ग्वालियर से भागे दो कोरोना संदिग्ध को डिजास्टर स्क्वॉड टीम ने दो शहरों से पकड़ा
ग्वालियर. जयारोग्य अस्पताल से दो कोरोना संदिग्ध भाग निकले थे। संक्रमण की आशंका से इनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीम को रवाना किया गया इनमें से एक भिण्ड के मालनपुर से और दूसरा शिवपुरी में मिला है। पुलिस ने दोंनों मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम को सौंप दिया है।
6 सदस्यों को भी क्वारंटाइन किया गया
मालनपुर थाना प्रभारी अशोक गोतम के बताया कि बिहारी पुत्र छोटेलाल निवासी मछण्ड रौन शुक्रवार को जेएएच से ब्लड की जांच के लिए भेजा था। सैंपल देने के बाद वह निकल भागा। किराए पर एंबुलेंस लेकर वह अपने गृहगांव पहुंच गया। एंबुलेंस चालक से जानकारी मिलने पर मालनपुर पुलिस उसके घर पहुंची उसके साथ घर के अन्य 6 सदस्यों को भी क्वारंटाइन किया गया है।
शनिवार सुबह भागे कोरोना संदिग्ध वकील प्रसाद ने चकमा देने के लिए तमाम पैंतरे अपनाए थे। उसे पता था कि अस्पताल से भागने पर पुलिस उसे एम्बूलेंस चालक के जरिए ढूंढ लेगी इसलिए एम्बूलेंस को घर तक नहीं लाया था। गांव से करीब ढाई किलो मीटर पहले एम्बूलेंस से उतर गया था। घर तक पहुंचने के लिए दामाद देवेन्द्र दोहरे और समधि राजाराम को रास्ते से ही फोन कर बुला लिया था। दोनों उसे मेनरोड से उठाकर गांव में घर तक ले गए थे।
रौन टीआई संजीव नयन शर्मा ने बताया कि संदेही वकील दोहरे ने अस्पताल में भर्ती होते समय भी हरकत की थी उसने जेएएच अस्पताल के मरीज भर्ती रजिस्टर में सिसर्फ अपना नाम दर्ज कराया था। गांव देवजू का पुरा और सरनेम दोहरे को वह छिपा गया था। शनिवार सुबह वकील जब अस्पताल से भागा तो उसके गांव का नाम पता अस्पताल के रिकॉर्ड में ढूंढे नहीं मिल रहा था। वकील भी बेफ्रिक था कि जब गांव का नाम पता अस्पताल में किसी को नहीं मालूम तो पुलिस घर तक नहीं आ पाएगी।
खटिया पर लेटा मिला
शनिवार रात को पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वकील बेफ्रिक खटिया पर लेटा था। दरवाजे पर पुलिस को देखकर सकते में आ गया। पैर में जख्म की वजह से खटिया से उठ नहीं सका उसे वहीं घेर लिया।
