Author: Vishal Jha

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सॉल्वर ने दी 50 हजार रूपये में परीक्षा, बीएसएफ में हुआ चयन, 12 दिन की ट्रेनिंग के बाद आया पकड़ में अभ्यर्थी

फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. पुलिस और बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक जबलपुर के मनमोहन नगर, रांझी निवासी शिवसिंह का चयन एसएससीपरीक्षा 2025 के माध्यम से कांन्स्टेबल (जीडी) पद पर हुआ था। नियुक्ति मिलने के बाद वह 9 मार्च 2026 को बेंगलुरू स्थित बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर पहुंच गया था। ट्रेनिंग शुरू होने के 12 दिन बाद 21 मार्च को दस्तावेजों के अंतिम संत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसके फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से मेल नही खाये। कई बार जांच के बावजूद सिस्टम ने 100 प्रतिशत मिसमैच दिखाया।
फोटो से नहीं हुआ मिलान
जांच अधिकारियों ने जब एसएससी आवेदन पत्र और ई-एडमिट कार्ड पर फोटो का मिलान किया तो सामने आया कि परीक्षा देने वाला व्यक्ति और ट्रेनिंग करने पहुंचा युवक अलग-अलग है। इसके बाद अधिकारियों ने उससे पूछताछ की।
50 हजार रुपए देकर कराया था पूरा काम
पूछताछ में शिव सिंह ने स्वीकार किया कि उसने 50 हजार रुपए देकर एक अज्ञात सॉल्वर को अपनी जगह लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट देने के लिए तैयार किया था। उसी की मदद से वह चयनित हुआ था।
जांच में पता चला कि आरोपी की लिखित परीक्षा 19 फरवरी 2025 को ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र में हुई थी। भर्ती प्रक्रिया के अन्य चरण भी यहीं पूरे हुए थे। इसी वजह से बेंगलुरु पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला जांच के लिए ग्वालियर भेज दिया। बिजौली थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। परीक्षा केंद्र से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब उस सॉल्वर और उसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है।

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ग्वालियर में मसालों में बदला मिलावट का ट्रेंड, मिला रहे स्टार्च, बढ़ रहा लोगों का वजन

ग्वालियर. दाल बाजार अब मिलावटखोरों का नया हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। मुनाफाखोरी की होड़ में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों ने अब मिलावट का तरीका भी बदल दिया है। मसालों का वजन बढ़ाने के लिए पहले जहां अवैध रूप से लकड़ी के बुरादे का इस्तेमाल किया जाता था, वहीं अब उसकी जगह स्टार्च ने ले ली है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि, धनिया पाउडर में चावल का आटा मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा है। मामले में संबंधित कारोबारी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। ग्वालियर चंबल में मिलावट का मीटर हाई है, यहां भिंड, मुरैना से नजदीकी के चलते मिलावट का दूध, घी आम बात है।
स्टार्च का सेवन करने से मोटापा बढ़ना तय
एक्सपर्ट्स की मानें तो लंब समय तक स्टार्च का सेवन करने से मोटापा बढ़ना तय है। यही नहीं इसकी अधिकता से किडनी सिकुड़ने की संभावना भी बेहद ज्यादा होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दाल बाजार स्थित एक पिसाई केंद्र से धनिया पाउडर का सैंपल लिया। इसी सैंपल की लैब जांच में स्टार्च की पुष्टि हुई है। विभाग ने उनके यहां से तीन सैंपल लिए थे, जिनमें दो पास हो गए, जबकि धनिया सैंपल फेल हो गया। खाद्य सुरक्षा निरीक्षक बीएस सिरोमणी ने बताया कि, धनिया में चावल का आटा मिलाया गया था।
मिलावट से भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है
बाजार विश्लेषकों के अनुसार मसाले महंगे होने के कारण थोड़ी-सी मिलावट से भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। पहले हल्दी में चावल का आटा और धनिया में लकड़ी का बुरादा मिलाने के मामले सामने आते थे, लेकिन लकड़ी से वजन ज्यादा नहीं बढ़ता था। यही वजह है कि अब मिलावटखोर सीधे चावल के आटे यानी स्टार्च का इस्तेमाल करने लगे हैं। धनिया की पिसाई के दौरान चावल का आटा मिलाने से सामान्य उपभोक्ता के लिए मिलावट पहचान पाना लगभग असंभव हो जाता है।

