजह से रथ यात्रा में काफी देरी हुई है। खासतौर पर भगवान बलभद्र के तलध्वज रथ को खीचने में जिससे अव्यवस्था फैल गयी। रथ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले एक मोड़ पर रथ को खीचने में काफी कठिनाई हुई। जिस वजह से जुलूस की गति धीमी हो गयी। रथ के रूकने से घटनास्थल पर काफी अधिक तादाद में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गयी।

हाथी के बेकाबू होने की 4 तस्वीरें

बेकाबू हुआ हाथी रथ यात्रा में शामिल 17 हाथियों के ग्रुप में सबसे आगे चल रहा था। उसके दौड़ लगाते ही लोगों में भगदड़ मच गई।
बेकाबू हुआ हाथी रथ यात्रा में शामिल 17 हाथियों के ग्रुप में सबसे आगे चल रहा था। उसके दौड़ लगाते ही लोगों में भगदड़ मच गई।
भगदड़ के बीच बेकाबू हाथी भीड़ में घुस गया, जिससे लोग भागकर अपनी जान बचाते नजर आए।
भगदड़ के बीच बेकाबू हाथी भीड़ में घुस गया, जिससे लोग भागकर अपनी जान बचाते नजर आए।
बेकाबू हाथी करीब 100 मीटर तक दौड़ता रहा। इस दौरान रथ यात्रा देखने पहुंचे लोग सड़क से एक तरफ खड़े हो गए और अपनी जान बचाई।
बेकाबू हाथी करीब 100 मीटर तक दौड़ता रहा। इस दौरान रथ यात्रा देखने पहुंचे लोग सड़क से एक तरफ खड़े हो गए और अपनी जान बचाई।
महावत ने अन्य हाथियों को सामने खड़ा करके बेकाबू हाथी को काबू किया।
महावत ने अन्य हाथियों को सामने खड़ा करके बेकाबू हाथी को काबू किया।

 

 

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S-400 की बची 2 यूनिट्स की डिलेवरी रूस से कब होगी, आया अपडेट

नई दिल्ली. भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) रक्षामंत्रियोें की बैठक के दौरान रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के साथ-साथ भारत-रूस रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिये महत्वपूर्ण थी।
यह बैठक ऐसे वक्त में हुई जब भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य संघर्ष के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति जटिल हो गयी थी। 22 अप्रैल 2025 का जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। जिसमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। इस हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किये थे। भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं का मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता थी। रूस क साथ यह बैठक इसी दिशा में एक अहम कदम था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक को “सार्थक और गहन” बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि किंगदाओ में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव से मिलकर खुशी हुई।  हमने भारत-रूस रक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर गहन चर्चा की।
S-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति
भारत ने 2018 में रूस के साथ 5.43 अरब डॉलर का सौदा किया था, जिसमें पांच S-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणालियों की खरीद शामिल थी. यह प्रणाली कई हवाई खतरों, जैसे मिसाइलों, ड्रोनों और लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी पर नष्ट करने में सक्षम है। अब तक तीन S-400 इकाइयां भारत को मिल चुकी हैं।  बाकी 2  इकाइयों की डिलीवरी अगले 24 महीनों में होने की उम्मीद है।  इस बैठक में रूसी रक्षा मंत्री ने इन इकाइयों की समय पर डिलीवरी का आश्वासन दिया. यह प्रणाली भारत की रक्षा क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण है, खासकर जब चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से खतरे बढ़ रहे हैं।
Su-30 MKI लड़ाकू विमानों का अपग्रेड
भारतीय वायु सेना के पास करीब 260 Su-30 MKI लड़ाकू विमान हैं, जो उसकी रीढ़ हैं।  ये विमान ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, जिसमें इन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल के हवाई संस्करण का उपयोग करके पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमले किए थे।  इस बैठक में इन विमानों को आधुनिक बनाने पर चर्चा हुई. इसमें नई एवियोनिक्स (उड़ान प्रणालियां), उन्नत रडार और 78% स्वदेशी सामग्री शामिल करने की योजना है. यह अपग्रेड भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल का हिस्सा है।

