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भोपाल गैस त्रासदी पर आया हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, जल्द करें क्रिमिनल केस का समाधान, 40 सालों तक नहीं रख सकते हैं लंबित

जबलपुर. भोपाल गैस त्रासदी प्रकरण के चलते हुए 33 सालों से अधिक समय हो गया है। लेकिन निराकरण नहीं हुआ। लिहाजा मामले में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया है कि भोपाल गैस त्रासदी से जुड क्रिमिनल केस का ट्रायल कोर्ट शीघ्र निराकरण करें। हाईकोर्ट ने मामले में यह भी टिप्पणी की है। हम 40 सालतक केस को लंबित नहीं रख सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि वॉरेन एंडरसन समेत सभी आरोपियों पर जल्द फैसला सुनाया जाये।


क्या है मामला
भोपाल गैस पीडि़त संघर्ष समिति की और से दायर याचिका पर बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सर्राफ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए निर्देश दिये हैं कि केस से जुड़े सभी प्रकरणों दाखिल मंथली प्रोसेस रिपोर्ट रजिस्ट्रार ऑफ जनरल को दी जाये। जिसके बाद प्रकरणों की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखी जायेगी। भोपाल गैस पीडि़त संघर्ष सहयोग समिति की तरफ से जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बेंच ने भोपाल ट्रॉयल कोर्ट को निर्देश दिया कि गैस त्रासदी से जुड़े लंबित मामलों का निराकरण जल्द से जल्द किया जाये। याचिककर्त्ता समिति जो विभिन स्वैच्छिक संगठनों का संघ है और गैस त्रासदी पीडि़तों की तरफ से काम करती है।
संघ ने बताया है कि क्रिमिनल 91.1992 मामला पिछले 33 वर्षो से लंबित है। वर्ष 2010 से जिलाजज की अदालत मेंआपराधिक पुनरीक्षण की अपील भी लंबित है। सुनवाई के दौरान वकील ने आपत्ति जताई कि याचिकाकर्त्ता न तो गवाह है और न नही पक्षकार, इसलिये याचिका सुनन योग्य नहीं ह ै।
हालांकि हाईकोर्ट ने इस पर आदेश दिया कि ‘चूंकि ये कार्रवाई लंबे समय से लंबित है, इसलिए इस याचिका का निराकरण करने के निर्देश देते हैं। हाईकोर्ट ने संबंधित न्यायालय और लंबित आपराधिक अपीलों का यथाशीघ्र निस्तारीकरण प्राथमिकता से करें। हाईकोर्ट ने संबंधित अदालतें मासिक रिपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को भेजेंगी और रजिस्ट्रार जनरल इन्हें मुख्य न्यायाधीश को प्रशासनिक पक्ष पर प्रस्तुत करेंगे।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बताया कि मामला 5 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। सरकारी पक्ष ने कहा कि सीबीआई जांच एजेंसी है। अब भी एक आपराधिक अपील तथा एक विविध आपराधिक मामला लंबित है। यह मामला दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत आरोपियों को फरार घोषित करने के लिए दायर किया गया था। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि एक आरोपी अक्टूबर 2023 से अदालत में उपस्थित हो रहा है, फिर भी अब तक न तो कोई आदेश पारित हुआ है, न ही ट्रायल शुरू हुआ है। इस पर अदालत ने मौखिक रूप से पूछा ‘धारा 82 में आरोपी उपस्थित होता है तो उसका क्या अर्थ है?’। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि धारा 82 में उपस्थिति से ट्रायल स्वतः शुरू नहीं होता, इसके लिए अदालत को विशेष आदेश देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आरोपी दो साल से उपस्थित है, फिर भी चार्जशीट दाखिल नहीं हुई। याचिकाकर्ता ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने खुले अदालत में आदेश पारित करने में असमर्थता व्यक्त की है। इस पर हाईकोर्ट ने आश्वस्त किया है कि अब हर महीने रिपोर्ट भेजें।

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महिला के हत्यारे भाईयों का हुई उमकैद की सजा, शराब के पैसे मांगने पर महिला की थी हत्या

