गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी के बाद पहली बार मुख्य सचिव कैबिनेट बैठक से दूर रखा
सीहोर. शिवराज कैबिनेट की बैठक सीहोर के निजी रिसॉर्ट में हुई इस दौरान करीब 7 घंटे चली बैठक में स्कूल-कॉलेज बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई के अन्य तरीकों पर विचार किया गया। इस दौरान मंत्रियों ने कई सुझाव दिए। एक मंत्री ने कहा कि गांवों में संक्रमण कम है ऐसे में यहां स्कूल खोले जा सकते है। अन्य मंत्री ने कहा कि अगले 2 माह में ऑनलाइन क्लास चलने की अनुमति स्कूलों को देना चाहिए। इसे लेकर निर्णय हुआ, मंत्रियों के सुझाव कैबिनेट सब कमेटी को भेजे जाएंगे।
यह कमेटी ही स्कूलों के अलावा कॉलेजों को खोलने को लेकर सरकार को रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर फैसला लिया जाएगा। यह पहला मौका है जब मुख्य सचिव इकबालसिंह बैंस को इस तरह की बैठक से दूर रखा गया हो जबकि मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसर बैठक में मौजूद रहे। हालांकि विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को भी बैठक से दूर ही रखा गया। इससे पहले मंत्रालय के बाहर 5 जनवरी को कैबिनेट की बैठक कोलार डैम के गेस्ट हाउस में हुई थी लेकिन उसमें मुख्य सचिव समेत आला अफसर मौजूद थे।
बैठक के बारे में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने बताया कि मंत्रियों के सुझाव पर विचार करने के अलावा आम लोगों से भी फीडबैक लिया जा रहा है इसके लिए अंतिम तारीख 30 जून तय की गई है। स्पष्ट है कि स्कूल-कॉलेजों को खोलने का निर्णय अगले माह के पहले सप्ताह में लिया जा सकता है।