 

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MP में 29 IAS अधिकारियों का तबादला

भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (भाप्रसे) के 29 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस सूची में भोपाल और रीवा संभाग के कमिश्नरों को बदलने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों और निदेशकों के प्रभार में भी बदलाव किया गया है।
भोपाल और रीवा संभाग को मिले नए कमिश्नर
आदेश के मुताबिक, भोपाल संभाग के वर्तमान कमिश्नर श्री संजीव सिंह (2005) को अब सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह श्री कर्मवीर शर्मा (2010), जो वर्तमान में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त व सचिव थे, उन्हें भोपाल संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
वहीं, रीवा संभाग के कमिश्नर बाबू सिंह जामोद (2006) को भोपाल मंत्रालय में नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है । उनकी जगह अब शीलेन्द्र सिंह (2010) रीवा संभाग के नए कमिश्नर होंगे ।
इन वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में हुआ बदलाव
मुकेश चन्द गुप्ता (1998): सचिव, मानव अधिकार आयोग से अब प्रमुख सचिव, जेल विभाग बनाए गए हैं।
डॉ. ई. रमेश कुमार (1999): प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से अब प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग तथा राहत एवं पुनर्वास आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।
विवेक कुमार पोरवाल (2000): प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग से अब प्रमुख सचिव, खनिज साधन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
दीपक सिंह (2007): आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं से अब मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बनाए गए हैं।
अमित तोमर (2009): पंजीयन महानिरीक्षक से अब प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम तथा आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
अपर मुख्य सचिवों को सौंपे गए अतिरिक्त प्रभार
तबादला सूची के साथ ही शासन ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं:
के.सी. गुप्ता (1992): अपर मुख्य सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
अनिरूद्ध मुकर्जी (1993): अध्यक्ष, राजस्व मण्डल ग्वालियर को पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
गुलशन बामरा (1997): प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग को प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
सोनिया मीना (2013): अपर सचिव, वित्त विभाग को आयुक्त-सह-संचालक, संस्थागत वित्त का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
इसके साथ ही, नई नियुक्तियों के बाद अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मनु वास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी मनीष सिंह और अरविन्द कुमार दुबे कुछ अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त होंगे।
ये अधिकारी भी बदले गए
मंत्रालय द्वारा जारी सूची में कई अन्य जिलों और विभागों के अपर सचिव, उप सचिव और निदेशकों के स्तर पर भी बदलाव हुए हैं:
नेहा मारव्या सिंह (2011) को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण का आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है।
मनोज पुष्प (2011) को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का संचालक नियुक्त किया गया है।
रोहित सिंह (2012) अब बजट संचालक की जिम्मेदारी संभालेंगे।
हर्षिका सिंह (2012) को अपर सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग बनाया गया है।
भारती जाटव ओगरे (2012) को कोष एवं लेखा का आयुक्त नियुक्त किया गया है।

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OTF मैराथन में ग्वालियर में उमड़ा युवाओं का जनसैलाब, हजारों युवाओं ने लिया भाग

मैराथन सुबह 7 बजे मेला ग्राउंड से शुरू हुई।

ग्वालियर,-भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने में आज ग्वालियर में “OTF (वन टाइम फीस) मैराथन” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मैराथन का शुभारंभ प्रातः 7 बजे मेला ग्राउंड से हुआ तथा गोला का मंदिर, हजीरा, किला गेट, सेवा नगर होते हुए फूलबाग पर इसका समापन हुआ।
मैराथन को हरी झंडी दिखाने के लिए कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, आईसीसी सचिव सत्यनारायण पटेल, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, सचिन यादव,पीसी शर्मा, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, विधायक दिनेश गुर्जर, पंकज उपाध्याय, पूर्व विधायक घनश्याम सिंह, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, युवा कांग्रेस प्रभारी शिवी चौहान, रूपेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव, ग्रामीण अध्यक्ष प्रभुदयाल जाटव सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पुरुष वर्ग विजेता
1. सचिन यादव – ₹51,000, 2. गौरव कंसाना – ₹31,000, 3. संदीप पाल – ₹21,000
महिला वर्ग विजेता
1. आरती राव – ₹51,000, 2. ज्योति मेरठ – ₹31,000, 3. दीक्षा – ₹21,000
इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 100 प्रतिभागियों को भी सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर मितेंद्र यादव ने कहा कि OTF (वन टाइम फीस) अभियान का उद्देश्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में “एक बार फीस, सभी भर्तियों में अवसर” की व्यवस्था लागू कराना है। वर्तमान में युवाओं को प्रत्येक भर्ती के लिए अलग-अलग शुल्क देना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। यह मैराथन युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाने तथा उनके हितों की रक्षा के लिए जनजागरण अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस प्रदेश एवं देश के युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता तथा युवाओं को राहत दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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ट्रक और डम्पर के बीच हुई टक्कर में लगी आग में जल गया ड्राइवर