ग्वालियर. शराब के लिये पैसे नही ंदेने पर एक महिला की हत्या के मामले में 2 भाईयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला न्यायालय के विशेष न्यायालय ने दोनों को दोषी करार दिया है। घटना 9 अप्रैल 2023 की है। मोतीझील स्थित फल मंडी के पीछे रहने वाली महिला मिथिलेश अपने घर पर काम कर रही थी। दोपहर 3.30 बजे उनके पड़ोसी मोहन और खेमचंद घर पहुंचे। दोनों ने शराब पीने के लिये 1300 रूपये मांगे। मिथिलेश ने पैसे देने से इंकार कर दिया।
इसके बाद दोनों भाइयों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। मोहन ने मिथिलेश पर चाकू से कई वार किए। मिथिलेश को बचाने आई भतीजी जयश्री और भतीजे रोहित कुशवाहा पर खेमचंद ने हमला कर दिया। घायल मिथिलेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 13 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने 30 वर्षीय मोहन कुशवाहा को 17 अप्रैल और 50 वर्षीय खेमचंद कुशवाहा को 22 मई को गिरफ्तार किया। तब से दोनों जेल में हैं। कोर्ट ने सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर दोनों को दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

 

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सिल्ट जमाव की से हरसी बांध में 6 हजार हेक्टर में सिचाई के लिये नहीं मिल पायेगा पानी-एक्सपर्ट

ग्वालियर. हरसी बांध में तेजी से सिल्ट (मिट्टी) का जमाव हो रहा है। 88 वर्ष में 26.69 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) मिट्टी का जमाव हो चुका है। साल 2050 तक यह बढ़कर 34.14 एमसीएम पर पहुंच जायेगी। इससे बांध की जलभराव क्षमता प्रभावित होगी। 34.70 एमसीएम मिट्टी का जमाव होने पर जिले की 6262 हेक्टर भूमि की सिंचाई क्षमता कम होगी।
यह खुलासा हुआ है नेशनल रजिस्टर ऑफ लार्ज डैम्स संस्था (एनआरएलडी) की रिपोर्ट में। एनआरएलडी संस्था ने 30 राज्य के 5 हजार 701 बांधों का सर्वे किया। जिसमें एमपी के 62 बांध शामिल है। इसमें 100 साल से ज्यादा व 100 से कम उम्र के बांधों की सिल्ट की रिपोर्ट तैयार की। जिसमें ग्वालियर का हरसी बांध भी शामिल किया गया है।

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दीपक गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी रहीम एनकाउंटर में गिरफ्तार, गो तस्करी में पहले भी जेल जा चुका

गोरखपुर. दीपक गुप्ता हत्याकांड में शामिल एक आरोपी का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। उसका नाम रहीम बताया जा रहा है। घायलावस्था में आरोपी रहीम को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल उपचार के लिये उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में अभी तक कुल 4 आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके है।
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी रहीम एक तस्कर है। पुलिस एनाकाउंटर में उसे गोली लगी हे। रहीम 19 वर्षीय छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड में शामिल था। पुलिस शिद्दत से उसकी तलाश में जुटी हुई थीं जैसे ही मुखबिर से खबर मिली कि गोरखपुर की पिपराइच पुलिस और कुशीनगर पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया। रहीम को पकड़ने के दोरान वह मुठभेड में गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। जिसके बाद उसे दबोच लिया गया।
घायल हुआ रहीम कुशीनगर के दुर्गपट्टी इलाके का रहने वाला है। बलरामपुर बस्ती सहित कई जिलों से गो तस्करी के आरोप में रहीम पहले भी जेल जा चुका है। सोमवार की रात पिपराइच थाना इलाके में घटना में रहीम मुख्यतौर पर शामिल था। रहीम के जरिये ही बिहार के गोपालगंज का गोतस्कर गिरोह घटना में शामिल हुआ था। ज्ञात हो कि घटना में शामिल है एक अन्य आरोपी अजब हुसैन को ग्रामीणों ने पहले ही पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। उसे भी घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 अन्य आरोपी छोटू और राजू को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अब दीपक गुप्ता हत्याकांड में शामिल 2 अन्य बदमाशों की तलाश तेज कर दी गयी है।