 

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जिस आतंकी की तलाश एक साल से सुरक्षाबलों की थी उसे एनकाउंटर में मार गिराया

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में गुरूवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी मारा गया। सुरक्षाबल पिछले एक साल से इस आतंकी की तलाश में थे। सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 3 अन्य जैश आतंकियों की तलाश अभी भी जारी है। जिनके इलाके में छिपे होने की संभावना है।
ऐसा बताया जा रहा है कि तीनों आतंकी खराब मौसम के बीच बसंतगढ के ऊपरी इलाकों में छिपे हुए है। यह एनकाउंटर आज सुबहज तब शुरू हुई जब सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर बसंतगढ़ इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त बल भी भेजे गये ।सुबह 8.30 बजे के आसपास आतंकियों के साथ एनकाउंटर शुरू हुआ जब सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कियां इस ऑपरेशन को ’’ऑपरेशन बिहाली’’ नाम दिया गया जो अमरनाथ यात्रा से ठीक एक हफ्ते पहले शुरू किया गया।
गुरुवार सुबह शुरू हुआ एनकाउंटर
जम्मू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) भीमसेन टुटी ने जानकारी दी, “सुबह 8:30 बजे के करीब आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई । मुठभेड़ के समय वहां 4 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी और हम पिछले एक साल से इस ग्रुप पर नजर रखे हुए थे.” उन्होंने यह भी बताया कि कोहरे के बावजूद तलाशी अभियान जारी है और सही स्थिति मौसम साफ होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकी सहित सभी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े हैं और उन्हें करूर नाला क्षेत्र में सेना की पैरा कमांडो टीम ने घेरा था।
इससे पहले, सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने आज सुबह X (पर एक पोस्ट में लिखा, “विशेष खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बसंतगढ़ के बिहाली क्षेत्र में संयुक्त अभियान शुरू किया है….ऑपरेशन अभी जारी है।”
ऑपरेशन बिहाली
इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन बिहाली” नाम दिया गया है और यह सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने से ठीक एक सप्ताह पहले शुरू किया गया है। इसके अलावा, बुधवार देर रात सांबा जिले के पुरमंडल इलाके में भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया गया, हालांकि वहां कुछ नहीं मिला और ऑपरेशन को शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया गया।

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कथावाचक कांड के दांदरपुर में बवाल, अहीर रेजीमेंट के लोगों की पुलिस से झड़प, फायरिंग और पत्थरबाजी हुई

इटावा. उत्तरप्रदेश के इटावा में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। यादव कथावाचकों से बदसलूकी के मामले में ’’अहीर रेजीमेंट‘‘ के लोग भारी संख्या में दांदरपुर गांव पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो भीड़ ने उनपर पथराव कर दिया। जिसके चलते पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। हालात ऐसे हो गये कि दरोगा को कई राउंड हवाई फायरिंग करना पड़ी। घटना का वीडियो सामने आया है। पत्थरबाजी में पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल मौजूद है। फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है।
हालांकि, इस बीच पुलिस बल कुछ देर के लिये बैकफुट पर आती दिखी। लेकिन सीनियर अधिकारियों ने मोर्चा संभाला तो उपद्रवी पीछे हटे। पुलिस ने दौड़ाकर कई उपद्रवियों को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कार्यवाही के बाद भीड़ तितर-बितर हो गयी। लोग इधर-उधर भागते दिखाई दिये है। मामले में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, श्रीशचंद्र ने बताया कि कुछ लोगों के द्वारा उपद्रव करने की र्कोिशश की गयी थी। हालांकि तत्काल ही इन सबको नियंत्रण कर लिया गया है। शांति व्यवस्था कायम है। दर्जन भर लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कानून के मुताबिक इन पर कार्यवाही की जायेगी। पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं है। गांव के बाहर पुलिस पहले से तैनात थी। तभी सड़क पर कुछ लोग उतर आये। अशांति फैलाने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने काबू किया है। कुछ गाडि़यों भी सीज की गयी है। मालूम हो कि दांदरपुर गांव में 21 जून को कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथी संत कुमार यादव के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।  मारपीट के बाद संत यादव का सिर भी मुड़वा दिया गया था।  आरोप था कि इन्होंने जाति छिपाकर कथा कही और महिला से छेड़खानी की. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने 23 जून को गांव के चार आरोपी ब्राह्मण युवकों को गिरफ्तार कर लिया।  फिर इसके बाद कथा आयोजक पक्ष ने कथावाचकों पर भी रिपोर्ट दर्ज करा दी।  मामले में अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को घेरा था।  पीड़ित कथावाचकों को सम्मानित भी किया।

