यूनिफाइड पेंशन स्कीम के पक्ष में MP के कर्मचारी, नई योजना में है 4.5 लाख से ज्यादा कर्मचारी
भोपाल. ओल्ड पेंशन स्कीम की काट में भारत सरकार की ओर से लाई जाने वाली यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लेकर मध्य प्रदेश के कर्मचारी उत्साहित हैं। कर्मचारी नेताओं के अनुसार नई स्कीम में न्यूनतम पेंशन की गारंटी के साथ वे सभी सुविधाएं मिलेंगी जो राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन में मिलती है।
कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
यही कारण है कि सभी कर्मचारी संगठन ने न केवल इसका स्वागत किया है बल्कि सरकार से मांग भी की है कि न्यू पेंशन स्कीम में प्रदेश के जो साढे चार लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी है उन्हें इसका लाभ दिया जाए। नई योजना को प्रदेश में लागू करने से पहले इससे खजाने पर पडने वाले असर का परीक्षण सरकार वित्त विभाग से कराएगी।
न्यू पेंशन स्कीम और यूनिफाइड पेंशन स्कीम
न्यू पेंशन स्कीम वर्ष 2004 से लागू है। इसमें कर्मचारियों को 10 प्रतिशत अंशदान देना होता है। सरकार अपनी ओर से 1 प्रतिशत राशि मिलाती है। सेवानिवृत्त होने पर इसी राशि से पेंशन बनती है जो ओल्ड पेंशन की तुलना में कम रहती है। इसी कारण से इसका विरोध हुआ और चुनाव में मुद्दा भी बना। अब भारत सरकार जो यूनिफाइड पेंशन स्कीम लेकर आई है उसमें न्यू पेंशन स्कीम की सभी कमियों को दूर किया गया है।
20 वर्ष की सेवा में मिले पूरी पेंशन
हालांकि आल डिपार्टमेंट आउटसोर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव का कहना है कि योजना में संविदा और आउटसोर्स वाले कर्मचारियों का कोई उल्लेख नहीं है। इस पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि सभी विभागों में इनकी संख्या अधिक है। इसके साथ ही पूर्ण पेंशन के लिए 25 के स्थान पर 20 वर्ष का प्रावधान करके लागू किया जाए।