ग्वालियर के बेहट में ट्रक-डंपर की भिडंत के बाद दोनों वाहनों के ड्राइवर जिंदा जल गए। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. फुले का पुरा गांव के पास 16-17 जून की दरमियानी रात को 2 ट्रक चालकों की जिन्दा जलकर मौत हो गयी। घटना की रात लगभग 2 बजे हुआ। दरअसल, दतिया की तरफ से आ रहा एक डम्पर RJ-11-GE-3752 और ग्वालियर की तरफ जा रहा ट्रक आमने-सामने से टकरा गये। इसके बाद एक वाहन का डीजल टैंक फट गया। जिससे दोनों ट्रकों में आग लग गयी। दोनों चालक केबिन में फंस गये।
बेहट पुलिस के अनुसार डम्पर चालक की पहचान मुरैना निवासी 30 वर्षीय जितेन्द्र गुर्जर के रूप में हुई है। वह डम्पर नम्बर से दतिया की तरफ आ रहा था। वही मुरैना के बंगरौली निवासी ट्रक चालक सुरेन्द्र गुर्जर ट्रक नम्बर एमपी07-जेडपी-3610 लेकर ग्वालियर की तरफ जा रहा था।
फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले जल चुके थे
घटना की सूचना मिलते ही बेहट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने आग बुझाकर चालकों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई भी वाहन के पास नहीं पहुंच सका। ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालने और केबिन के दरवाजे तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। दमकल के पहुंचने तक दोनों चालक जिंदा जल चुके थे। बुधवार की सुबह फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों के अवशेष बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए। पहचान की पुष्टि और अन्य जांच के लिए नमूने भी इकट्‌ठा किए गए हैं। बेहट एसडीओपी मनीष यादव ने बताया कि दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर के बाद आग लगने से दोनों चालकों की मौत हुई है। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग या किसी अन्य वजह से हुआ।

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RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला

रांची. झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां मंगलवार रात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर अज्ञात बदमाशों द्वारा पेट्रोल बम से हमले की कोशिश की गई। हमले की यह घटना कार्यालय के पास लगे सीसीटीवी कैमरा में रिकॉर्ड हो गई जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी की फुटेज में दो युवक निवारणपुर स्थित आरएसएस के प्रांत कार्यालय पर मोटरसाइकिल से पहुंचे और फिर पेट्रोल से भरी बोलते फेंक कर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक यह घटना रात 12:36 बजे हुई थी। कार्यालय पर हमला कर बदमाश मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी की फुटेज की मदद से बदमाशों की पहचान की जा रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने घटना की आलोचना की
इस घटना ने राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक और संभावित साजिश करार दिया है। केंद्रीय राज्य मंत्री और झारखंड से BJP के वरिष्ठ नेता संजय सेठ ने इस घटना को साजिश बताते हुए कहा है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है। संजय सेठ ने प्रशासन से कार्यालय के पास स्थायी पुलिस पिकेट लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि संघ कार्यालय संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान है और उसकी सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। भारतीय जनता पार्टी नेताओं ने इस मामले को राज्य की कानून व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी टीम जांच में जुटी
रांची शहर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस केवी रमन ने मीडिया को बताया कि घटनास्थल से दो बोतलें बरामद की गई हैं, जिनकी जांच फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम कर रही है। पुलिस ने साइबर डीएसपी समेत कई अधिकारियों को जांच में लगाया है। पुलिस कमिश्नर की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई है। अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में कुछ संदिग्धों की जानकारी मिली है और उनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच के बाद ही घटना की प्रकृति और मकसद को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

