अपहरण-3 वर्षीय मासूम को समय नहीं बचाती पुलिस मारकर जमीन में दफना देता आरोपी, आरोपी ने कोर्ट में किया सरेण्डर
ग्वालियर. माधौगंज में दोस्त के 3 वर्षीय वालक के अपहरण करने वाला आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। बच्चे को चन्द घंटों में पुलिस ने बचा लिया था। आरोपी नारायण बिहार की झाडि़यों में पुलिस से सामना होने पर बच्चे को छोड़कर भाग गया था। आरोपी एसएएफ के हवलदार का बेटा हैं। पुलिस ने उसे रिमाण्ड पर लिया तो एक बहुत बड़ा खुलासा उसने किया है।
उसका कहना था कि बच्चे के मा-बाप से 300 रूपये स्मैक के लिये मांगे थे तो उन्होंने नहीं दिये। तभी ठान लिया था कि इनकों जिन्दगी भर का दर्द देना है। पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो सूनसान में ले जाकर बच्चे को मारकर दफना देने की योजना थी। यह सुनने के बाद पुलिस के हाथ पैर फूल गये है। आरोपी को शाम को कोर्ट में पेश किया जायेगा।
पुलिस ढूंढती रही आरोपी न्यायालय में पहुंचा
बच्चे के अपहरण के आरोपी को पुलिय यहां वहां ढूंढती रही और शनिवार को उसने कोर्ट में पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने माधौगंज पुलिस को बुलाकर आरोपी को पुलिस रिमाण्ड पर दिया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी लेते हुए पूछताछ की है। पुलिस ने पूछताछ में पकड़े गये आरोपी ने स्वीकार कर लिया है कि उसने बालक कीमां से नशे की लत के चलते पैसों की मांग की थी। जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। उस वक्त भी उसने धमकी दी थी कि अगर उसे रूपये नहीं दिये तो वह उनके बेटे को मार देगा। बच्चे की हत्या करने के लिये ही उसने अपहरण किया था और नारायण बिहार कॉलोनी ले गया था, लेकिन पुलिस आने पर वह बच्चे को छोड़कर भाग गया था। यदि पुलिस 20 मिनट और नहीं आती तो बच्चा जिन्दा नहीं मिलता । इस संबंधमें एएसपी सत्येन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसने पैसों की मांग पूरी नहीं होने पर अपहरण करना स्वीकार लिया है।
क्या है पूरा मामला
माधौगंज की चौरसिया कॉलोनी निवासी विवेक पुत्र प्रकाश कुशवाह एक प्राइवेट कंपन में काम के साथ ही डेयरी प्रॉडक्ट की शॉप चलाते हैं। 21 अगस्त की शाम को जब वह घर पर खाना खा रहा था तो तभी दरवाजे पर उसका 3 साल का बेटा ऋषभ खेल रहा था। इसी समय उसका दोस्त पंकज तोमर दरवाजे पर आया और आवाज लगाई। विवेक ने सोचा खाना खाने के बाद जाकर देखता हूं। पर कुछदेर बाद विवेक की पत्नी ऋषभ के लिए दूध लेकर आई तो उसे सब जगह तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद उसकी छानबीन शुरू की। आसपास के लोगों ने बताया कि बच्चे को विवेक का दोस्त और कभी उसके पड़ोस में रहने वाला हवलदार संतोष तोमर का बेटा पंकज तोमर अपने साथ ले जाता दिखा था। पंकज नशे का आदी होने के साथ अपराधिक मानसिकता रखता था। विवेक तत्काल माधौगंज थाना पहुंचा था और पुलिस अफसरों को सूचना दी। माधौगंज थाना प्रभारी वर्षा सिंह ने तत्काल वरिष्ठ अफसरों को अवगत कराते हुए छानबीन शुरू की। रात्रि गश्त पर निकले तीन अन्य क्षेत्रों के थाना प्रभारियों को भी बच्चे की तलाश में लगाया गया था। 22 अगस्त रक्षाबंधन की सुबह 6 बजे पुलिस को पंकज के नारायण विहार कॉलोनी कारसदेव मंदिर से पहले देखे जाने की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस ने घेराबंदी की तो वह पुलिस से सामना होने पर बच्चे को छोड़कर भाग गया था।