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नक्सलियों का सरेंडर फिर एनकाउंटर और सफाया, सीजफायर ऑफर के लिये ऐसे मजबूर हुए नक्सली

नई दिल्ली. गृहमंत्री अमित शाह ने 24 अगस्त 2024 को रायपुर में कहा था कि देश में मार्च 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा था कि लेफ्ट विंग माओवाद के खिलाफ लड़ाई अपने अंतिम चरण में है। तब उन्होंने कहा था कि अब समय आ गयाहै कि वामपंथी उग्रवाद पर एक मजबूत रणनीति और निर्मम दृष्टिकोण के साथ अंतिम प्रहार किया जाये।
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भले ही देश माओवाद के खात्मे की डेडलाइन मार्च 2026 दी थी। लेकिन नक्सलियों की तरफ से हथियार डालने का ऑफर मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले ही आ गया है। नक्सलियों ने पहली बार एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि सशस्त्र संघर्ष छोड़ने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा है। हालांकि यह प्रस्ताव अस्थाई है लेकिन माओबादी चाहते हैं कि सरकार एक माह के लिये सीजफायर घोषित करे। इस बीच माओवादी सरकार से बातकरने के लिये भूमिका बनाना चाहते हैं। स्वयं नक्सली कैडरों से संपर्क करना चाहते हैं। गौरतलब है कि यह पत्र 15 अगस्त 2025 को लिखा गया है। इसे 1ि6 सितम्बर 2025 का जारी किया गया है।
ढह गये नक्सलियों के किले
सुरक्षाबलों के जोरदार ऑपरेशन केबाद छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के अधिकांश भाग जैसे कि दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर और कोंडागांव जिले अब नक्सल मुक्त हो चुके है। यहां ऑपरेशन कागर और ब्लैक फॉरेस्ट जैसे अभियानों में 300 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया गया। कर्रेगुट्टा हिल्स (छत्तीसगढ़ -तेलंगाना सीमा) को नक्सलियों का अंतिम गढ़ माना जाता था। जो कि अब पूरी तरह सुरक्षित है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के जंगलों को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है। सरकार का दावा हैकि झारखंड के पश्चिम सिंहभूमि जिले में नक्सली गतिविधियां समाप्त हो गयी है।
सहदेव कुख्यात नक्सली कमांडर था। जिस पर 1 करोड़ रूपये का इनाम था। सुरक्षाबलों ने इसके साथ 2 अन्य इनामी नक्सलियों को मार गिराया है। ओडिशा के कंधमाल, कालाहांडी और मलकानगिरी जिलों में नक्सल प्रभाव कम हुआ है। जबकि रेड कॉरिडोर में शामिल रहे आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले को मुक्त कराया है। सरकार का आंकड़ा कहता है कि देश में गंभीर प्रभावित जिलों की प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 रह गयी है। इस तरह हम देखते हैं कि पिछले एक साल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के टॉप लीडरशिप का सफाया कर दिया। इस कारण से नक्सली बैकफुट पर है। सुरक्षाबलों का इस अभियान में अपरहैंड हासिल है। इस वजह से नक्सली सीजफायर की मांग कर रहे हैं।
ऑपरेशन में मारे गए खूंखार नक्सली नेता
पिछले एक साल में सुरक्षाबलों ने देश में बड़े ऑपरेशन किए हैं और सालों जंगलों में छिपे लाखों रुपये के इनामी नक्लसियों को मार गिराया है.
जयराम रेड्डी उर्फ चलपति उर्फ अप्पा राव
कब और कहा: जनवरी 2025, गरियाबंद, छत्तीसगढ़.
जयराम रेड्डी वरिष्ठ नक्सली नेता था. जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में 14 अन्य नक्सलियों के साथ मारा गया.
बड़े चोखा राव उर्फ दामोदर
कब और कहां: जनवरी 2025, बीजापुर, छत्तीसगढ़
दामोदर CPI (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति का सचिव था, इस पर 50 लाख रुपये का इनाम था.
नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज
कब और कहां- मई 2025, नारायणपुर, छत्तीसगढ़
CPI (माओवादी) के महासचिव और चीफ स्वयंभू मिलिट्री कमांडर 70 वर्षीय बसवराजू भारत का सबसे वांछित नक्सली नेताओं में से एक था. इस पर 1.5 करोड़ रुपये का इनाम था. बसवराजू नक्सलियों की हिंसक गतिविधियों का मुख्य योजनाकार था और LTTE जैसे संगठनों से ट्रेनिंग ले रखा था.
नरसिम्हा चलम उर्फ सुधाकर कब और कहां- जून 2025, छत्तीसगढ़.
सुधाकर प्रभावशाली नक्सली कमांडर था. इस पर 40 लाख रुपये का इनाम था. सुधाकर ने आयुर्वेद की पढ़ाई की थी और बाद में नक्सल आंदोलन में शामिल हो गया.