 

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बिहार-देवबंद तक फैला आतंकी नेटवर्क, एटीएस ने पकड़ी स्लीपर सेल की कड़ी

भोपाल. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और हैंडलरों के इशारे पर भारत में बडी आतंकी साजिश रच रहे खतरनाक स्लीपर सेल का खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश और बिहार एटीएस आतंकवाद निरोध दस्ता की संयुक्त कार्रवाई में मधुबनी के नूर-ए-मोहम्मदिया मदरसे के शिक्षक इजहारूल की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ कई चौंकाने वाली जानकाररियां लगी है।
नेपाल में बैठे एजेंटों के जरिये पाकिस्तान पहुंचाता था सिमकार्ड
पूछताछ में यह साफ हुआ है कि इजहारूल बिहार के विभिन्न जिलों से पहचान पत्रों और आधार कार्ड के जुगाड से खरीदे गए भारतीय सिमकार्ड, नेपाल में बैठे एजेंटों के जरिये पाकिस्तान पहुंचाता था। इस सिंडिकेट को चलाने के लिए वह कई बार नेपाल की यात्री भी कर चुका था। इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल कांग्रेस नगर बैरसिया निवासी मुहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को दबोचा। एटीएस की सख्त पूछताछ में फराज जल्द ही टूट गया। उसके मोबाइल की वाट्सएप चैटिंग और गूगल मीट के डिजिटल साक्ष्य खंगालने पर यूपी के देवबंद सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला और मधुबनी के इजहारूल की देश विरोधी गतिविधियों में गहरी संलिप्तता उजागर हुई। पुख्ता सबूत हाथ लगते ही एटीएस ने देवबंद से नईम और फिर मधुबनी पहुंचकर इजहारूल को दबोच लिया।
इजहारूल को पाकिस्तानी से बिहार में नेटवर्क फैलाने की जिम्मेदारी मिली थी
सुरक्षा एजेंसियों की तफ्तीश में पता चला कि इजहारूल को पाकिस्तानी हैंडली से बिहार में नेटवर्क फैलाने की बडी जिम्मेदारी मिली थी। भागलपुर, बांका, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा और मधुबनी जैसे जिलों से सिमकार्ड खरीदकर उनकी तस्करी की जाती थी। इजहारूल मदरसे की तालीम की आड में युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकी गतिविधियों से जो रहा था।
पाकिस्तान में बैठे जैनुल आब्दीन के संपर्क में थे तीनों
इन तीनों आरोपितों के तार सीधे पाकिस्तान में बैठे आतंकी आका मुफ्ती जैनुल आब्दीन से जुड़े थे। मुफ्ती ने टेलीग्राम पर भड़काऊ आडियो बाइट भेजकर कहा था कि नबी की शान में जान देना फख्र की बात है। उसने इन युवकों को ऐसी ही ऑडियो रिकॉर्ड कर वफादारी साबित करने का निर्देश दिया था, जिसे फराज, नईम और इजहारुल ने रिकॉर्ड कर पाकिस्तान भेजा भी था।
मुफ्ती देश के धार्मिक स्थलों के बारे में भ्रामक और भड़काऊ जानकारी देकर इन्हें बड़ी साजिश के लिए तैयार कर रहा था। ये सभी टेलीग्राम और वाट्सएप के जरिये पाकिस्तानी व अन्य विदेशी मुजाहिदों के संपर्क में रहते थे और एजेंसियों की नजर से बचने के लिए बातचीत के तुरंत बाद चैट डिलीट कर देते थे। फिलहाल एटीएस सभी कड़ियों को जोड़कर स्लीपर सेल के अन्य गुर्गों की तलाश में जुटी है।

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एलिवेटेड रोड- गुरुद्वारे-फूलबाग के बीच फिर से होगा ट्रैफिक डायवर्ट, 19 से बंद होंगे रास्ते

