जासूस अब्बास अली 15 वर्ष की सजा काटकर लौटा पाकिस्तान, बीएसएफ ने किया पाकिस्तान के सुपुर्द
ग्वालियर. सैन्य ठिकानों की जासूसी करते हुए पकड़े गये पाकिस्तानी जासूस अब्बासअली खान को शनिवार को पाकिस्तान वापिस भेज दिया गया और वह 15 वर्ष के बाद अपने वतन वापिस लौटा है। अटारी बॉर्डर पर उसे बीएसएफ ने पाकिस्तान के रेंजरों के सुपुर्द किया। उसके साथ वह युवक भी अपने वतन लौटा जो 2 वर्ष पहले गलती से सीमा पार करके भारत आ गया था।
क्या था मामला
13 मार्च 2006 को ग्वालियर के नई सड़क इलाके से इंदरंगंज पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिक अब्बाह अली खान को सैन्य ठिकानों की जासूसी करते हुए पकड़ा था। उसे 14 वर्ष की सजा कोर्ट ने सुनाई थी। फरवरी 2021 में सजा पूरी होने के बाद कोरोना काल के चलते उसकी रिहाई नहीं हो सकी थी। उसे केन्द्रीय जेल में बने डिंटेशन सेंटर में रखा गया था। 4 दिन पहले उसकी वतन वापिसी को लेकर कागजी कार्यवाही पूरी हुई। उसे ग्वालियर पुलिस गुरूवार को अटारी बॉर्डर के लिये लेकर रवाना हुई थी।
शुक्रवार को अमृतसर पुलिस पहुंची। उसे पाकिस्तान भेजने से पूर्व कोरोना का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया। इसके अलावा अन्य कागजी कार्रवाई भी पूरी की गई। शनिवार को ग्वालियर पुलिस ने उसे बीएसएफ के सुपुर्द किया। बीएसएफ ने उसे पाकिस्तान की सीमा में भेजा। उसके साथ भाग सिंह भी था, जो जोधपुर के रास्ते भारतीय सीमा में घुस आया था। उसे बाल सुधार गृह में रखा गया था। दोनों ने वतन वापस जाते हुए कहा कि भलें ही उनके मुल्क के लोग भारत के लोगों को दुश्मन समझें लेकिन यहां पर गलती करने के बाद भी उन्हें किसी तरह की तकलीफ नहीं हुई।