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की रेलिंग तोड़कर बेकाबू बस नीचे गिरी, 2 की मौत 52 घायल

कानपुर. सैफई में बिहार से दिल्ली जा रही बस बेकाबू होकर एक्सप्रेस वे से नीचे गिर गयी। हादसे में 2 की मौत हो गयी। जबकि 50 सवारियां घायल हो गयी। इटावा जिले में बिहार के मधुबनी से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर अनियंत्रित होकर नीचे खाई में जा गिरी। हादसे में 50 लोग घायल हो गये। सभी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में ले जाया गया। इनमें से 2 सवारियों को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य लोगों को इलाज किया जा रहा है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे से गिरी बस
डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़कर नीचे जा गिरी। 2 की मौत
बुधवार को बिहार के मधुबनी से दिल्ली के लिये करीब 70 सवारी लेकर डबल डेकर बस निकली थी। गुरूवार की सुबह 4 बजे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर किमी संख्या नम्बर 103 पर बस बेकाबू होकर खाई में नीचे जा गिरी, घटना हाते ही चीख पुकार मच गयी। सूचना पर यूपी डा की टीम और थाना पुलिस पहुची घटनास्थल पर पहुंच गयी।
2 सवारियों की मौत और 50 घायलों का उपचार जारी
टीम ने रेस्क्यू करके सभी को बाहर निकाल। घटना में घायल 52 लोगों को आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाया गया। यहां सहीना 20, निवासी बरदाहा गांव थाना जलेसर जिला मोहतारी, नेपाल, मनोज कुमार 59, निवासी रामपुर डीह, दरभंगा, बिहार को मृत घोषित कर दिया गया है अन्य लोगों को उपचार चल रहा है।

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CBSE का बड़ा फैसला-अगले साल से 2 बार होगी 10वीं बोर्ड परीक्षा, पहली बार फरवरी में तो दूसरी बार मई में होगी परीक्षा

नई दिल्ली. केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं बोर्ड परीखा का आयोजन साल में 2 बार आयोजित किये जाने वाले नियमों को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2026से सीबीएसई की तरफ से 10वीं बोर्ड की परीक्षायें सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में 2 बार आयोजित की जायेगी। सीबीएसई एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने बताया कि सीबीएसई ने 2 बार परीक्षायें करवाने के मॉडल को मंजूरी दे दी है।
सल में पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी परीक्षा मई माह में आयोजित की जायेगी। वहीं फरवरी में होने वाली परीक्षा के नतीजे अप्रैल और मई में होने वाली परीक्षा के नतीजे जून में जारी किये जायेंगे।
आपको बता दें कि 10वीं बोर्ड परीक्षा सीबीएसई 10वीं बोर्ड एग्जाम नई दिल्ली के छात्र को पहली परीक्षा में हिस्सा लेना अनिवार्य होगा। दूसरी बार होने वाली बोर्ड परीक्षा में इच्छा से भाग लिया जा सकता है। दूसरी बार में छात्र अपने अंकों में सुधार करने के लिये हिस्सा ले सकते है। नये नियमों के हिसाब से इंटर्नल असेंसमेंट साल में एक ही बार किया जायेगा।

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अंतरिक्ष के रास्ते शुभांशु का पहला संदेश ‘‘मेरे कंधे पर मेरा तिरंगा है’’