गर्डर स्लैब डालने के लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मांगा ब्लॉक, बलिदान मेले के बाद मिलेगी अनुमति
ग्वालियर- एलिवेटेड रोड के लिए एक बार फिर एलिवेटेड हिस्सा तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा। इस बार रास्ते बंद कर वाहनों के ट्रैफिक को डायवर्ट करने का प्लान बनाया गया है। कंस्ट्रक्शन कंपनी पीएनसी इंफ्रा ने इस रूट के डायवर्जन के लिए 2 महीने की अनुमति मांगी है। इस दौरान फूलबाग चौराहे से गुरुद्वारे तक के पिलर पर स्लैब डालने का काम किया जाएगा।
फरवरी-मार्च में भी रूट डायवर्जन के कारण यह रास्ता बंद रहा था। ट्रैफिक पुलिस इस डायवर्जन को 19 जून से लागू करने पर विचार कर चुकी है। हालांकि 18 जून को बलिदान मेला है और उस दौरान पड़ाव, फूलबाग, स्टेशन रोड, बजीताल, मोतीमहल आदि क्षेत्रों में ट्रैफिक और लोगों की आवाजाही अधिक रहेगी।
एलिवेटेड रोड से जुड़े तथ्य
कॉरिडोर लागत: 1372.94 करोड़ रुपये
लंबाई: 13.3 किमी
लूप की लंबाई: 10.48 किमी
पिलर: 522
ऐसा रहेगा रूट डायवर्जन प्लान
पड़ाव से नदी गेट की ओर आने वाले वाहन स्मृति स्थल के सामने से मोतीमहल, बजीताल और जल विहार होते हुए निकलेंगे।
शिदे की छावनी से सेंटर प्वाइंट कॉम्प्लेक्स, फूलबाग चौराहे की तरफ जाने वाले वाहनों को नौगजा रोड से होते हुए मार्कण्डेश्वर मंदिर होकर निकाला जाएगा।
शिदे की छावनी से फूलबाग-पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों को गेंडेर जंक्शन या बजीताल होते हुए एलआईसी तिराहे से निकाला जाएगा। डीडी मॉल से मार्केटश्वर तक मार्ग बंद रहेगा।
फूलबाग से नदी गेट चौराहे की तरफ आने वाले वाहनों को मोतीमहल जल विहार से निकाला जाएगा। मोतीमहल गेट नंबर 5 और गुरुद्वारे की साइड से इस रास्ते को बंद कर दिया जाएगा।
डायवर्जन वाले रास्तों पर प्वाइंट न लगे तो बढ़ेगी परेशानी

2. पुलिस प्वाइंट
फरवरी में इसी रूट पर ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान व्यवस्था बिगड़ी थी और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा था। कारण यह था कि जिन प्वाइंट्स पर पुलिसकर्मी तैनात होने थे, वहां वे लगातार मौजूद नहीं रहे और केवल औपचारिक निगरानी होती रही।
1. अतिक्रमण
नौगजा रोड पर सिंधे की छावनी से फूलबाग के ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाना है। लेकिन इस दो लेन सड़क पर पहले से ही यातायात का दबाव बना रहता है। सड़क किनारे ठेले, फेरीवाले और दुकानों के सामने खड़े वाहन यातायात को प्रभावित करते हैं। वहीं बजीताल, मोतीमहल रोड, सेंटर रोड के फुटपाथ और सड़क पर भी अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है।
कंपनी ने डायवर्जन मांगा है
एलिवेटेड रोड का निर्माण कर रही कंपनी ने ट्रैफिक डायवर्जन की मांग की है। बलिदान मेले के बाद 19 जून से यह डायवर्जन व्यवस्था लागू की जा सकती है।
धनंजय शर्मा, यातायात प्रभारी

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वायुसेना के अधिकारी की पत्नी से दुष्कर्म, धर्मान्तरण का भी प्रयास, रोते हुए बोली -मुझे छोड़ दो, मौलाना फरार

आरोपी कुछ पढ़ते हुए महिला पर फूंक मार रहा था। महिला के गुहार लगाने के बावजूद वह उसके हाथ नहीं छोड़ता है।

