दिवाली से पहले MP में यूसीसी लागू करने की तैयारी


ग्वालियर. नारायणबिहार कॉलोनी में सड़क पर अतिक्रमण के विवाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाचा है। हाईकोर्ट ने कागजी रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए मौके की वास्तविक स्थिति को जााने के लिये एक सीनियर एडवोकेट को कमिश्नर नियुक्त किया है। अब यह जांच तय करेगी कि 80 फीट चौड़ा मार्ग वास्तव में मौजूद है कि नहीं। केवल दस्तावेजों में ही सीमित है। यह मामला नारायणबिहार कॉलोनी के इंडस्ट्री एरिया में सड़क पर अतिक्रमण से जुड़ा हुआ है। सरकारी रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सड़क पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त है। टीम के निरीक्षण में जमीनस्तर पर कोई अवरोध नहीं मिला। याचिकाकर्ता ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी।
याचिकाकर्ता ने बताया है कि जमीन हकीकत सरकारी रिपोर्ट से अलग है। सड़क पर अब भी अतिक्रमण बना हुआ है। जिससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। उनके एडवोकेट ने हाईकोर्ट को बताया है कि लीज डीड ने मुताबिक फैक्ट्री तक 80 चौड़ी सड़क होना अनिवार्य है। लेकिन स्टेटस रिपोर्ट में इस महत्वपूण्र बिन्दु का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट में 80 फीट चौड़ाई का स्पष्ट जिक्र नहीं होने पर सवाल उठाये थे। राज्य पक्ष भी इस सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये। जिससे तथ्यात्मक विवाद और गहरा गया है। इसी को देखते हुए हाईकोर्ट ने निष्पक्ष जांच के लिये हस्तक्षेप किया है।
क्या है मामला
नारायण विहार कॉलोनी के इंडस्ट्री एरिया में सड़क पर अतिक्रमण होने से फैक्ट्री तक पहुंच प्रभावित होने की शिकायत याचिका में की गई। प्रशासन की ओर से कोर्ट में पेश स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया गया कि संबंधित सड़क से अतिक्रमण हटा दिया गया है और अब वहां सामान्य आवाजाही हो रही है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि पहले अतिक्रमण था तो उसे 26 अक्टूबर 2025 को हटा दिया गया था। निरीक्षण के दौरान फोटो और पंचनामा भी प्रस्तुत किए गए।
तहसीलदार करेंगे जांच में सहयोग
कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता केएन गुप्ता को कमिश्नर नियुक्त किया है। वे सभी पक्षों की मौजूदगी में मौके का निरीक्षण करेंगे। कोर्ट ने ग्वालियर कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि तहसीलदार स्तर के अधिकारी को जांच में सहयोग के लिए नियुक्त किया जाए और निरीक्षण के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। कमिश्नर को 30 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। उनकी फीस 20 हजार रुपए याचिकाकर्ता द्वारा वहन की जाएगी। कलेक्टर को निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
ग्वालियर. मुरार इलाके में स्थित स्टैट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की बारादरी ब्रांच में मंगलवार की दोपहर एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आयी हैं यहां सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर केएस श्रीवास्तव के बैग से 1 लाख रूपये चोरी कर लिये गये है। पीडि़त के अनुसार वह दोपहर लगभग 3 बजे बैंक पहुंचे थे। अपने अकाउंट से 5 लाख रूपये नगद निकाले। इसके बाद उन्होंने 500-5200 रूपये के नोट की 10 गड्डिया बैग में रखी थी और पासबुक प्रिटिंग मशीन पर पासबुक अपडेट करने लगे।
