BJP में 100 से ज्यादा टिकट कटेंगे, सिंधिया गुट के मंत्री की रिपोर्ट जिताऊ नहीं
भोपाल. भाजपा की रणनीति के मुताबिक एंटी इनकम्बेंसी की काट के लिए कम से कम 100 नए चेहरे लाए जाएंगे। जब नए चेहरों को टिकट मिलेगा तो जाहिर है कि पुराने चेहरों के भीतरघात करने का जोखिम ज्यादा होगा। मोदी चुनाव अभियान को संभालेंगे तो भीतरघात को कंट्रोल करना आसान होगा। पार्टी के रणनीतिकारों को इस बात का अहसास है कि एंटी इन्कम्बेंसी की काट के लिए यहां 100 से ज्यादा टिकट काटने पड़ेंगे। ऐसे में पार्टी के भीतर उठापटक भी होगी, लेकिन मोदी की अगुवाई में इसे कंट्रोल करना आसान होगा।
सिंधिया के साथ आए विधायकों की परफार्मेंस रिपोर्ट ठीक नहीं
मध्यप्रदेश में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आए नेताओं की महत्वाकांक्षा भी बढ़ती जा रही है। भाजपा के इंटरनल सर्वे में सिंधिया गुट के मंत्री विधायकों की रिपोर्ट जिताऊ नहीं है। ऐसे में साफ है कि सत्ता हासिल करने के लिए ज्यादातर चेहरे बदलने का फैसला लेना पड़ सकता है। ऐसे में पार्टी के भीतर का पूरा ईको सिस्टम गड़बड़ा जाएगा। ऐसे में इस ईको सिस्टम को मेंटेन रखने में भी मोदी का चेहरा कारगर होगा। प्रारंभिक रिपोर्ट में ये भी पता चला है कि सिंधिया गुट के साथ आए विधायकों की परफार्मेंस रिपोर्ट ठीक नहीं है। ऐसे में इनके टिकट काटने पड़ सकते हैं। मोदी की लीडरशिप में विद्रोह कर पाना मुश्किल होगा। सिंधिया को अपने लोगों को चुप कराना पड़ेगा।
अमित शाह का एमपी की रणनीति संभालना भी इसी बात का संकेत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दो दिन पहले मध्यप्रदेश आकर यहां की चुनावी रणनीति को समझना भी इसी प्लान का हिस्सा बताया जा रहा है। मोदी-शाह के पास जो रिपोर्ट पहुंची है, उसमें बताया गया है कि मध्यप्रदेश में पार्टी के भीतर खींचतान है। कार्यकर्ता भी नाराज हैं। ऐसे में इस बार पार्टी के लिए यहां कार्यकर्ता ही मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।
शाह के साथ बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर, सीएम शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मौजूद रहे। करीब 4 घंटे तक शाह ने मध्यप्रदेश के नेताओं से यहां की मैदानी स्थिति का फीडबैक लिया है।
पार्टी रणनीतिकारों का कहना है कि शाह ने बैठक में सबसे साफ कह दिया है कि पार्टी के भीतर किसी भी तरह की खींचतान बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टिकट उन्हें ही मिलेंगे, जिनकी रिपोर्ट ग्राउंड पर पॉजिटिव मिलेगी। यानी जिनके जीतने की संभावना होगी।