नागपुर. भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी की 24 वर्षीय पत्नी से रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मान्तरण क मामले में 2 लोगों का गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया है कि मामले का मुख्य आरोपी अयाज ताज मदारे पीडि़त के साथ स्कूल में एक ही क्लास पढ़ता था। एक वीडियो सामने आया है जिसमेंआरोपी अयाज महिला क हाथ पकड़कर कर कुछ पढ़ रहा है। महिला कहती है कि तुम्हें लड़ने की बहुत आदत है ना, हाथ छोड़ों ना…..छोड़ो। इसके बाद वह लगातार ‘मुझे छोड़ दो’ कहकर रोती और विरोध करती है। लेकिन आरोपी जोर से उसके हाथ पकड़े रहता है।
पीडित के अनुसार घटना साल भर पुरानी है। आरोपी उस पर कुछ शब्द पढ़कर फूकता था। इसके बाद उसका रेप करता था। महिला की शिकायत पर सोनेगांव पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर के 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का रहने वाला एक आरोपी मौलाना फरार है।
महिला प्रॉपर्टी डीलर, पति दूसरे शहर में पोस्टेड
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के पति भारतीय वायुसेना में हैं और फिलहाल दूसरे शहर में पोस्टेड है। महिला प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। फरवरी 2025 में आरोपी अयाज ने प्लॉट खरीदने के बहाने उससे संपर्क किया था।
FIR के मुताबिक, आरोपी ने महिला को वर्धा रोड स्थित एक होटल में बुलाया। महिला का आरोप है कि वहां उसे नशीला पदार्थ मिला जूस पिलाया गया। बेहोशी की हालत में उसके साथ रेप किया गया और उसकी फोटो-वीडियो बना ली गईं। बाद में इन्हीं आपत्तिजनक वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया। आरोपी ने कई बार उसका यौन शोषण किया और उससे करीब 4 लाख रुपए भी वसूले। महिला ने आरोप लगाया कि उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया गया और धार्मिक रस्मों के नाम पर कई गतिविधियां कराई गईं।
शिकायत के मुताबिक, तीनों उसे एक सुनसान जगह पर ले गए। मौलाना ने वहां पीड़ित से जबरन ‘कबूल है’ कहलवाया। इसके बाद उसे धर्मांतरण पूरा होने की बात कही गई और बताया कि उसका अयाज मदारे से निकाह हो चुका है।

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MP में बदलेंगे बिजली टैरिफ के नियम, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

भोपाल. बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मप्र विद्युत नियामक आयोग (एमपीईआरसी) ने 2027-28 से 2031-32 तक लागू होने वाले नए मल्टी ईयर टैरिफ (एमवाईटी) ढांचे पर काम शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत बिजली कंपनियों के खर्च, बिजली खरीद, फ्यूल चार्ज, आधारभूत संरचना विकास, नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले वित्तीय भार की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। नए नियमों को वितरण विनियम-2026 के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। आयोग का उद्देश्य बिजली क्षेत्र में मौजूद नियामकीय बाधाओं को दूर करना, कंपनियों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाना और उपभोक्ताओं को न्यायसंगत दरों पर बिजली उपलब्ध कराना है।
इन प्रमुख बिंदुओं पर बनेगा रोडमैप
फ्यूल चार्ज की तकनीकी जांचः वर्तमान व्यवस्था में बिजली उत्पादन और खरीद की लागत बढ़ने पर कंपनियां हर माह फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट फ्यूल चार्ज के माध्यम से अतिरिक्त राशि उपभोक्ताओं से वसूलती हैं। आयोग अब यह परखेगा कि ईंधन लागत के नाम पर लगाए जाने वाले शुल्क वास्तव में कितने उचित हैं।
पांच वर्षों की जरूरतः नया मल्टी ईयर टैरिफ केवल बिजली दरें तय करने तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें अगले पांच वर्षों की बिजली मांग, बिजली खरीद लागत, बिक्री का पूर्वानुमान, नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद, संचालन एवं रखरखाव खर्च, मूल्यह्रास (डिप्रिसिएशन), क्रॉस सब्सिडी अधिभार जैसे विषयों का व्यापक अध्ययन किया जाएगा।
मूल्यह्रास और अनुदान खर्च पर निगरानीः बिजली कंपनियां अपनी परिसंपत्तियों के मूल्यह्रास को भी टैरिफ में शामिल करती हैं। जैसे मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 384 करोड़ की परिसंपत्तियों का मूल्यह्रास दर्ज था, जिसका असर बिजली दरों पर पड़ता है। नए नियमों में ऐसे खर्चों की समीक्षा होगी। वहीं अनुदान की भी समीक्षा होगी।
सोलर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावाः आयोग सौर ऊर्जा को बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। यदि बिजली मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा का अनुपात बढ़ता है तो दीर्घकाल में बिजली उत्पादन लागत नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इससे पर्यावरणीय लाभ के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

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