इस बीच उनके पीछे लाइन में खड़ी 2 महिलाओं ने भीड़ का लाभ उठाते हुए बैग से 500-500 रूपये की 2 गड्डियां (1 लाख रूपये) निकाल ली। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों महिलायें इशारों में एक-दूसरे को संकेत देते हुए घटनास्थल से फरार हो गयी।
घर पहुंचने पर चला चोरी का पता
घटना की जानकारी पीड़ित को तब लगी, जब वे घर पहुंचे और बैग चेक किया। इसके बाद वे तुरंत बैंक लौटे और प्रबंधन को सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। बैंक प्रबंधन ने CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें दोनों महिलाएं लाइन में खड़ी होकर चोरी करते हुए नजर आईं। फुटेज मिलने के बाद पीड़ित ने मुरार थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जो पहले रेकी करता है और फिर मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देता है।
नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिये 2 हफ्तों के सीजफायर के प्रस्ताव पर सहमति बन गयी है। इस 2 तफरा सीजफायर (संघर्ष विराम) की शर्त है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को तत्काल पूरी तरह और सुरक्षित रूप से खोल दें। ईरान ने भी इस प्रस्ताव की स्वीकार कर लिया है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी भी कई बड़े मुद्दों पर गहरी खाई बनी हुई है। हालांकि ट्रम्प न पहले ईरान के इस 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को भा्रमक बताया था। लेकिन पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और फील्डछ मार्शल असीम मुनीर के आग्रह के बाद इस शांति प्रस्ताव को काम करने लायक मानते हुए सैन्य अभियान रोकने का फैसला किया है। जिस पर विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रम्प ईरान की शतों पर झुक गया है।
वहीं, इस युद्ध विराम के बाद वैश्विक बजारों में तेज की कीमतें 100 डॉलर प्रतिबैरल से नीचे गिर गया है। सीजफायर का ऐलान करते हुए ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल मीडिया पर लिखा है कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ऑर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से चचा्र के बाद मैंने ईरान पर हमलों को 52 सप्ताह के लिये रोकने का फैसला किया है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने पर सहमति जताई है। यह 2 तराफा सीजफायर होगा। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर चुका है। ईरान से मिला 10 सूत्रीय प्रस्ताव स्थाई समझौते के लिये काम करने योग्य आधार है। उन्होंने आगे कहा है कि पिछले विवाद के करीब सभी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। 2 हफ्ते समय स्थाई समझौते का अंतिम रूप देने के लिये पर्याप्त होगा।
ईरान की शर्तें
वहीं, ईरान ने शांति के लिए जो प्रस्ताव पेश किया है, उसमें कुछ ऐसी मांगें हैं जो अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती रही हैं. ईरान के मुताबिक, इन शर्तों पर अमल ही स्थायी समाधान का रास्ता है।
अमेरिका द्वारा हमला नहीं करने (Non-aggression) की गारंटी।
परमाणु कार्यक्रम में एनरिचमेंट की मंजूरी
होर्मुज पर नियंत्रण: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण बरकरार रहना और जहाजों से ट्रांजिट शुल्क वसूलना.
ईरान पर लगे सभी प्राथमिक और आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और IAEA के सभी प्रस्तावों को खत्म करना.
युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजा (compensation).
क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी.
लेबनान में इस्लामिक रेसिस्टेंस (हिज्बुल्लाह) के खिलाफ युद्ध खत्म करना.
ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि ईरान की सशस्त्र सेना दो हफ्ते के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगी । ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत की इच्छा जताई है. अराघची ने स्पष्ट किया कि समन्वय के साथ तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल जहाजों को रास्ता दिया जाएगा. ईरान तभी शांत रहेगा, जब उस पर कोई हमला नहीं किया जाएगा ।
‘लेबनान में कोई समझौता नहीं’
उधर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने सीजफायर का समर्थन किया, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि यह समझौता लेबनान को शामिल नहीं करता। इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ दक्षिण लेबनान में अपना अभियान जारी रखेगा. ईरान की मांग थी कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल हो, लेकिन इजरायल ने इसे खारिज कर दिया।
इस्लामाबाद में होगी वार्ता
इस पूरे सीजफायर के पीछे पाकिस्तान की अहम भूमिका बताई जा रही है और इसी वजह से अमेरिका-ईरान की बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को चुना गया है। शुक्रवार 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच आगे की वार्ता होगी। उधर, युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 13 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड गिरकर 94.74 डॉलर और अमेरिकी क्रूड 96.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. एशियाई और अमेरिकी शेयर बाजारों में भी इस खबर के बाद जबरदस्त उछाल देखा गया है. दुनिया भर के निवेशकों ने युद्ध की आशंका कम होने पर राहत की सांस ली है।
ग्वालियर मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने जल संसाधन विभाग के ईएनसी विनोद देवड़ा पर अवमानना के मामले में 50 हजार रूपये की कॉस्ट लगाई हैं मंगलवार को हुई सुनवाई में अधिकारी की तरफ से 24 अगस्त 2024 के आदेश का पालन करने के लिये एक सप्ताह का वक्त मांगा। हाईकोर्ट ने पहले तो जल जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की और फिर इसके बाद ईएनसी पर 50 हजार रूपये की कॉस्ट लगाई है।
स्पष्ट किया है कि यह राशि आज ही याचिकाकर्ता को दी जाये। राशि का भुगतान होने की स्थिति में ही केस लिस्ट हो पायेगा। मामले की संभावित सुनवाई अगले सप्ता में तय की गयी है। आपको बता दें कि मामला 2022 के आरआरसी के पालन से जुड़ा हुआ है। जिसका अभी तक क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। इस पर हाईकोर्ट ही 19 फरवरी 2026 को सख्त टिप्पणी करते हुए 4 सप्ताह का वक्त दे चुका था। हाईकोर्ट ने चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। यह प्रकरण प्रदीप मसूरकर बनाम कलेक्टर रूचिका चौहान का था। इस मामले में एडवोकैट रवि जैन ने पैरवी की है।
जिले के जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में इस प्रकार सैकड़ों धूल खा रहे हैं लेकिन अधिकारियों को किसी तरह का ध्यान नहीं है। कई याचिकाकर्ता 5-5 बार स्मरण पत्र देने के बाद भी प्रकरणों में अभिमत तक प्रस्तुत नहीं कर रहे है।
ग्वालियर में पहाड़ों को अतिक्रमण-उत्खनन माफिया से बचाने बनेंगे सिटी फॉरेस्ट
ग्वालियर। शहर की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को बचाने के लिए हाईकोर्ट ने एक प्रभावी कदम उठाया है। तेजी से बढ़ रहे अवैध अतिक्रमण और उत्खनन को देखते हुए न्यायालय ने सख्त आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ियों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके तहत सिटी फॉरेस्ट तैयार करने की बात कही गई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए, जो हर 15 दिन में बैठक कर कार्ययोजना तैयार करे और उसके क्रियान्वयन की निगरानी करे।
