ग्वालियर और भोपाल में सेक्सटॉर्शन वीडियो कॉल्स से न्यूड वीडियो कॉल रिकॉर्ड करके ब्लैकमेल करते हैं, मप्र एक वर्ष 60 लोग से अधिक फंसाकर किये ब्लैकमेल
भोपाल. मप्र में अब सायबर फ्रॉड सेक्सटॉर्शन के जाल में लोगों को फंसाने लगे हैं, पिछले एक सालमें 60 से अधिक लोगों को जालमें फंसाकर ब्लैकमेल हो चुके हैं। यह सभी सोशल मीडिया पर महिलाओं के नाम पर फर्जी आईडी पर दोस्ती के शिकार हो चुके हैं। जालसाज वाट्सएप्प कॉल कर न्यूड लड़की के वीडियो के ेसाथ करके फंसाते आ रहे थे।
वीडियो वायरल करने की धमकी
न्यूड वीडियो रिकॉड करने के बाद सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी को ब्लैकमेल करने लगते थे। भोपाल सायबर क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही एक अंर्तराज्यीय सेक्सटॉर्शन गैंग का खुलासा किया है। यह गिरोह राजस्थान और हरियाणा में संचालित किये जा रहे हैं।
फ्रॉड से कैसे बचे
यह गैंग मप्र के अलावा गुजरात, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और दिल्ली में भी इसी तरह लोगों को फंसा रहे थे। इस तरह से फ्रॉड सेबचने केलिये वीडियो कॉल हमेशा वीडिया ऑफ करके ही बात करें। इसके अलावा फ्रंट कैमरे पर अपनी उंगली रखकर भी इस तरह के फ्रॉड होने से बचा जा सकता है।
भोपाल के युवक की शिकायत से हुआ खुलासा
भोपाल निवासी एक युवक ने बताया कि सायबर क्राइम भोपाल में शिकायत की थी। उसने बताया कि फेसबुक के माध्यम से किसी महिलाके नाम की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने पर महिला ने फेसबुक मैसेंजर पर बात की और कुछ दिनों की बातचीत के बाद वाट्सएप्प नम्बर ले लिया।
उसने वीडियो कॉल किया। बात शुरू होते ही एक सुंदर सी महिला न्यूड दिखने लगी। महिला ने उसे भी न्यूड होने को कहा। महिला की बातों में आ गया। इसी दौरान उस कॉल की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। यह सब फ्रंट कैमरे के कारण हुआ। इसी रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने लगी।
इस तरह फंसाते थे जाल में
आरोपी फर्जी मोबाइल नंबर से फेसबुक पर महिलाओं के नाम वाली व सुंदर महिलाओं की फोटो प्रोफाइल में लगाकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाते थे। ठगी के लिए लोगो को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दोस्ती करते थे। फेसबुक मैसेंजर पर बातों मेंं लेकर विश्वास दिलाकर उनका वाट्सऐप नंबर लेकर चैटिंग पर उकसाने वाली बातें करते थे। रात में वीडियो कॉल करते थे। इसमें सुंदर महिला की पोर्न वीडियो की क्लिप दिखाकर लोगो को भी उकसाते थे। युवक के न्यूड होते ही उसकी वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते थे। इसके बाद उस लोगों को वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने, परिजन व परिचितों को भेजने की धमकी देकर पैसों की मांग करते थे।
पूरे रुपए खर्च कर देते हैं
आरोपियों ने बताया कि ब्लैकमेल करने के बाद मिली रकम को बैंक से निकालकर तत्काल ही खर्च कर देते थे। अब तक आरोपियों के खातों से करीब 60.70 लाख रुपयों के लेनदेन का एक साल के दौरान खातों से जानकारी मिली है। आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 10 सिम कार्ड, 5 मेमोरी कार्ड व अन्य दस्तावेजों को जब्त किया गया है।