नई दिल्ली. भारत के शुभांशु शुक्ला के साथ ही 3 अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर एक्सिओम-4 मिशन कैनेडी स्पेस सेंटर के कॉम्पलेक्स 39ए से उड़ान भर चुका है। स्पेसक्राफ्ट ने ठीक दोपहर 12.01 बजे (भारतीय समय अनुसार) उड़ान भरी। स्पेसक्राफ्ट के अंदर से शुभांशु शुक्ला ने पहला मैसेज दिया। उन्होंने कहा है कि नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियों व्हाट ए राइड 41 वर्षो के बाद हम वापिस अंतरिक्ष में पहुंच गये है। कमाल की राइड थी। इस वक्त हम 7.5 किमी प्रति सेकेड की गति से पृथ्वी के चारों ओर घूम रहे हैं। मेरे कंधे पर मेरे साथ मेरा तिरंगा है। जो मुझे बता रहा है कि मैं अकेला नहीं हूं। मैं आप सबके साथ हूं।

मिशन से जुड़ी 4 तस्वीरें…

लखनऊ में एक्सियम-4 की लॉन्चिंग देखते हुए शुभांशु के माता-पिता आशा शुक्ला और शंभु दयाल शुक्ला भावुक हुए। मिशन के सफल टेकऑफ पर ताली बजाकर खुशी जताई।
लखनऊ में एक्सियम-4 की लॉन्चिंग देखते हुए शुभांशु के माता-पिता आशा शुक्ला और शंभु दयाल शुक्ला भावुक हुए। मिशन के सफल टेकऑफ पर ताली बजाकर खुशी जताई।
ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार सभी एस्ट्रोनॉट। 28.5 घंटे के बाद 26 जून को शाम 04:30 बजे ISS पहुंचेंगे।
ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार सभी एस्ट्रोनॉट। 28.5 घंटे के बाद 26 जून को शाम 04:30 बजे ISS पहुंचेंगे।
लॉन्च के करीब 10 मिनट बाद ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट फाल्कन-9 रॉकेट से अलग हो गया।
लॉन्च के करीब 10 मिनट बाद ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट फाल्कन-9 रॉकेट से अलग हो गया।
लॉन्च से पहले फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर पर कॉम्प्लेक्स 39 A में खड़ा फाल्कन-9 रॉकेट और कैप्सूल।
लॉन्च से पहले फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर पर कॉम्प्लेक्स 39 A में खड़ा फाल्कन-9 रॉकेट और कैप्सूल।

भारतीय गगनयात्री शुभांशु शुक्ला एक्सियम मिशन 4 के तहत आज यानी, 25 जून को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए। उनका ये मिशन पहले 6 बार तकनीकी दिक्कतों के कारण टल चुका था। उनके साथ तीन अन्य एस्ट्रोनॉट भी स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए। मिशन भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12:00 बजे फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया। स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से जुड़े ड्रैगन कैप्सूल में सभी एस्ट्रोनॉट ने उड़ान भरी। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट करीब 28.5 घंटे के बाद 26 जून को शाम 04:30 बजे ISS से जुड़ेगा।अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद शुभांशु ने कहा- व्हाट ए राइड। मेरे कंधे पर लगा तिरंगा बताता है कि मैं आप सभी के साथ हूं। वहीं लॉन्चिंग सफल होने पर शुभांशु के माता-पिता आशा शुक्ला और शंभु दयाल शुक्ला भावुक हो गए। उन्होंने बेटे की सफलता पर ताली बजाकर खुशी जताई।

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यात्रीगण ध्यान दें कि Tatkal Ticket Booking से महंगे टिकट तक जुलाई में रेलवे कर रहा 3 बदलाव

