झुक गये डोनाल्ड ट्रम्प, ईरान की शर्तो पर हुआ समझौता, 2 हफ्ते के लिये हुआ सीजफायर
नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिये 2 हफ्तों के सीजफायर के प्रस्ताव पर सहमति बन गयी है। इस 2 तफरा सीजफायर (संघर्ष विराम) की शर्त है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को तत्काल पूरी तरह और सुरक्षित रूप से खोल दें। ईरान ने भी इस प्रस्ताव की स्वीकार कर लिया है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी भी कई बड़े मुद्दों पर गहरी खाई बनी हुई है। हालांकि ट्रम्प न पहले ईरान के इस 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को भा्रमक बताया था। लेकिन पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और फील्डछ मार्शल असीम मुनीर के आग्रह के बाद इस शांति प्रस्ताव को काम करने लायक मानते हुए सैन्य अभियान रोकने का फैसला किया है। जिस पर विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रम्प ईरान की शतों पर झुक गया है।
वहीं, इस युद्ध विराम के बाद वैश्विक बजारों में तेज की कीमतें 100 डॉलर प्रतिबैरल से नीचे गिर गया है। सीजफायर का ऐलान करते हुए ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल मीडिया पर लिखा है कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ऑर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से चचा्र के बाद मैंने ईरान पर हमलों को 52 सप्ताह के लिये रोकने का फैसला किया है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने पर सहमति जताई है। यह 2 तराफा सीजफायर होगा। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर चुका है। ईरान से मिला 10 सूत्रीय प्रस्ताव स्थाई समझौते के लिये काम करने योग्य आधार है। उन्होंने आगे कहा है कि पिछले विवाद के करीब सभी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। 2 हफ्ते समय स्थाई समझौते का अंतिम रूप देने के लिये पर्याप्त होगा।
ईरान की शर्तें
वहीं, ईरान ने शांति के लिए जो प्रस्ताव पेश किया है, उसमें कुछ ऐसी मांगें हैं जो अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती रही हैं. ईरान के मुताबिक, इन शर्तों पर अमल ही स्थायी समाधान का रास्ता है।
अमेरिका द्वारा हमला नहीं करने (Non-aggression) की गारंटी।
परमाणु कार्यक्रम में एनरिचमेंट की मंजूरी
होर्मुज पर नियंत्रण: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण बरकरार रहना और जहाजों से ट्रांजिट शुल्क वसूलना.
ईरान पर लगे सभी प्राथमिक और आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और IAEA के सभी प्रस्तावों को खत्म करना.
युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजा (compensation).
क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी.
लेबनान में इस्लामिक रेसिस्टेंस (हिज्बुल्लाह) के खिलाफ युद्ध खत्म करना.
ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि ईरान की सशस्त्र सेना दो हफ्ते के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगी । ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत की इच्छा जताई है. अराघची ने स्पष्ट किया कि समन्वय के साथ तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल जहाजों को रास्ता दिया जाएगा. ईरान तभी शांत रहेगा, जब उस पर कोई हमला नहीं किया जाएगा ।
‘लेबनान में कोई समझौता नहीं’
उधर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने सीजफायर का समर्थन किया, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि यह समझौता लेबनान को शामिल नहीं करता। इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ दक्षिण लेबनान में अपना अभियान जारी रखेगा. ईरान की मांग थी कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल हो, लेकिन इजरायल ने इसे खारिज कर दिया।
इस्लामाबाद में होगी वार्ता
इस पूरे सीजफायर के पीछे पाकिस्तान की अहम भूमिका बताई जा रही है और इसी वजह से अमेरिका-ईरान की बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को चुना गया है। शुक्रवार 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच आगे की वार्ता होगी। उधर, युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 13 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड गिरकर 94.74 डॉलर और अमेरिकी क्रूड 96.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. एशियाई और अमेरिकी शेयर बाजारों में भी इस खबर के बाद जबरदस्त उछाल देखा गया है. दुनिया भर के निवेशकों ने युद्ध की आशंका कम होने पर राहत की सांस ली है।