 

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शादी नहीं करोगी तो तेजबा फेंक दूंगा, मुकीम खान ने सरे राह छात्रा को धमकाया, धर्म बदलना पड़ेगा नही ंतो परिवार को भेड़-बकरी जैसे मार डालूंगा

इंदौर 21वर्षीय छात्रा ने परिचित युवक पर शिकायत दर्ज कराई। उसका आरोप है कि युवक शादी करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा है। ऐसा नहीं करने पर उसने तेजाब फेंकने की धमकी दी है। पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर आरोपी मुकीम खान के खिलाफ छेड़छाड़ धमकी और धर्म परिवर्तन के लिये दबाव बनाने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। एडीसीपी जोन-2 अमरेन्द्र सिंह ने बताया है कि रात में मुकीम को गिरफ्तार कर लिया है।
छात्रा ने पुलिस को बताया है कि शादी करने से मना किया तो मुकीम ने कहा है कि शादी तो करनी पड़ेगी। ऐसा नहीं करने पर परिवार को भेड़-बकरी की तरह खत्म कर देगा और मुझ पर तेजाब फेंक कर मार डालेगा।
रास्ता रोक कर शादी करने के लिये प्रेशर बनाया
छात्रा ने बताया है कि उसने मुकीम का कॉल उठाना बन्द कर दिया। सोमवार की शाम 5 बजे गरबा प्रैक्टिस करने छात्रा गरबा मण्डल जा रही जा थी। तभी आरोपी ने रास्ते में रोका और फिर से शादी को लेकर दबाव बनाया । छात्रा ने कहा है कि तुम वर्ग विशेष से हो। शादी नहीं होगी। तब उसने छात्रा पर धर्म बदलने के लिये दबाव बनाया और कहा कि अगर शादी नहीं करेगी तो तेजाब फेंक देगा। पीडि़ता दहशत में आ गयी और घर पहुंचकर भाई को घटना की जानकारी दी। इसके बाद भाई पीडि़ता को थाने लेकर पहुंचा और प्रकरण दर्ज कराया।

 

 

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पटेल स्कूल भवन विवाद में मालिकों को मिलेगा कब्जा, हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूल प्रबंधन चलाना भवन का मालिकाना हक नहीं देता