हाईकोर्ट ने ये प्रमुख टिप्पणियां कीं
पहाड़ों से हरियाली खत्म होने से ग्वालियर के हीट जोन बनने का खतरा
पहाड़ियों का क्षरण, पर्यावरण और तापमान पर सीधा असर डाल रहा है
अब पूरे शहर पर फोकस-गुड़ा पहाड़ी पर याचिका…
शहर में गुड़ा गांव की पहाड़ी पर अतिक्रमण और अवैध उत्खनन के खिलाफ दायर जनहित याचिका के मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्ती दिखाई। अब हाईकोर्ट ने पूरे ग्वालियर शहर के आसपास की सभी पहाड़ियों को संरक्षण योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने सिरोल पहाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हजारों की संख्या में पौधे लगाए गए, जो अब पेड़ का आकार ले रहे हैं। हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ पौधारोपण से काम नहीं चलेगा, बल्कि लंबे समय तक उनकी देखभाल जरूरी है। हाईकोर्ट ने कहा कि मिट्टी भराव, फेंसिंग और अतिक्रमण रोकने के उपाय जरूरी हैं। इसके अलावा नर्सरी तैयार कर अधिक से अधिक पौधे लगाने की जरूरत है।
कमेटी में कौन-क्या करेगा
अध्यक्ष: कलेक्टर
पुलिस अधीक्षक: अवैध उत्खनन और अतिक्रमण पर निगरानी
नगर निगम कमिश्नर: शहरी प्रबंधन और संरक्षण उपायों का क्रियान्वयन
खनन विभाग: अवैध उत्खनन की रोकथाम
कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक: पौधों की गुणवत्ता और उपयुक्त प्रजातियों का चयन
अन्य जिम्मेदारियां:
आयुर्वेद विभाग: औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों का संरक्षण
पशु चिकित्सा विभाग: ऐसे पौधों का चयन जो वन्य व घरेलू पशुओं के लिए उपयोगी हों
वन विभाग: जैव विविधता और वृक्षारोपण में सहयोग
सामाजिक संगठन, एनएसएस, एनसीसी: जनभागीदारी
कमेटी 15 दिन में बैठक कर कार्ययोजना बनाएगी।
आगे क्या…
कमेटी के गठन के बाद ग्वालियर के आसपास की सभी पहाड़ियों को अतिक्रमण और अवैध उत्खनन से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पेड़-पौधों का संरक्षण, जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे।

ग्वालियर. महाकुम्भ से चर्चा में आई भोपाल की हर्षा रिछारिया एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार कारण उनका एक वीडियो है।जिसमें उन्होंने ‘‘लव जिहाद’’ जैसे संवेदनशील और विवादित मुद्दे पर अपनी बात रखी है। अहम बात यह है कि उन्होंने इस विषय को किसी सामान्य बहस की तरह नहीं। बल्कि अपने निजी अनुभव से जोउ़ते हुए समझाने का प्रयास कियाहै। वीडियो में उन्होने मोहम्मद अशहर द्वारा भेजे गये लगातार मेल्स का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह यह पूरी बातचीत उन्हें एक बड़े सामाजिक मुद्दे पर सोचने के लिये प्रेरित करती हैै।
हर्षा रिछारिया के अनुसार पिछले कुछ दिनों में उन्हें एक अशहर नाम के व्यक्ति के कई मेल मिले। इन मेल्स में उसने बार-बार उनका हालचाल पूछा और उसने यह जानने का प्रयास किया है िकवह कैसेी हैं, कहां है, उनकी तबियत ठीक है या नहीं और वह सोशल मीडिया पर पोस्ट क्यों नहीं कर रही है। इतना ही नहीं। उसने उनके करियर और भविष्य का लेकर भी चिंता जताई। उसने कहा कि नाम और फेम से आगे बढ़कर आय के स्थाई स्त्रोत और भविष्य की योजनाओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। हर्षा ने बताया हैकि उस शख्स ने कभी भी उनके लिये अपमानजनक शब्दों का उपयोग नहीं किया। बल्कि एक सामान्य इंसान की तरह संवेदन/ाीलता के साथ बात की।
कौन हैं हर्षा
