पटवारी परीक्षा परिणाम भर्ती पर CM शिवराज ने नियुक्तियों पर लगाई रोक

भोपाल. पटवारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नियुक्तियों पर रोक लगा दी। साथ ही विधायक के कालेज में बने परीक्षा केंद्र के परिणाम की नए सिरे से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। सारा विवाद भिंड से बसपा विधायक संजीव कुशवाह (अब भाजपा में) के ग्वालियर स्थित एनआरआइ कालेज आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में बने केंद्र के परिणाम को लेकर है। इसी केंद्र के 114 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। यही नहीं, परीक्षा में टाप-10 अभ्यर्थियों में से सात इसी केंद्र से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी हैं। इन्हीं दो बातों पर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे थे। इसके विरोध में गुरुवार को भोपाल, इंदौर सहित अन्य जिलों में युवाओं ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। गुरुवार सुबह से राज्य सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा गड़बड़ी से इन्कार कर रहे थे लेकिन शाम को मुख्यमंत्री ने संदेह वाले उक्त केंद्र के परिणाम की जांच करवाने का निर्णय ले लिया।

व्यापमं घोटाले के बाद सरकार ने इसका नाम बदल दिया
बता दें, पटवारी भर्ती परीक्षा कर्मचारी चयन मंडल ने करवाई थी, पहले इसका नाम व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) था। व्यापमं घोटाले के बाद सरकार ने इसका नाम बदल दिया था, पर अब इसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न उठ गए हैं। प्रदेश में इस परीक्षा को लेकर राजनीतिक वार-पलटवार भी तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं से लेकर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर जमकर घेरा।

इस तरह आरोपों के घेरे में आई परीक्षा
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने बीते मार्च-अप्रैल में ग्रुप-2 (सब ग्रुप-4) और पटवारी भर्ती परीक्षा पूरे प्रदेश में कराई थी। विवादित परीक्षा केंद्र एनआरआइ कालेज से टापर सात अभ्यर्थियों ने कुल 200 अंकों वाली परीक्षा में 174.88 से लेकर 183.86 तक अंक हासिल किए हैं। इन उम्मीदवारों के रोल नंबरों की सीरिज भी एक जैसे अंक ‘2488′ से शुरू होती है। हस्ताक्षर कालम में पांच अभ्यर्थियों ने सिर्फ अपना नाम लिखा है। इस मामले में कर्मचारी चयन मंडल का अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

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