ग्वालियर. हाईकोर्ट ग्वालियर ने पटेल मिडिल स्कूल, हजीरा से जुड़े भवन विवाद में राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने साफ कहा है कि सिर्फ स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में लेने से सरकार को भवन का मालिकाना हक नहीं मिल जाता। दरअसल, स्कूल जिस भवन में चल रहा है। वह बालकृष्ण अग्रवाल और उनके साथियों की निजी संपत्ति है। उन्होंने यह भवन 1978 में राज्य सरकार को किराये पर दिया था। ताकि उसमें स्कूल चलाया जा सके। उसी साल सरकार ने स्कूल का प्रबंधन संभाल लिया। लेकिन इसके बाद कई सालों तक मकान मालिकों किराया नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि भवन में अवैध निर्माण भी किया गया है। इस पर उन्होंने स्कूल को भवन से निकालने के लिये कोर्ट में मामला दर्जक कराया गया।
मकान मालिक के पक्ष निचली अदालतों ने दिया फैसला
निचली अदालत और फिर जिला न्यायालय दोनों ने मकान मालिकों के पक्ष में फैसला दिया। इसके बाद सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की। कहा गया कि स्कूल के अधिग्रहण के साथ ही भवन भी सरकार की संपत्ति बन गया है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने सरकार की दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकारी दस्तावेजों में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि भवन को अधिग्रहित किया गया था। इसमें साफ-साफ लिखा है कि स्कूल किराए के भवन में चल रहा था और हर महीने 125 रुपए किराया तय किया गया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 300 (क) के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति की संपत्ति को बिना कानूनी प्रक्रिया के सरकार नहीं ले सकती। ऐसा में मकान मालिकों ने कोर्ट में भवन खाली कराने का आवेदन दिया है। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं और बारिश का मौसम और सत्र के बीच का समय होने की वजह से उन्हें एकदम से दूसरी जगह शिफ्ट करना मुश्किल है।

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युवती से एसडीएम गंदी-गंदी बातें करता है, युवती ने फोन उठाना बंद किया परिवार को धमका रहा है, कलेक्टर ने मुख्यालय में अटैच किया

मुरैना. सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर को युवती से फोन पर गाली-गलौज के आरोप में हटा दिया गया है। मंगलवार को मुरैना कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान पीडि़त परिवार ने कलेक्टर अंकित अस्थाना से एसडीएम की वीडियो सहित शिकायत की है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि एसडीएम अरविंद माहौर पिछले एक साल से उनकी बेटी को फोन पर गालियां दे रहे हैं। परिवार को मानसिंक रूप से परेशान कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एसडीएम को मुख्यालय में अटैच कर उनसे कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
फोन पर गाली-गलौज
शिकायतकर्ता महिला और उसके पति ने बताया है एसडीएम ने उनकी बेटी का मोबाइल नम्बर पता कर लिया और पिछले एक साल से देर रात को फोन कर गंदी-गंदी बातें करते हैं। जब उनकी बेटी ने फोन उठाना बन्द कर दिया तो रिश्तेदारों को फोन पर धमकाने लगे।
परिवार ने आत्महत्या की चेतावनी दी
शिकायत में महिला ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार आत्महत्या को मजबूर हो जाएगा। अब यह प्रताड़ना सहन नहीं हो रही है, इसलिए कलेक्टर से न्याय की गुहार लेकर आए हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद कलेक्टर अंकित अस्थाना ने मंगलवार को एसडीएम अरविंद माहौर को मुख्यालय अटैच कर दिया है। उनके स्थान पर मेघा तिवारी को सबलगढ़ का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है।
SDM बोले- आरोप गलत, परिवार को नहीं जानता
इस मामले पर एसडीएम अरविंद माहौर ने पहले कहा कि उन्हें किसी ऐसे आरोप की जानकारी नहीं है। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि कलेक्टर कार्यालय से जानकारी मिली है, लेकिन वह संबंधित परिवार को नहीं जानते।

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नो एंट्री में ट्रक कैसे घुसा, डीसीपी को हटाया, एसीपी समेत 8 लोगों को किया निलंबित, ट्रक हादसे में सीएम का एक्शन, चीफ जस्टिम से पुलिस आयुक्त को किया तलब