प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े के पेशवाई के रथ पर बैठने पर हर्षा रिछारिया चर्चा में आईं थीं। पेशे से मॉडल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया का साध्वी रूप देखकर संत समाज के लोगों ने आपत्ति जताई थी। मामले को तूल पकड़ता देख उन्होंने बीच में ही महाकुंभ छोड़ दिया था। रोते हुए उन्होंने मीडिया सुसाइड की धमकी भी दी थी। रिछारिया का परिवार मूलत:उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है। उनके पिता दिनेश बस कंडक्टर और मां किरण रिछारिया बुटीक चलती हैं। एक भाई कपिल भी है जो प्राइवेट जॉब करता है, पूरा परिवार मध्य प्रदेश के भोपाल में रहता है। हालांकि, हर्षा उत्तराखंड में रहती हैं। हर्षा पीले वस्त्र, रुद्राक्ष माला और माथे पर तिलक धारण करती हैं। वह आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं।
मेल से शुरू हुई कहानी, समाज की सोच तक पहुंची बात
वीडियो में हर्षा ने इस अनुभव को आधार बनाते हुए कहा कि यही वह स्थिति होती है, जहां से कई बार लड़कियां गलत दिशा में चली जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी लड़की को अपने ही समाज और करीबी लोगों से समर्थन की जरूरत होती है, तब उसे अक्सर आलोचना, ताने और उपहास का सामना करना पड़ता है। उसे ‘फेक’, ‘पाखंडी’, ‘दिखावटी’ जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता है, जिससे वह मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाती है। हर्षा का कहना है कि जब कोई व्यक्ति लगातार इस तरह के व्यवहार का सामना करता है, तो उसके भीतर एक खालीपन और असुरक्षा की भावना पैदा हो जाती है। ऐसे में अगर कोई बाहरी व्यक्ति सहानुभूति दिखाता है, हालचाल पूछता है और भावनात्मक सहारा देता है, तो वह जल्दी भरोसा जीत लेता है।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश – स्पेशल ओलंपिक्स भारत ने एसकेएफ इंडिया के सहयोग से अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र, ग्वालियर, मध्य प्रदेश में गोथिया कप स्पेशल ओलंपिक्स फुटबॉल चैम्पियनशिप (पुरुष) 2026 का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में भारत के 15 राज्यों से 120 से अधिक एथलीट और कोच शामिल हुए, जिन्होंने खेल, समावेशन और एकता की शक्ति का उत्सव मनाया।
यह आयोजन प्रमुख पहल “एसकेएफ मीट द वर्ल्ड” के अंतर्गत आयोजित किया गया — यह एक सहयोगात्मक मंच है जो बौद्धिक दिव्यांगता वाले एथलीटों की खेल संबंधी आकांक्षाओं को बढ़ावा देता है। यह चैम्पियनशिप कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से समावेशी विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण के प्रति एसकेएफ इंडिया की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
उद्घाटन समारोह — समावेशन और उत्साह का उत्सव
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान और नई शुरुआत का प्रतीक एक सम्मानित भारतीय परंपरा है। विशिष्ट अतिथियों, एथलीटों और आयोजकों ने आशा और एकजुटता की भावना के साथ प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसके बाद एक जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुति ने चैम्पियनशिप के लिए उत्सवपूर्ण माहौल बनाया। इसके द एथलीटों ने अंग्रेजी और हिंदी दोनों में शपथ ली, जिसमें निष्पक्ष खेल, खेलभावना और स्पेशल ओलंपिक्स आंदोलन के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।
मार्च पास्ट — विविधता में एकता
समारोह के सबसे प्रेरक क्षणों में से एक मार्च पास्ट था, जिसमें 15 भाग लेने वाले राज्यों की टीमों ने अपने-अपने कप्तानों के नेतृत्व में राज्य-पटिकाएँ लेकर गर्व के साथ मार्च किया। क्रम वर्णानुक्रम के अनुसार रहा — बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, पांडिचेरी, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल — और मेजबान राज्य मध्य प्रदेश ने दर्शकों की जोरदार सराहना के बीच परेड का समापन किया।