नई दिल्ली. नये माह की शुरूआत की तरह ही आने वाले जुलाई माह में भी कई बदलाव देखने को मिलेंगे। खासतौर पर भारतीय रेलवे बड़े बदलाव लागू करने जा रही है। इसका सीधा असर रेल यात्रियों पर पड़ने वाला है। इस में किराये बढ़ोत्तरी से लेकर IRCTC की वेबसाइट पर Tatkal Ticket Booking तक के नियम बदल रहे है। वहीं एक बदलाव माह के बीच में लागू किया जायेगा।
प्रथम बदलाव रेल किराये में वृद्धि
जुलाई के महीने में कई बड़े बदलाव आने वाले है। इनमें भारतीय रेलवे से जुड़े बदलाव शामिल है। माह की पहली तारीख यानी कि 1 जुलाई 2025 से भारतीय रेल यात्रियों के किराये वृद्धि करने जा रही है। हालांकि यह मामलू इजाफा होगा। लेकिन कई वर्षो में ट्रेन टिकट हाइक पहली बार होगा। इसके तहत खासतौर पर लम्बी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब ढीली हो सकती है। रेल किराये में होने वाले इस बदलाव में Non-AC  मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराये में 1 पैसे प्रति किमी की बढ़ोत्तरी होगी। जबकि एसी क्लास में 2 पैसे प्रति किमी की वृद्धि होगी।
हांलाकि कुछ सेगमेंट इस बढ़ोत्तरी में अप्रभावित रहेंगे। जैसे ही 500 किमी तक की यात्रा के लिये सेकेंड क्लास ट्रेन टिकट की कीमतों और एमएसटी में कोई बदलाव नहीं होगा। लेकिन 500 किमी से अधिक की दूरी के लिये किराया प्रति किमी आधा पैसा बढ़ जायेगा।
द्वितीय बदलाव Tatkal Ticket Booking में OTP ऑथेंटिकेशन
जुलाई माह में रेलवे से जुड़े तीसरे बदलाव की बात करें तो यह भी Tatkal Ticket Booking  प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिये किया जा रहा है। दरअसल 1 जुलाई 2025 से जहां आधार वेरीफाइट यूजर्स को ही IRCTC  की वेबसाइट या ऐप के माध्यम से Online Tatkal Ticket Booking  करने की अनुमति होगी। 15 जुलाई से इस काम के आधार आधारित OTP  ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया जायेगा। ऐसा अनुमान है कि Tatkal Ticket Booking  के दौरान होने वाली गड़बडि़यों पर लगाम लगाने के लिये काउंटर आधारित तत्काल टिकट भी आधार सत्यापन के बाद बुक किये जा सकेंगे।
तृतीय बदलाव तत्काल टिकट बुकिंग रूल
आगामी महीने की 1 जुलाई से ही रेलवे से जुड़ा तीसरा बदलाव लागू होने जा रहा है। वह Tatkal Ticket Booking  के नियमों में बदलाव से संबंधित है। एक अहम डिजीटल अपडेट के साथ 1 जुलाई 2025 से सिर्फ आधार वेरीफाइड यूजर्स ही IRCTC  वेबसाइट पर ऐप पर Tatkal Ticket Booking  कर पायेंगे। रेल मंत्रालय की तरफ से पिछले दिनों इस बदलाव का ऐलान करतें हुए कहा गया था कि भारतीय रेलवे के इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तत्काल बुकिंग स्कीम का लाभ जरूरतमंद और सही उपयोगकर्त्ताओं को मिल सके। इसके अलावा भारतीय रेल ने ऑथराइज्ड बुकिंग एजेंटों पर भी कई तरह के प्रतिबंध लगाये है। इनमें से एक यह है कि एजेंट अब बुकिंग विंडो के पहले 30 मिनट के दौरान तत्काल टिकट बुक नहीं कर सकते है। नयी टाईमिंग के बारे में बताये। AC Class टिकट के लिये सुबह 10 से 10.30 बजे तक और non-ac  के लिये सुबह 11 से 11.30 बजे तक यह प्रक्रिया चालू रहेगी।

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एक ही झटके में किराना हिल्स का होगा खात्मा, अमेरिकी बंकर बस्तर से भी होगी खतरनाक मिसाइल, भारत बना रहा अग्नि-V 

