लैंडस्लाइड का कहर में 93 की मौत, 400 लापता, 4 गांव बह गये और 3 भूस्खलन, केरल में 2 दिन में राजकीय शोक
तिरूवनंतपुरम. जिला कलेक्टर मेघश्री डीआर के मुताबिक, अब तक कुल 93 लोगों की मौत हो चुकी 400 लापता, 4 गांव बह गये है। इसके अलावा, मलप्पुरम में चालियार नदी में बहकर आए 9 शव बरामद किए गए। मृतकों के शवों को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए अस्पतालों में भेजा गया है. एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि मुंदक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांव भूस्खलन से प्रभावित और संपर्क से कटे हुए इलाके हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे दल
बाढ़ के पानी में बह गए वाहन पेड़ों के तने में फंसे हुए और कई जगहों पर यहां-वहां डूबे हुए देखे जा सकते हैं. जल निकायों ने अपना रास्ता बदल लिया और रिहायशी इलाकों से होकर बहने लगे, जिससे और ज्यादा तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है. रेस्क्यू टीम फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए पूरी कोशिश कर रही है, जिसमें भारतीय सेना भी शामिल है. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के अलावा, राज्य सरकार ने भी प्रभावित इलाकों में पुलिस और अग्निशमन बल से आपदा प्रतिक्रिया दल तैनात किए हैं. “कोई आकर हमारी मदद करे, हमने अपना घर खो दिया है. हमें नहीं पता कि नौशीन (परिवार की सदस्य) जिंदा है भी या नहीं. वह दलदल में फंस गई है. उसका मुंह कीचड़ और रेत से भरा है. कोई उसे बचा ले.”