यह मार्च पास्ट “विविधता में एकता” की भावना का जीवंत प्रतीक बना, क्योंकि भारत के कोने-कोने से आए एथलीट ग्वालियर में प्रतिस्पर्धा, संवाद और उत्सव के लिए एकत्र हुए।श्री दीपांकर बनर्जी — बोर्ड सदस्य, स्पेशल ओलंपिक्स भारत एवं एरिया डायरेक्टर, एसओ मध्य प्रदेश सांस्कृतिक रंगत — कला के माध्यम से एथलीटों का उत्सव
समारोह को एक भावपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुति ने और समृद्ध बनाया, जिसने प्रतिभागी एथलीटों की सृजनात्मकता और उत्साह को उजागर किया। प्रसन्न अभिव्यक्तियों और जोशीली भागीदारी के साथ कलाकारों ने पूरे आयोजन में ऊर्जा और आत्मीयता का संचार किया, यह दर्शाते हुए कि स्पेशल ओलंपिक्स खेल के साथ-साथ जीवन का भी उत्सव है।
चैम्पियनों का ऐतिहासिक संगम
उद्घाटन समारोह का समापन एथलीटों, कोचों, गणमान्य अतिथियों और आयोजकों के भव्य समूह छायाचित्र के साथ हुआ — जो समावेशन, विविधता और साझा उद्देश्य की एक प्रभावशाली झलक थी। 15 राज्यों से आए 120 से अधिक प्रतिभागी खेल की भावना और स्पेशल ओलंपिक्स आंदोलन के मूल्यों से एकजुट होकर साथ खड़े दिखाई दिए।
मार्च पास्ट — विविधता में एकता
समारोह के सबसे प्रेरक क्षणों में से एक मार्च पास्ट था, जिसमें 15 भाग लेने वाले राज्यों की टीमों ने अपने-अपने कप्तानों के नेतृत्व में राज्य-पटिकाएँ लेकर गर्व के साथ मार्च किया। क्रम वर्णानुक्रम के अनुसार रहा — बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, पांडिचेरी, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल — और मेजबान राज्य मध्य प्रदेश ने दर्शकों की जोरदार सराहना के बीच परेड का समापन किया।यह मार्च पास्ट “विविधता में एकता” की भावना का जीवंत प्रतीक बना, क्योंकि भारत के कोने-कोने से आए एथलीट ग्वालियर में प्रतिस्पर्धा, संवाद और उत्सव के लिए एकत्र हुए।
सांस्कृतिक रंगत — कला के माध्यम से एथलीटों का उत्सव
समारोह को एक भावपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुति ने और समृद्ध बनाया, जिसने प्रतिभागी एथलीटों की सृजनात्मकता और उत्साह को उजागर किया। प्रसन्न अभिव्यक्तियों और जोशीली भागीदारी के साथ कलाकारों ने पूरे आयोजन में ऊर्जा और आत्मीयता का संचार किया, यह दर्शाते हुए कि स्पेशल ओलंपिक्स खेल के साथ-साथ जीवन का भी उत्सव है।

ग्वालियर बहोड़ापुर थाना इलाके में मंगलवार की दोपहर लगभग 3.30 बजे सागरताल में 2 पुरूष और एक महिला ने छलांग लगा दी है। यह तीनों में आपस में बहन-भाई है। खबर मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। 3 को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। इनमें से उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गयी।घटना के बाद बड़े भाई इरदेश खान ने रिश्तेदारों और आसपड़ोस के लोगों पर प्रताडि़त करने के आरोप लगाये है।
पुरूष और महिला की हालत स्थिर
डॉक्टरों के अनुसार, फेफड़ों में पानी भरने की वजह से उसकी मौत हो गयी। 3 ने जंनकगंज थाना इलाके ढोलीबुआ के निवासी बताये जा रहे है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। आत्महत्या की वजहों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। बहोड़ापुर थाने के एएसआई विजेन्द्र तोमर ने बताया कि खबर मिली कि 2 भाई और एक बहन सागरताल में कूंद गये हैं। हम घटनास्थल पर पहुंचे तो लोगों की मदद से तीनों को निकाल लिया गया। यहां उपचार के बीच में ही एक की मौत हो गयी तो दूसरा भाई इरदेश खान आसपड़ोस के लोगो की बुराई कर रहा है।
एक की मौत हो गई, दो को बचाया
बहोड़ापुर थाने के एएसआई विजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सूचना मिली थी कि दो भाई और एक बहन सागर ताल में कूद गए हैं। हम मौके पर पहुंचे और लोगों की मदद से तीनों को निकाल लिया। यहां इलाज के दौरान एक की मौत हो गई। दूसरा भाई इरदेश खान आसपड़ोस के लोगों की बुराई कर रहा है।