नई दिल्ली. भारत ने अपनी रक्षा शक्ति को और मजबूत करने के लिये अग्नि-V मिसाइल के एक नये पारंपरिक (गैर परमाणु) वैरियेंट के विकास की शुरूआत की है। यह मिसाइल 7.5 टन के भारी वारहेड से लैस होगी। इसकी रेंज 2000-2500 किमी तक सीमित होगा। इस मिसाइल में 2 प्रकार के वारहेड विकसित किये जा रहे हे। एयरबर्स्ट वारहेड जो बड़े क्षेत्र में जमीनी ढांचों को नष्ट करेगा। दूसरा बंकर बस्टर वारहेड जो 80-100 मीटर गहरे भूमिगत ठिकानों को निशाना बनायेगा। यह विकास भारत की सामरिक ताकत को बढ़ायेगा और क्षेत्रीय देशों को खासकर पाकिस्तान और चीन पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
अग्नि-V  के नये संस्करण में क्या खास
अग्नि-V  भारत की सबसे एडवांस्ड इंटरकॉन्टिनेल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है। जिसे DRDO ने विकसित किया है। इसका मौजूदा वैरियेंट परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। रेंज 7 हजार किमी से ज्यादा है जो इसे चीन पाकिस्तान और यहां तक कि यूरोप के कुछ हिस्सों तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।
एयरबर्स्ट वारहेड
यह वारहेड हवा में फटता है बड़े क्षेत्र में जमीनी ढांचों जैसे हवाई अड्डों, रडार स्टेशनों और सैन्य ठिकानों को नष्ट करता है। इसका उपयोग हवाई अड्डों को निष्क्रिय करने विमानों को नष्ट करने और बड़े पैमाने पर सैन्य सुविधाओं को तवाह करने के लिये किया जा सकता है। यह बड़े क्षेत्र को प्रभावित करता है। जिससे दुश्मन की सैन्य ताकत को एक झटके में कमजौर किया जा सकता है।
बंकर-बस्टर वारहेड: यह वारहेड विशेष रूप से 80-100 मीटर गहरे भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसका उपयोग परमाणु हथियारों के भंडार, कमांड सेंटर और अन्य महत्वपूर्ण भूमिगत सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए होगा. यह वारहेड कठोर कंक्रीट और स्टील की संरचनाओं को भेद सकता है, जो इसे अत्यधिक प्रभावी बनाता है।
रेंज और तकनीक
रेंज-इस नए संस्करण की रेंज 2000-2500 किलोमीटर तक सीमित होगी, जो मौजूदा अग्नि-V की 7000 किमी रेंज से कम है। यह रेंज कमी भारी 7.5 टन वारहेड के कारण है, क्योंकि भारी पेलोड के साथ मिसाइल की रेंज कम हो जाती है।
लॉन्च सिस्टम- यह मिसाइल कैनिस्टर-लॉन्च सिस्टम का उपयोग करती है, जिससे इसे सड़क या रेल के जरिए आसानी से ले जाया और तैनात किया जा सकता है. यह इसे हर मौसम और किसी भी इलाके में लॉन्च करने में सक्षम बनाता है.
नेविगेशन- अग्नि-V में रिंग लेजर गायरोस्कोप और नैविक/GPS आधारित नेविगेशन सिस्टम है, जो इसे 10 मीटर से कम की सटीकता (CEP) प्रदान करता है. यह सटीकता इसे अत्यधिक घातक बनाती है।
सामग्री- मिसाइल में हल्के कंपोजिट मटेरियल का उपयोग किया गया है, जो इसके वजन को 20% तक कम करता है. रेंज बढ़ाने में मदद करता है.
गति- यह मिसाइल मैक 24 (लगभग 29,400 किमी/घंटा) की रफ्तार से उड़ सकती है, जो इसे दुनिया की सबसे तेज मिसाइलों में से एक बनाती है।
विकास की स्थिति
यह मिसाइल अभी प्रारंभिक विकास चरण में है. DRDO ने डिज़ाइन और इंजीनियरिंग का काम शुरू कर दिया है, लेकिन इसका पहला परीक्षण अभी बाकी है। मिशन दिव्यास्त्र (मार्च 2024) में अग्नि-V के मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) वैरिएंट का सफल परीक्षण किया गया था, जिसने भारत की तकनीकी क्षमता को साबित किया. इस नई तकनीक का उपयोग पारंपरिक संस्करण में भी हो सकता है।
क्षेत्रीय देशों पर प्रभाव
अग्नि-V का यह नया संस्करण भारत की सैन्य रणनीति में एक बड़ा बदलाव लाएगा और क्षेत्रीय देशों, विशेष रूप से पाकिस्तान और चीन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।
पाकिस्तान
रेंज और लक्ष्य: 2000-2500 किमी की रेंज के साथ, यह मिसाइल पूरे पाकिस्तान को अपने दायरे में ले सकती है. खासकर बंकर-बस्टर वारहेड पाकिस्तान के किराना हिल्स जैसे भूमिगत परमाणु ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम होगा ।
सैन्य ठिकाने- एयरबर्स्ट वारहेड का उपयोग करके भारत पाकिस्तान के हवाई अड्डों, जैसे पेशावर, कराची या इस्लामाबाद के सैन्य हवाई अड्डों को निष्क्रिय कर सकता है, जिससे उसकी वायुसेना कमजोर होगी.
रणनीतिक संदेश- यह मिसाइल भारत की नो-फर्स्ट-यूज नीति को मजबूत करेगी, लेकिन साथ ही यह संदेश देगी कि भारत किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। X पर एक यूजर (@InsightGL) ने लिखा कि यह मिसाइल किराना हिल्स के प्रवेश द्वार को नष्ट करने से आगे बढ़कर पूर्ण विनाश कर सकती है।