इंदौर में ट्रक ने 15 लोगों को कुचल दिया। इनमें से 3 की मौत हो गई। आग में लिपटे एक शख्स को लोगों ने गाड़ी के नीचे से खींचकर निकाला। - Dainik Bhaskar
इंदौर, सोमवार की शाम को बेकाबू ट्रक लगभग 1 किमी तक मौत बनकर दौड़ा। तेज रफ्तार ट्रक ने कई लोगों और वाहनों को रौंदा और टक्कर मारी। शहर के एयरपोर्ट रोड पर इस हादसे में 2 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी। वहीं उपचार के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया। 12 घायलों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंगलवार की शाम को सीएम डॉ. मोहन यादव इन्दौर पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना। सके बाद कलेक्ट्रैअ में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने पुलिस उपायुक्त यातायात अरविंद तिवारी, सुरेश सिंह प्रभारी, एएर्सआ प्रेम सिंह (बिजासन प्रभारी) चन्द्रेश मरावी प्रभारी सूबेदार (सुपर कॉरिडोर प्रभारी) दीपक यादव निरीक्षक (सुपर कॉरिडोर से एरोड्रम प्रभारी) और ड्यूटी पर तैनात सभी 4 कांन्स्टेबल को निलंबित किया है।
इधर, इस घटना पर जबलपुर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने सुमोटो लेते हुए इन्दौर पुलिस कमिश्नर को तलब किया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई में इन्दौर पुलिस कमिश्नर वर्चुअली हाजिर हों और यह बताये कि शहर मे नो एंट्री रहते हुए ट्रक कैसे घुस गया। हाईकोर्ट ने मामले पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 23 सितम्बर को अगली सुनवाई होगी।

सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफसरों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे का ऐलान किया।
डिटेल रिपोर्ट एसीएस होम को सौंपेंगे
सीएम ने कहा है कि कांन्स्टेबल पंकज यादव और अनिल कोठारी ऑटो रिक्शा चालक को अच्छा काम करने के लिये पुरूस्कृत किया जायेगा। एसीएम होम घटना की डिटेल रिपोर्ट जांच कर सौपेंगे।
मृतकों के परिजन और घायलों से मिले सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। वे इंदौर के अस्पतालों में भर्ती घायलों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर शिवम वर्मा से कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीड़ित संदीप बिजवा और अनिल नामदेव से बात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली।
हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा- जांच के लिए अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सुशासन के सिस्टम में कभी-कभी ऐसी घटनाएं हम सभी के लिए पीड़ादायक होती है। मुख्यमंत्री की विजिट के दौरान गीतांजलि अस्पताल के बाहर जाम की स्थिति भी बनी। सीएम डॉ. यादव ने अरविंद अस्पताल में हादसे में मृत महेश कैथवास की पत्नी रजनी की हालत जानी। सीएम ने उन्हें मदद और सरकारी सर्विस में मदद की बात कही। इसके बाद में भंडारी हॉस्पिटल पहुंचे। यहां घायल संस्कृति (17) की हाल जाना।

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एनसीसी महिला आउट परेड में 19 सितम्बर को  131 महिला एनसीसी अफसर होंगीं शामिल 

ग्वालियर -रेलवे स्टेशन के समीप स्थित एनसीसी ओटीए (महिला ऑफीसर प्रशिक्षण अकादमी) में 19 सितम्बर को पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन होगा। इस पासिंग आउट परेड के साथ एनसीसी ओटीए अपनी हीरक जयंती मना रहा है। पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि दक्षिणी कमान के आरओ लेफ्टीनेंट जनरल श्री धीरज सेठ होंगे।
समन्वय अधिकारी लेफ्टीनेंट कर्नल जेपी सिंह ने बताया कि पासिंग आउट परेड में 131 महिला केयर टेकर अधिकारी शामिल होंगीं। ये सभी अधिकारी लेफ्टीनेंट के पद पर एनसीसी में महिला एसोसिएट अधिकारी का दायित्व निभायेंगीं। पासिंग आउट परेड में शामिल होने जा रहे सभी प्रशिक्षु अधिकारी एनसीसी के 17 निदेशालयों से आए हैं और ये सभी महाविद्यालयों के प्राध्यापक हैं। इनमें से 56 प्रशिक्षु महिला ऑफीसर्स पीएचडी उपाधि धारक हैं एवं एक इंजीनियर व 74 स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त हैं। एनसीसी ओटीए में इन सभी का 75 दिवसीय प्रशिक्षण गत 7 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था।