MP में प्रमोशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर
भोपाल. प्रदेश में 2016 के बाद पदोन्नतियां प्रारंभ तो हुई मगर इसे लेकर सवाल भी उठ रहे है। कुछ विभागों में केवल नोटिस के आधार पर पदोन्नतियां रोकी जा रही है तो कुछ विभागों में अनारक्षित श्रेणी के पदों पर पदोन्नतियां नहीं दी गई। भारतीय पशु चिकित्सा परिषद ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से की है। उधर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने भी कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण की आड में पदोन्नति रोकने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच कर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए है। उधर पदोन्नति नियम 2025 को लेकर एक-दो दिनों में हाईकोर्ट जबलपुर में सुनवाई हो सकती है।
कुछ विभागों में प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर सवाल उठे
प्रदेश में बंद पदोन्नतियां फिर प्रारंभ होने से अधिकारी-कर्मचारी उत्साहित है। सभी विभागों में पदोन्नति समिति की बैठकें चल रही है, लेकिन कुछ विभागों में प्रक्रिया का पालन नहीं करने और गडबडियों को लेकर सवाल भी उठ रहे है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग में हुई पदोन्नति को लेकर भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष उमेश कुमार शर्मा ने आपत्ति की है। उन्होंन मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा कि 27 जुलाई 2026 को पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ से उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के 202 पदों के विरुद्ध पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक की गई।
पदोन्नति के लिए अनुपयुक्त घोषित किया
इनमें से लगभग 30 पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञों को पूर्व में जारी मात्र कारण बताओं नोटिस के आधार पर पदोन्नति के लिए अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया, जबकि उनके विरूद्ध कोई भी विभागीय जांच संस्थापित नहीं की गई थी और न ही कोई आरोप पत्र जारी किए गए थे। जबकि नियमानुसार आरोप पत्र जारी होने के बाद ही किसी अधिकारी को पदोन्नति के लिए अनुपयुक्त घोषित किया जा सकता है। इसके साथ ही अनारक्षित श्रेणी के 14 पदो पर जानबूझकर पदोन्नति की कार्रवाई नहीं की गई जबकि इस श्रेणी में पर्याप्त संख्या में पात्र अधिकारी पदोन्नति के लिए उपलब्ध है।
अब की जा रही है ये मांग
पदोन्नति के बाद पदस्थापना की कार्यवाही में भी अनियमितताओं की सूचना प्राप्त हो रही है। इसे देखते हुए पूरे मामले की जांच कराई जाए। विभागीय पदोन्नति की बैठक फिर की जाए और उसमें सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।