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जुलाई में होने वाली बैठक में जीएसटी में लेकर होने जा रहा बदलाव

नई दिल्ली. 6 माह में अधिक के अंतराल के बाद संसद के मानसून सत्र से पूर्व जुलाई की शुरूआत में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) काउंसिल की बैठक होने की उम्मीद जताई जा रही है। काउंसिल की बैठक पहले जून में होना तय थी। लेकिन अब इसके सामने बड़ा एजेंडा होने की वजह से जुलाई में यह बैठक होने की संभावना है। जीएसटी काउंसिल की बैठक की औपचारिक तारीख का ऐलान अभी नहीं गयी है। एजेंड़ा को भी बाद में अंतिम रूप दिये जाने की अनुमान है। हालांकि सूत्रों ने संकेत दिया है कि जीएसटी रेट्स में बदलाव के साथ-साथ कंपनसेशन सेस में भी बदलाव को लेकर चर्चा होगी। सेस को सरल बनाने की बढ़ती डिमांड के साथ, राज्य और केन्द्र के अधिकारियों का एक अलग टास्कफोर्स भी स्थापित किया जा सकता है।
सेस में अहम बदलाव किया जा सकता है
कंपनसेशन सेस पर चर्चा एक अहम मुद्दा होगा, क्योंकि यह मार्च 2026 में समाप्त होने वाला है। सेस को संभवतः टैक्स में बदला जा सकता है। कुछ राज्यों की चिंता है कि सेस सीधे केन्द्र के पास जायेगा। इसे एसा भी समझ सकते हैं कि कंपनसेशन सेस पर गठित मंत्रीसमूह ने सेस को जीएसटी रेट्स में विलय करने का भी समर्थन किया है। जो वर्तमान में सेस लगाने वाली वस्तुओ जैसे ऑटोमोबाइल, तम्बाकू और कोल्ड ड्रिक्स पर लागू होगा।
अब यह सेस भी लागू होंगे
ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में मौजूदा सेस को हटाने पर सहमति बन चुकी है। अब इसकी जगह पर हेल्थ सेस और क्लीन एनर्जी सेस लगाने का प्रस्ताव है। हेल्थ सेस सिन गुड्स (सिन गुड्स) तम्बाकू जैसे उत्पादनों पर लगाया जायेगा। क्लीन एनर्जी सेस कोल और लग्जरी ऑटोमोबाइल्स पर लगाया जायेगा।